शशिशेखर। अमर उजाला के ग्रुप एडीटर और प्रेसीडेंट (न्यूज)। हिंदी मीडिया की मशहूर और चर्चित शख्सियत। शून्य से शिखर की यात्रा करने वाला एक सेल्फ मेड व्यक्तित्व। जहां रहे वहां दिल से रहे, विश्वास के साथ रहे, ईमानदारी के साथ रहे। सर्वोत्तम दिया और अपने साथियों को बेस्ट देने के लिए प्रेरित किया। नतीजा- सफलता हमेशा उनके कदमों को चूमती रही। अपने दम पर, अपने बल पर, अपनी मेहनत से, अपनी निष्ठा से, अपनी दूरदृष्ठि से वो सब हासिल किया जो एक पत्रकार का ड्रीम होता है।
कुल 28 वर्षों के पत्रकारीय करियर में अमर उजाला से पहले दो संस्थानों में रहे। 20 वर्ष आज अखबार के साथ। डेढ़ साल आज तक के साथ। 26 जुलाई 2002 से अमर उजाला में हैं। हिंदी पत्रकारिता को अपने दम पर नई दिशा, सोच, दृष्टि व तेवर देने वाला यह व्यक्तित्व मात्र 24 वर्ष की उम्र में ही संपादक बन बैठा था।
शशिशेखर नाम के व्यक्तित्व के साथ सफलताओं की लंबी लिस्ट है तो उन पर आरोपों की भी बड़ी फेहरिस्त है। उनके चाहने वाले जितने हैं तो उनसे कम उनके विरोधी भी नहीं हैं। बहादुर और ऊर्जावान व्यक्तित्व वाले शशिशेखर के संवेदनशील व्यक्तित्व के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। कुछ चीजों को लेकर उनकी आंखें आज भी डबडबा जाती हैं।
क्या हैं ये आरोप? कौन हैं ये विरोधी? क्यों भर आती हैं आंखें?
यह सब खुद बताएंगे शशिशेखर। भड़ास4मीडिया के पाक्षिक स्तंभ ‘हमारा हीरो’ में इस बार शशिशेखर। हिंदी मीडिया के इस नंबर वन न्यूज पोर्टल पर 15 सितंबर को शशिशेखर के निजी जीवन से लेकर उनके घर-परिवार, सफलताओं, विवादों, सोच, भविष्य की योजनाओं आदि के बारे में विस्तार से पढ़िए।
अगर शशिशेखर से आप कुछ सवाल करना चाहते हैं तो आप हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं। अनुरोध करने पर आपका नाम गुप्त रखा जाएगा।











