Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

कहिन

खुलकर विरोध क्यों नहीं करते पत्रकार?

[caption id="attachment_16040" align="alignleft"]जॉयदीप दासगुप्ताजॉयदीप दासगुप्ता[/caption]‘आकाश बांग्ला’ न्यूज चैनल की जिस पोलिटिकल करेस्पांडेंट कोमोलिका को ममता बनर्जी की प्रेस कांफ्रेंस में घुसने से रोक दिया था, उनके पति हैं जॉयदीप दासगुप्ता। टेलीग्राफ और स्टेटसमैन में काम कर चुके जॉयदीप इन दिनों जी न्यूज के कोलकाता के ब्यूरो चीफ हैं। कोमोलिका और जॉयदीप, दोनों इससे पूर्व सहारा के न्यूज चैनलों के लिए उसके कोलकाता ब्यूरो में कार्यरत थे। पत्रकारिता को अपना ईमान-धर्म मानने वाले कोमोलिका और जॉयदीप को कभी सपने में भी अंदाजा नहीं था कि उनमें से किसी के साथ कभी ऐसा हादसा होगा कि उन्हें किसी प्रेस कांफ्रेंस में घुसने से रोक दिया जाएगा। इससे ज्यादा दुख इन्हें इस बात का है कि लोग उन्हें फोन करके घटना पर क्षोभ तो व्यक्त कर रहे हैं पर कोई खुलकर विरोध करने के लिए सामने नहीं आ रहा। कोमोलिका के साथ जो बर्ताव हुआ है, उस पर जॉयदीप अपने मन की बात कहना चाहते हैं…

जॉयदीप दासगुप्ता‘आकाश बांग्ला’ न्यूज चैनल की जिस पोलिटिकल करेस्पांडेंट कोमोलिका को ममता बनर्जी की प्रेस कांफ्रेंस में घुसने से रोक दिया था, उनके पति हैं जॉयदीप दासगुप्ता। टेलीग्राफ और स्टेटसमैन में काम कर चुके जॉयदीप इन दिनों जी न्यूज के कोलकाता के ब्यूरो चीफ हैं। कोमोलिका और जॉयदीप, दोनों इससे पूर्व सहारा के न्यूज चैनलों के लिए उसके कोलकाता ब्यूरो में कार्यरत थे। पत्रकारिता को अपना ईमान-धर्म मानने वाले कोमोलिका और जॉयदीप को कभी सपने में भी अंदाजा नहीं था कि उनमें से किसी के साथ कभी ऐसा हादसा होगा कि उन्हें किसी प्रेस कांफ्रेंस में घुसने से रोक दिया जाएगा। इससे ज्यादा दुख इन्हें इस बात का है कि लोग उन्हें फोन करके घटना पर क्षोभ तो व्यक्त कर रहे हैं पर कोई खुलकर विरोध करने के लिए सामने नहीं आ रहा। कोमोलिका के साथ जो बर्ताव हुआ है, उस पर जॉयदीप अपने मन की बात कहना चाहते हैं…


जागो पत्रकारो : कोलकाता में एक राजनीतिक पार्टी द्वारा महिला पत्रकारों के साथ बदसलूकी की घटना सबके सामने एक सवाल खड़ा करती है… क्या बंगाल में पत्रकारिता संभव है? महिला पत्रकारों पर हमले के बाद भी कोलकाता की मीडिया के अंदर किसी तरह का तीव्र गुस्सा या आक्रामकता दिखने को नहीं मिला. पत्रकार अब पार्टीलाइन में बंट चुके हैं. यह पत्रकारिकता के लिए खतरनाक है. मीडिया ही अगर बंट जाये तो पत्रकारिकता कहां संभव है! इस बार तृणमूल कांग्रेस आम चुनाव में भारी मतों से जीती और 20 सांसदों को लोकसभा में ले जाने में कामयाब रही. इसके बाद से ही ममता बनर्जी का नारा है कि बंगाल में परिवर्तन हो. वो इसमें कामयाब हो भी रही हैं. वामपंथियों के 32 सालों से ज्यादा के राज के बाद ममता के परिवर्तन की हवा में आज पत्रकार भटक गए हैं. या फिर पावर और पोजीशन की भूख पत्रकारों को काम करने से रोक रही है.

अक्टूबर 13 को ’24 घंटा’ चैनल की रिपोर्टर सोमा दास के साथ बदसलूकी और रेल मंत्री का सोमा पर हत्या का साजिश रचने का आरोप…और उसके बाद थाने में 4 घंटे तक पूछताछ…और फिर दूसरे दिन यानी 14 अकटूबर को कोमोलिका और प्रज्ञा को रेल मंत्री ममता बनर्जी के प्रेस कांफ्रेंस से बाहर कर देने की घटना. यह सब कुछ सही मायने में पत्रकार के राइट टू एक्सप्रेसन के हक को दबाना था. लेकिन किसी और चैनल या फिर समाचार पत्रों ने इसका खुल कर विरोध नहीं किया. सोमा, कोमोलिका और प्रज्ञा के पास दिन भर फोन आये कि “तुम्हारे साथ जो कुछ हुआ वो अच्छा नहीं हुआ” लेकिन किसी ने इसका खुलकर विरोध नहीं किया…

यहां तक कि कोलकाता प्रेस क्लब में ये सहमति बनते-बनते रह गई कि हम इस घटना का विरोध करेंगे… भले ही ’24 घंटा’ चैनल का झुकाव वामपंथ की ओर है लेकिन इसका ये मतलब तो नहीं कि एक पत्रकार जो किसी भी संस्था का कर्मचारी है, उसके साथ बदसलूकी हो. अन्य पत्रकार जो उसी पेशे से जुड़े हैं, वो मदद के लिए सामने नहीं आए. इसी तरह अगर सब कुछ चलता रहा है तो राजनीतिक पार्टियां पत्रकारों को आपस में भिड़ाने में कामयाब हो जायेंगी. ऐसे में क्या खाक होगी पत्रकारिता? गणतंत्र में मीडिया का फिर कोई मतलब नहीं रह जाएगा. राजनीतिक पार्टियों के शिकार होने की इस तरह की भयावह घटनाएं और न बढ़े, इसके लिए पत्रकारों को सामने आने की जरूरत है और एकजुट होकर अपने समुदाय के लोगों के हक के लिए अवाज उठाने की जरूरत है. अगर हम लोग भी पार्टी लाइन में बंटे रहे तो फिर अपने कर्तव्य का निर्वाह किस तरह कर पाएंगे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...