आईपीएल के मीडिया मैनेजरों का भेदभाव : आईपीएल से जुड़े मीडिया के काम देख रही कंपनी ने एक फरमान जारी किया है कि मैच में एक अखबार से एक पत्रकार को कवरिंग डेस्क एरिया में बैठने की अनुमति होगी. लेकिन यह नियम सब पर लागू नहीं हो रहा है. इस कंपनी की कृपादृष्टि से कुछ अखबारों और समाचार एजेंसियों से एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन पत्रकार बैठे दिख रहे हैं.
अपने ही नियमों की खुद धज्जियां उड़ाने वाले लोग इस बारे में सवाल पूछ जाने पर रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं। उधर, टीवी चैनलों के पत्रकारों के लिए मीडिया लाउंज में बैठ कर टीवी पर ही मैच देखने की व्यवस्था की गई है। यानि स्टेडियम आओ, लेकिन मैच मैदान पर नहीं बल्कि टीवी पर ही देखो! धन्य है आईपीएल की महिमा.












himanshu singh
March 19, 2010 at 5:55 am
अब मोदी जी, मीडिया के खौफ से काफी डर गये हैं। पता नहीं कौन चैनल किस खबर को किस तरीके से पेश करदें। डर तो लगता है..बास….. लेकिन जो भी हो ये एक सोची समझी साजिश है, जिसका आने वाले समय में और बुरा प्रभाव दिखेगा। आज आईपीएल कल पता नहीं कहां कहां मीडिया को जाने की अनुमती नहीं मिलेगी। कहीं ना कहीं इसके जिम्मेदार हम मीडिया वाले भी हैं……….
mukeshgoel
March 19, 2010 at 7:01 am
yaj kasi yayvstha?