लखनऊ : भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ नये वर्ष में अपने सदस्यों, पत्रकारों/छायाकारों का सामूहिक दुर्घटना बीमा करायेगा. साथ ही पत्रकारों पर पुलिस उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर रोक हेतु प्रभावी कदम उठायेगा। उक्त घोषणा आज राजधानी में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की बैठक को सम्बोधित करते हुये संघ के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव रिजवान चंचल ने की।
श्री चंचल ने बताया कि करीब 250 सदस्यों के बीमा फार्म भराये जा चुके हैं तथा बीमा लाभ से वंचित रहे सदस्यों के फार्म भी शीघ्र ही भरवा लिये जायेंगे। श्री चंचल ने आये दिन पत्रकारों पर हो रहे जानलेवा हमलों व पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही हेतु शीघ्र ही मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती से भेंट कर ज्ञापन देने का भी निर्णय लिया। मोहनलालगंज में पुलिस द्वारा सपाइयों पर किये जा रहे लाठी चार्ज के दौरान फोटो कवरेज कर रहे फोटोग्राफर जयद कुमार वाजपेई पर पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्यवाही पर महासंघ ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक का संचालन संघ के वरिष्ठ सचिव आरके पाण्डेय ने तथा अध्यक्षता संघ के राष्ट्रीय संरक्षक राम प्रकाश वरमा ने की। बैठक में महासंघ के राष्ट्रीय संरक्षक मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी, प्रान्तीय प्रवक्ता अजय विक्रम सिंह, वरिष्ठ पत्रकार हरिपाल सिंह, जगदम्बा प्रसाद शुक्ल, वीरेन्द्र कुसुमाकर सहित दर्जनों पत्रकार, साहित्यकार उपस्थित रहे।












firoz khan, lemon tv, mumbai
February 4, 2010 at 4:03 pm
बहुत अच्छी पहल है… मैं भी भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ का सदस्य बनना है…
नरेंद्र भाटी
February 4, 2010 at 5:24 pm
यह एक सकारात्मक कदम है। हमारी संस्था ‘राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण ट्रस्ट’ इस दिशा में अपना कार्य शुरु भी कर चुकी है। हमारी संस्था ने पहले चरण में नोएडा के 40 पत्रकारों का स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से करवा दिया है। इसके अलावा देश भर में हमारी संस्था की शाखाओं में बीमा के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं। उम्मीद है इस महीने के अंत तक कार्य पूरा हो जाएगा। इसके पूर्व हमारी संस्था ने कई अन्य पत्रकारों की भी विभिन्न प्रकार से मदद की है। राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण ट्रस्ट ने आर्थिक तौर पर कमजोर कई पत्रकार बंधुओं को उनके परिवार में होने वाले आयोजनो में भी मदद की है। कइयों की बहन-बेटी की शादी में हमने आर्थिक मदद भी की है। यहां उन पत्रकार बंधुओं की गरिमा का ध्यान रखते हुए उनका नाम सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। हमारी संस्था के बारे में http://www.patrakar.org पर भी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसके अलावा हमें [email protected] पर ई-मेल भी किया जा सकता है।
dhirendra MIshra
February 4, 2010 at 5:35 pm
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Chandra Prakash Dwivedi
March 22, 2010 at 6:35 am
kahne s kya kuch kiya jae to thik hai