
जब मैं मुश्किल में था तो पार्टी ने नहीं, परिवार ने साथ दिया : मुलायम-अखिलेश के ओवर कांफिडेंस से हारे : अगर आरोप है तो सपा से मुझे छुट्टी दे दें : अमितजी मुझे राजनीति छोड़ने की सलाह देते हैं : अमर सिंह खुद को समाजवादी पार्टी में तनहा महसूस कर रहे हैं। वो पार्टी नेताओं से नाराज़ भी दिख रहें हैं। न्यूज़ 24 की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद से उनके कार्यक्रम ‘आमने-सामने‘ में भी अमर की मुलायम के परिवार से खीझ व पार्टी से मोहभंग साफ दिखा।
पूरे इंटरव्यू के दौरान समाजवादी पार्टी से अमर सिंह की नाराज़गी बार-बार तल्खी भरी बातों के तौर पर सामने आई लेकिन अमर सिंह ने अनुराधा को साफ बता दिया कि सिंगापुर में ऑपरेशन के दौरान उन्हें ये अहसास हो गया कि कौन अपना है और कौन पराया। उन्होंने कहा- ”ईश्वर न करें कल को मैं अपनी पुरानी स्थिति में आउंगा तो मैं ये देख चुका हूं कि जब क्रिटिकल सिचुवेशन होती है तो उस समय परिवार ही साथ रहता है, परिवार ही अफेक्टेड होता है। पार्टी नहीं रहती। पार्टी… एज ए होल… आप पार्टी के लिए उपयोगी हैं पार्टी आपका इस्तेमाल करती है।”
वे आगे कहते हैं- “आंतें न हो और दोनों किडनी न हो… मतलब कि सिस्टम ही कोलैप्स है और you are numbering your days to go from this world तो उसमें तो आपको जीवन की सच्चाई सामने दिखती है कि कौन आपका है और कौन आपका नहीं है… उसके बाद आप आकलन करते हैं… पूरा एसेसमेंट करते हैं।”
अमर सिंह पश्चाताप करते हैं…“आई एम मोर इंट्रेस्टेड इन माई चिल्ड्रेन, माई फेमिली… क्योंकि उनके साथ मैंने निश्चित रुप से अन्याय किया है… जब मैं बीमार था तो पार्टी से ज्यादा परिवार था मेरे साथ… बच्चन परिवार, अंबानी परिवार।”
अमर सिंह को बताया गया कि अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव उन्हें देखने पहुंचे थे तो इस पर अमर सिंह तुरंत बोले… “मुलायम सिंह भी सिर्फ एक बार आए थे। हम ये जरूर कहेंगे कि पार्टी से ज्यादा हमारा परिवार… अनिल, टीना, अमिताभ जी, जया जी, अभिषेक, ऐश्वर्या, 4 महीने तक पूरी शूटिंग छोड़ कर सारा काम छोड़ कर 24×7 साथ रहे.. ये कोई सामान्य बात नहीं है… औपचारिक नहीं है। ये बडी़ अनौपचारिक बात है… ये बहुत सुखद बात है।”
अमर सिंह का कहना है कि पार्टी में खामियों और गल्तियों का ठीकरा उनके सर फोड़ा जा रहा है जबकि वो तो केवल पार्टी नेताओं के फैसलों को अमली जामा पहनाने का काम करते रहे। फिरोज़ाबाद विधानसभा उपचुनाव में हार के लिए अमर सिंह ने मुलायम सिंह और परिवार के ओवरकांफिडेंस को जिम्मेदार ठहराया। अखिलेश यादव से अमर सिंह खासे नाराज़ दिखाई दिए। हार पर अमर सिंह बोले.. “इन लोगों ने फिरोजाबाद को अपना गढ़ समझा… रायबरेली अमेठी में कितना समय इंदिराजी या सोनियाजी या राहुलजी देते हैं.. ये लोग समझते हैं मेरा गढ़ है.. चले गए, मिल लिए और हम तो जीत ही जायेंगे… तो यहां पर तो मुलायम सिंह जी ने पूरे प्रचार में मायावती जी की तर्ज पर प्रचार ही नहीं किया और ये हमारी कांप्लीकेंसी है।”
इस सवाल पर कि क्या अखिलेश यादव के ओवर कांफिडेंस के कारण फिरोज़ाबाद की सीट हाथ से चली गई, अमर सिंह ने बिना लाग लपेट कहा…“केवल अखिलेश अकेले का नहीं… अखिलेश का, मुलायम सिंह जी का और पूरे परिवार का ओवर कांफिडेंस और हमारी रुग्ड़ता।”
सपा को पांच सितारा कल्चर वाली पार्टी बनाने के आरोप पर अमर सिंह कहते हैं…”ये आरोप हमारे दल के लोगों ने भी लगाया, मोहन सिंह जैसे लोगों ने लगाया एक बार, एक दो बार जनेश्वर मिश्र जी ने लगाया। सामने बोले तो हम उसका उत्तर दें… हमने कई बार दिया है… मैं अपना जन्मदिन इसलिए नहीं मनाता क्योंकि उसमें बहुत लोग आते थे और कहा जाता था कि बहुत ग्लैमरस बर्थडे सेलीब्रेशन करते हैं…. तो मैने मनाना बंद कर दिया… ये मेरे हाथ में है। मैं मोहन सिंह जी से पूछना चाहता हूं कि वो अपने हृदय पर हाथ रख कर बताएं कि उनके सुख-दुख में कितनी उन्होंने अपेक्षा की और कितना उनके साथ नहीं रहा हूं। स्वयं उनके कार्यक्रम में उन्होने संजय दत्त का कार्यक्रम क्यों लिय़ा। देखिए, कथनी-करनी का भेद समाजवादियों को नहीं रखना चाहिए। मोहन सिंह जी क्या कहते हैं, जनेश्वर जी क्या कहते हैं, क्या सोचते हैं, हमारे बडे़ नेता हैं, उस पर मैं टिप्पणी नहीं करुंगा। लेकिन मैं तो ये स्पष्ट कहता हूं और इस शो पर भी कह रहा हूं कि अगर इन नेताओं का ये आरोप है, हमारे सामने तो किसी ने नहीं कहा…. तो समाजवादी पार्टी से हमें छुट्टी दे दें। हमें कोई आपत्ति नहीं बल्कि हमें तो मेडिकल एडवाइस से भी मुझे घर बैठना चाहिए। मैं तो अपने व्यक्तित्व और शरीर से अत्याचार कर रहा हूं। और सिर्फ इसलिए क्योंकि मुलायम सिंह जी के संक्रमण और संकट का समय है। मैंने उनसे कई बार कहा है कि मुझे छोड़ दीजिए।”
जब उनसे पूछा कि क्या समाजवादी पार्टी से उनका मोह भंग हो रहा है तो अमर सिंह ने कहा…“मोह भंग नहीं हो रहा लेकिन समय के साथ जिस बदलाव की जरूरत है और जिस गति की जरूरत है उस गति की हमारे दल में कमी है।”
अमर सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा…“अमिताभ जी का तो बहुत ज्यादा विचार है कि राजनीति ठीक नहीं है, छोडि़ए। वो तो कहते हैं कि छोडि़ए आप यह सब… किताबें पढ़िए, पिक्चर देखिए, घूमिए, छोटा मोटा बिजनेस कीजिए, बच्चों के साथ समय बिताइए। इतने दिनों तक आपने परिवार को निग्लेक्ट किया है। निश्चित रुप से उनका ये विचार है।”
अमर सिंह के साथ अनुराधा प्रसाद का ये पूरा इंटरव्यू आप देख सकते हैं न्यूज़ 24 पर आज रात 10 बजे। प्रेस रिलीज











