Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

हलचल

मोदी के तानाशाह अफसरों को पत्रकारों ने सबक सिखाया

गुजरात के सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों के प्रवेश पर लगी पाबंदी जबरदस्त विरोध के बाद सोमवार को हटा ली गई। पत्रकारों ने सरकार के इस आदेश के खिलाफ विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सचिवालय में भी हंगामा मचाया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने इस आदेश को वापस ले लिया और बुधवार को पत्रकारों से चर्चा के बाद ही इस पर कोई फैसला लेने की घोषणा की।

गुजरात के सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों के प्रवेश पर लगी पाबंदी जबरदस्त विरोध के बाद सोमवार को हटा ली गई। पत्रकारों ने सरकार के इस आदेश के खिलाफ विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सचिवालय में भी हंगामा मचाया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने इस आदेश को वापस ले लिया और बुधवार को पत्रकारों से चर्चा के बाद ही इस पर कोई फैसला लेने की घोषणा की।

स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव आई.एम. कुरैशी ने 2 फरवरी 2010 को एक परिपत्र जारी कर गुजरात के सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने बताया कि मीडिया में कई बार तथ्यविहीन व गलत समाचार दिखाए और प्रकाशित किए जाते है जिससे प्रशासन की छवि धूमिल होती है। उन्होंने प्रेस काउंसिल आफ इडिया की पत्रकार आचार संहिता-2005 का हवाला देते हुए राज्य के सभी अस्पतालों, मेडिकल, डेटल व फिजियोथेरेपी कालेजों को परिपत्र जारी कर पत्रकारों के परिसर में आने पर प्रतिबंध का निर्देश दिया था।

पत्रकारों को कवरेज के लिए जाने की शर्त में कहा गया था कि अस्पताल अधीक्षक से लिखित अनुमति प्राप्त कर ही वे भीतर प्रवेश कर सकते है। ऐसा नहीं होने पर अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी से प्राप्त सूचना से ही काम चलाना पड़ेगा। सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान पत्रकारों ने विधानसभा परिसर और सचिवालय में इस मुद्दे पर हंगामा किया। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास से अपना विरोध जताया। अहमदाबाद में नाराज पत्रकारों ने सिविल अस्पताल परिसर में धरना दिया और सरकारी आदेश की होली जलाकर अपना विरोध जताया। साभार : दैनिक जागरण

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. daulat singh chauhan

    March 10, 2010 at 1:51 am

    नौबत क्यों आई
    वैसे मोदी सरकार की दम्भी कायर्प्रणाली जग जाहिर है लेकिन मीडिया के लोगों को भी इस बात पर विचार जरूर करना चाहिए कि इस तरह का आदेश निकालने की आखिर नौबत क्यों आई। एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा के चलते कई बार क्या मीडिया कर्मी यह नहीं भूल जाते कि खबर से पहले मरीज का इलाज जरूरी है। कितनी घटनाओं में देखा जाता है कि मरीज का ऑपरेशन करने जा रहे डॉक्टर के रास्ते में रोक कर मीडियकर्मी पहले उनके सवालों का जवाब देने की जिद करते हैं। मरीज की हालत साफ दिखती है फिर भी उससे यह पूछते हैं कि आपको कैसा महसूस हो रहा है। मीडिया के अस्पताल या वार्ड में जा धमकने से इलाज में जुटे चिकित्साकर्मियों में बेवजह ही दहशत फैल जाती है और वे अपना काम ठीक तरीके से अंजाम नहीं दे पाते।
    -दौलतसिंह चौहान

  2. sapan yagyawalkya

    March 9, 2010 at 9:53 pm

    janhit main yah jaruri hai ki jahan bhi media ko kam karne se roka jaye, uska sangthit virodh ho.media janta ke liye hi kam karta hai. isliye aisi ladai main janta ko bhi pura samarthan dena chahiye. Sapan Yagyawalkya Bareli (MP)

  3. Archana Verma

    March 9, 2010 at 8:51 pm

    This is an important post about a timely protest by the mediapersons. It is essential that this kind of State’s encroachment upon the freedom of expression is countered immediately. It’s bad enough that Modi is ruling by the strength of communal violence, it is certainly deplorable that his government has conspired to silence the freedom of expression in Gujarat. The media’s opposition and victory is commendable in this.

    Please visit my two blogs and express your comments if you like – http://archanablogging.wordpress.com and http://tropicandstorm.blogspot.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...