Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

हलचल

झुमके वाले शहर के बाजार में खून गिरा, कई इलाकों में कर्फ्यू

जिस बरेली शहर को राजपूत कठेरिया राजा बॉस देव और बरल देव ने बसाया, जिस बरेली का नाम रुहिल्ला सरदारों की राजधानी के चलते हुए, जिस बरेली शहर को नबाब खानबहादुर खान और उनके मंत्री मुंशी शोभा राम ने 31 मई 1857 को अंग्रेजों से आजाद घोषित कर दिया, उसी बरेली में आज हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क उठने की खबर है। चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू है। प्रशासन ने लोकल केबल संचालन बंद करा दिया है जिससे टीवी पर न्यूज चैनल नहीं दिख रहे हैं। इस कारण अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है।

जिस बरेली शहर को राजपूत कठेरिया राजा बॉस देव और बरल देव ने बसाया, जिस बरेली का नाम रुहिल्ला सरदारों की राजधानी के चलते हुए, जिस बरेली शहर को नबाब खानबहादुर खान और उनके मंत्री मुंशी शोभा राम ने 31 मई 1857 को अंग्रेजों से आजाद घोषित कर दिया, उसी बरेली में आज हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क उठने की खबर है। चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू है। प्रशासन ने लोकल केबल संचालन बंद करा दिया है जिससे टीवी पर न्यूज चैनल नहीं दिख रहे हैं। इस कारण अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है।

बरेली शहर स्थित कोतवाली के प्रेमनगर, किला और बारादरी क्षेत्रों में आज शाम कर्फ्यू लगा दिया गया। यह कदम एक धार्मिक जुलूस निकाले जाने से ठीक पहले दो समुदायों के बीच हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने उठाया। धार्मिक जुलूस निकालने से पहले शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके कोहाडापीर, चाहबाई किला और मठ की चौकी इलाकों में दो समुदायों में जमकर पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। दुकानें लूटी गईं। 15 मकानों-दुकानें आग के हवाले कर दी गईं। कोहाडापीर पुलिस चौकी के पास धार्मिक स्थल में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई।

उग्र भीड़ ने सरकारी-गैरसरकारी कुल 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव-फायरिंग में पुलिसकर्मियों समेत 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। सूचना मिलते ही बरेली जोन के पुलिस महानिरीक्षक भानु प्रताप सिंह और बरेली के मण्डलायुक्त माजिद अली मौके पर पहुंच गए। हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। स्थिति बेकाबू होते देख प्रशासन ने देर शाम कोतवाली, प्रेमनगर, किला और बारादरी क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने व अपने-अपने घरों में बने रहने की अपील की है। दो समुदायों में हिंसा के बाद शहर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा प्रबंध बढ़ा दिया गया है। अफवाहबाजों से सतर्क रहने की अपील आम लोगों से की जा रही है।

उधर, बरेली में कर्फ्यू लगने के बाद अखबारी जंग ज्यादा तेज होने की बात कही जा रही है। संभव है, जागरण, हिंदुस्तान समेत कई अखबार दंगों को भुनाने में लग जाएं। ज्यादा से ज्यादा अफवाहों, घटनाओं, बातों, हिंसा को कवर करने की होड़ में ये अखबार कई गलत चीजों का भी प्रकाशन कर सकते हैं। इससे डर है कि सुबह अखबार बंटने के बाद कहीं फिर हिंसा न भड़क जाए। ऐसे में बरेली के संवेदनशील लोगों ने पत्रकारों व संपादकों से अनुरोध किया है कि वे अखबार में हिंसा की घटना को संयत व संतुलित तरीके से पेश करें और कुछ ऐसा करें जिससे शहर में अमन खत्म करने वालों के मंसूबे पस्त हो सकें। ऐसे ही नाजुक मौकों पर मीडिया का रोल आम आदमी के पक्ष में हो सकता है। अगर हिंसा को हिंदू-मुस्लिम के परंपरागत चश्मे से देखकर दोषी हिंदू है या मुस्लिम है, की पड़ताल होने लगी तो असामाजिक तत्वों के इरादे सफल हो जाएंगे और नेताओं को धर्म के नाम पर वोट की राजनीति करने का मौका मिल जाएगा।

बरेली के लोग हिंसा की ताजा घटना से परेशान हो उठे हैं। बरेली वासियों का कहना है कि इस शहर का इंसान कभी हिंसा या दंगा नहीं कर सकता। जरूर इसके पीछे नेताओं या फिर बदमाशों का हाथ है। अपने शहर बरेली के बारे में ब्लागर धीरू सिंह ने अपने ब्लाग पर ”बरेली मेरी जान” शीर्षक से कुछ यूं लिखा है- ”बरेली मेरा शहर एक ताज़ा सा हवा का झोंका महसूस होता है हर दम, गंगा जमुनी तहजीव की शानदार मिसाल है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन, बौद्ध और भी कई धर्म यहां खुली हवा में सांस लेते हैं। अनेक पंथ, सम्प्रदाय, जाति एक धागे से बंधे हैं, प्रेम के धागे से। शानदार मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, कई पुराने चर्च यहां की धरोहर हैं। कहते हैं जो एक बार यहां रह लिया वह यहां का निवासी हो गया। कोई ताज नहीं, कोई किला नहीं, कोई कुतुबमीनार नहीं, लेकिन मोहब्बत है ताकत, गौरवशाली इतिहास है हमारे बरेली का। भोले शंकर और आला हज़रत महान का शहर है बरेली।”

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. jaatak

    March 2, 2010 at 10:11 pm

    “…..बरेली शहर स्थित कोतवाली के प्रेमनगर, किला और बारादरी क्षेत्रों में आज शाम कर्फ्यू लगा दिया गया…..”…….”…प्रशासन ने देर शाम कोतवाली, प्रेमनगर, किला और बारादरी क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया…” ??????

    “…यह कदम एक धार्मिक जुलूस निकाले जाने से ठीक पहले दो समुदायों के बीच हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने उठाया। धार्मिक जुलूस निकालने से पहले शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके कोहाडापीर, चाहबाई किला और मठ की चौकी इलाकों में दो समुदायों में जमकर पथराव और फायरिंग शुरू हो गई…” ….”…ऐसे ही नाजुक मौकों पर मीडिया का रोल आम आदमी के पक्ष में हो सकता है। अगर हिंसा को हिंदू-मुस्लिम के परंपरागत चश्मे से देखकर दोषी हिंदू है या मुस्लिम है, की पड़ताल होने लगी तो असामाजिक तत्वों के इरादे सफल हो जाएंगे….” ;D;D;D;D hope u get it Yashwant ji….

    and this Dheer Singh….. a very pedestrian write up…

    Peace :):)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...