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चैनल शुरू करने के कारण निशाने पर : अरुप

[caption id="attachment_16305" align="alignleft" width="159"]अरुप चटर्जीअरुप चटर्जी[/caption]छापे में उन लोगों को मेरे घर से सिर्फ पैंतीस सौ रुपये की नकदी और थोड़े से गहने मिले : मैं ऐसा बहुत कुछ जानता हूं जिसके आधार पर कई मीडिया हाउसों पर सवाल खड़े हो सकते हैं : ‘न्यूज 11’ के पीछे कोई नहीं है. जो भी हैं, सामने हैं, आगे हैं : खबरों का बनाया आदमी हूं और अब तो खुद भी खबर बन चुका हूं : छिपकर मेरे उपर हमला करने वाला पत्रकार नहीं हो सकता : पत्रकार अरुप चटर्जी ने अपना झारखंड और बिहार केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल ‘न्यूज 11’ को लांच कर दिया। मधु कोड़ा से रिश्ते रखने के आरोपों और घर पर छापे की कार्यवाहियों के बावजूद अरुप ने चैनल को लांच करने के काम को रोका नहीं। वे लगे रहे। भड़ास4मीडिया ने अरुप से संपर्क कर उन पर लगे आरोपों और उनके न्यूज चैनल के संबंध में बातचीत की। पेश है बातचीत के अंश-

अरुप चटर्जी

अरुप चटर्जी

छापे में उन लोगों को मेरे घर से सिर्फ पैंतीस सौ रुपये की नकदी और थोड़े से गहने मिले : मैं ऐसा बहुत कुछ जानता हूं जिसके आधार पर कई मीडिया हाउसों पर सवाल खड़े हो सकते हैं : ‘न्यूज 11’ के पीछे कोई नहीं है. जो भी हैं, सामने हैं, आगे हैं : खबरों का बनाया आदमी हूं और अब तो खुद भी खबर बन चुका हूं : छिपकर मेरे उपर हमला करने वाला पत्रकार नहीं हो सकता : पत्रकार अरुप चटर्जी ने अपना झारखंड और बिहार केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल ‘न्यूज 11’ को लांच कर दिया। मधु कोड़ा से रिश्ते रखने के आरोपों और घर पर छापे की कार्यवाहियों के बावजूद अरुप ने चैनल को लांच करने के काम को रोका नहीं। वे लगे रहे। भड़ास4मीडिया ने अरुप से संपर्क कर उन पर लगे आरोपों और उनके न्यूज चैनल के संबंध में बातचीत की। पेश है बातचीत के अंश-

-कहा जा रहा है कि आप ‘कोड़ा एंड कंपनी’ के हिस्से हैं. आप के घर छापा भी पड़ा. आप पर कई अन्य आरोप भी लग रहे हैं. क्या कहेंगे आप?

–मैं अठारह साल से पत्रकार हूं. अपने हाथों से न्यूज प्रिंट का रीला ढोया है और आज चैनल चला रहा हूं. जाहिर है, इस दौरान हजारों लोगों से मिलना-जुलना हुआ है. इसमें मुख्यमंत्रियों से लेकर सड़क किनारे ठेला लगाने वाले तक शामिल हैं. खबरों के सिलसिले में मैं मधु कोड़ा से कितनी बार मिला हूं, इसका हिसाब-किताब मेरे पास नहीं हैं लेकिन आज सिर्फ मुझसे ही सवाल किए जा रहे हैं क्योंकि मैंने एक चैनल शुरू किया है. सवाल करने वालों में सिर्फ इन्कम टैक्स ही नहीं है, मीडिया भी इसमें अनुपात से ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है.

इन्कम टैक्स के छापे में कुछ नहीं निकला. मेरे घर से पैंतीस सौ रुपये की नकदी और थोड़े से गहने मिले हैं. फिर भी इसको मेरे उपर हमला करने का एक मौका बना दिया गया. बड़े-बड़े मीडिया हाउस मुझे निशाना बना रहे हैं. हकीकत ये है कि मैं एक जिद्दी पत्रकार हूं और जिद में ही कुछ व्यवसायियों के सहयोग से एक चैनल खड़ा किया है. मेरे साथ रीजनल न्जूज चैनलों और अखबारों के वैसे लोग जुड़े हैं जिनकी निष्ठा और इमानदारी का इतिहास रहा है.

जहां तक आरोपों की बात है तो पत्रकार होने के नाते मैं ऐसा बहुत कुछ जानता हूं जिसके आधार पर कई मीडिया हाउसों पर सवाल खड़े हो सकते हैं लेकिन पत्रकारिता के उसूलों की सीमा मैं नहीं लांघना चाहता. आरोप सिद्ध हुए तो कानून सजा देता है. मुझे समझ में नहीं आता कि लोग इतना बेचैन क्यों हैं?

-आपने न्यूज चैनल ‘न्यूज 11’ के पीछे कौन लोग हैं, यह बात मीडिया जगत के लोग जानना चाहते हैं.

–‘न्यूज 11’ के पीछे कोई नहीं है. जो भी हैं, सामने हैं, आगे हैं. कोई चाहे तो दस्तावेजों में ढूंढ सकता है. मेरे साथ कुछ वरिष्ठ युवा पत्रकार हैं, कुछ व्यवसायी हैं और मां छिन्नमस्तिके का आशीर्वाद है. मेरे चैनल का स्लोगन है… ‘सच है तो दिखेगा’.

-झारखंड में करप्शन एक मुद्दा बन गया है. इस पर आपकी क्या राय है?

–करप्शन झारखंड का ही नहीं बल्कि पूरे देश का हिस्सा बन चुका है. झारखंड का दुर्भाग्य है कि यहां भ्रष्टाचार तो खूब हुआ पर विकास नहीं हो पाया. झारखंड की धरती को लोग बाहर बैठकर लूट लेते हैं. इसमें सभी तरह के लोग हैं. मीडिया के लोग भी हैं. इसी बात को लेकर बेचैनी थी. इसीलिए मैं चैनल चला रहा हूं. वो भी नोएडा से नहीं, रांची से चैनल चला रहा हूं ताकि इसी जमीन से ताकत लूं और इसी जमीन के काम आ सकूं. ‘न्यूज 11’ हर उस आदमी के साथ है जो झारखंड को आगे बढ़ाना चाहता है.

 -चैनल कब लांच किया और इसको कैसे लोकप्रिय बनाएंगे?

–चैनल 14 नवंबर को लांच कर दिया गया है. यह चैनल शुरू होने से पहले ही लोगों की नजर में आ चुका है. रहा सवाल लोकप्रियता का तो मेरे दुश्मन को भी ये मानना पड़ेगा कि मेरे पास बिहार-झारखंड की सबसे अच्छी टीम है. स्लोगन फिर से दोहराउंगा…’सच है तो दिखेगा’. और अगर सच लोकप्रिय हो सकता है तो ‘न्यूज 11’ भी लोकप्रिय होगा.

-चैनल को कहां तक ले जाएंगे?

–खबरों का बनाया आदमी हूं और अब तो खुद भी खबर बन चुका हूं. जब तक सांस चलेगी, खबरों की दुनिया को सींचता रहूंगा. मैंने चैनल के लिए कोई सीमा तय नहीं की है. मुझे गर्व है न्यूज इलेवन पत्रकारों का चैनल है. जब पत्रकार किसी मालिक का चैनल चलाते हैं उसे अपनी ताकत भर आगे बढ़ाते हैं. ‘न्यूज 11’ को वो अपनी सीमा से बाहर जाकर मजबूत कर रहे हैं.

एक कहावत है कि कुत्ता कुत्ते का मांस नहीं खाता. पर आज पत्रकारिता जगत से भी मेरे उपर बेवजह हमले हो रहे हैं. छिपकर मेरे उपर हमला करने वाला पत्रकार नहीं हो सकता. और जो वाकई पत्रकार है, वो मेरा साथ जरूर देगा.

देश के सभी पत्रकारों का न्यूज इलेवन की तरफ से अभिवादन करता हूं. धन्यवाद.

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0 Comments

  1. amod kumar

    May 31, 2010 at 1:05 pm

    Namaste bhaiya,
    Achha aur sahi kam karne wala aadmi ko hamesha mausham ke utar chadhao ko
    jhelna padta hai.Ground level ke aadmi ko uoper uthna sabko jalan paida karta hai , khair jeet imandari ki hi hoti hai bhiya.

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