छह महीने पहले सितंबर में पिछले साल जब मुझे आज समाज की संपादकीय टीम को संभालने के लिए जॉब का आफर मिला था तो मैं काफी असमंजस में था। उस वक्त मेरे जेहन में दो तरह के विचार चल रहे थे। एक, क्या इस शरह को एक और अखबार की जरूरत है। दूसरा, क्या हमारे जैसा नया ब्रांड ऐसे शहर में अपना कामयाब मुकाम बना पाएगा?
खासकर तब जबकि पहले से ही कई बड़े नाम टॉप स्लॉट में जगह बनाने और शहरवासियों के मनमस्तिष्क में छाने के लिए एक दूसरे से मुकाबला कर रहे हों। मुझे पूरा यकीन है कि ऐसे ही विचार कई और लोगों और हमारे पाठकों के जेहन में भी आए होंगे। इसके अलावा एक और बड़ा सरोकार जो कुछ निजी किस्म का है वो यह कि मैंने करीब दो दशकों तक अंग्रेजी जर्नलिज्म में काम किया है, क्या मैं किसी ऐसी भाषा में नया अखबार पेश कर सकूंगा जिसमें मेरी खास महारत न रही हो। इस जॉब के लिए हां करना मेरे लिए आसान फैसला नहीं था परंतु जब मैंने एक के बाद एक इन दिक्कतों से जूझना शुरू किया तो मुझे अहसास हुआ कि यहां वास्तव में एक और अखबार की गुंजाइश है, एक ऐसा अखबार जो सही मायनों में शहर से जुड़ा हो, ऐसा अखबार जो प्रबंधन और संपादकीय सहयोगियों द्वारा चलाया जाता हो जो न सिर्फ इस खूबसूरत शहर के लोगों की उम्मीदों को भली भांति समझते हों बल्कि उन दिक्कतों और मुद्दों की भी समझ रखते हों जिनसे कि वे जूझ रहे हैं।
एक ऐसा अखबार जो निष्पक्ष हो और सच्चाई को छापने की हिम्मत रखता हो, ऐसा सच जो बाजार और सियासत के दबाव के आगे न झुकता हो और मेरी निजी सोच यह है कि खबर की तब तक कोई भाषाई सीमा नहीं होती जब तक कि उसका पेशेवराना अंदाज बरकरार रहे। इसके बाद चार महीनों तक बाजार शोध, सर्वे और शहर के हजारों लोगों से बातचीत करके यह जानने की कोशिश की गई कि वे इस अखबार में आखिरकार क्या चाहते हैं। रिसर्च और सेल्स टीम द्वारा जुटाए गए इनपुट्स को जांचा परखा गया और कई विभागों के व्यापक विचार विमर्श के बाद हम वह प्रोडक्ट निकाल पाए जो आप तक पहुंचा है। और आज, जब मैं यह सब लिख रहा हूं जो कि संभवत: इस अखबार के लिए मेरा पहला लेख है, मुझे विनम्रता से यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि हमने शहर में नंबर वन की पोजिशन हासिल कर ली है। 75000 कॉपियों के साथ हम शहर में सबसे ज्यादा बिकने वाला अखबार बन गए हैं और यह मुकाम आपके साथ के बगैर हासिल नहीं हो सकता था। मैं अपने उन पाठकों का आभारी हूं जो अपना यकीन और पैसा हमें दे रह हैं। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि हम हमेशा आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। हमारी नई कामयाबी के साथ जुड़ी जिम्मेदारी को मैं भली भांति समझता हूं और यह जानता हूं कि ऊपर पहुंचने से ज्यादा वहां बने रहना ज्यादा मुश्किल है। मुझे पूरा यकीन है कि आपके सहयोग से और हमारे अथक प्रयासों से हम आने वाले वक्त में भी लगातार नंबर वन बने रहेंगे।
सबको होली की मुबारकबाद।
रवीन ठुकराल
संपादक
आज समाज, चंडीगढ़
सिटी एडिट
कोरी आलोचनाओं को नहीं, सच को मिलती है जीत
आज समाज फकत 70 दिनों का शिशु है। इस बच्चे ने ट्राईसिटी में एक इतिहास रचा है और वह भी केवल 70 दिनों में। यह एक जीत का इतिहास है सच की। यह न तो आज समाज प्रबंधन की जीत है और न ही संपादकीय की। यह जीत है सच की धार की। यही वजह है कि आज समाज परिवार ने इसका नाम दिया है सच! जो आप जानना चाहते हैं। आज समाज परिवार के हम ही नहीं आप भी हिस्सा हैं क्योंकि आपके बिना हम नहीं हो सकते। आपने सच देखा और हमने उस सच को दिखाया, पूरी ईमानदारी के साथ। नतीजा सच जीत गया और बेहद कम वक्त में। इतने कम वक्त में कि इतिहास रच गया ट्राईसिटी में। न कोई भाषा न कोई प्रबंधन, बस केवल सच की भाषा और सच का प्रबंधन। यही है आज समाज परिवार की नीति। शहर में तमाम अखबार और खबरनवीस हैं।
भीड़ है, भीड़ में ही सभी चलते हैं मगर हम उस भीड़ से अलग सच के साथ चलते हैं। सामाजिक सरोकार की अपनी जिम्मेदारी को नहीं भूलते। जहां तक संभव होता है आपकी आवाज बनते हैं और बनते रहेंगे। सच के साथ सदैव खड़े रहेंगे। इन वादों के साथ पहुंचे थे आपके पास। कथनी करनी में हमारी अंतर नहीं था, तभी तो आपने हमें इतिहास रचकर नंबर वन बना दिया है। इससे यही संदेश जाता है कि सच के साथ न केवल खड़े हो बल्कि उसके लिए खुलकर बोलो। उसके लिए दीवारें तोड़ो और घुस जाओ अंदर तक, जब तक उस सच को सुन न लिया जाए। सच को सुनाने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए कुर्बानी के लिए तैयार रहने की करनी ही आज समाज को चंद दिनों में इस मुकाम पर ले आई कि चंडीगढ़ संस्करण ट्राईसिटी का सासे लोकप्रिय अखबा बना। 75 हजार प्रतियां ट्राईसिटी के बाशिंदे खरीद ही नहीं रहे बल्कि छह महीने तक खरीदने के लिए एडवांस भुगतान भी दे दिया है। यही जीत है सच की। अब सभी को सच की ताकत पहचाननी ही होगी, नहीं तो यह सच और भी दीवारें गिरा देगा, क्योंकि कोरी आलोचनाओं से जीत नहीं मिलती है।
अजय शुक्ल
सिटी एडिटर
आज समाज, चंडीगढ़
होली के ठीक पहले आज समाज, चंडीगढ़ संस्करण में पहले पन्ने व लोकल पन्ने पर ये दोनों संपादकीय एक-एक कर प्रकाशित किए गए थे. बताया जा रहा है कि आज समाज प्रबंधन चंडीगढ़ में अखबार की सफलता से उत्साहित है. प्रबंधन ने चंडीगढ़ नगर संस्करण के प्रसार का अपना टारगेट 50 हजार प्रतियां रखा था मगर 70 दिनों में ही अखबार 75 हजार प्रतियों में पहुंच गया.












vijay, Chandigarh
March 20, 2010 at 1:32 pm
आज समाज ने कम समय मे चंडीगढ़ मे बहुत अच्छा परिणाम दिया है. इस सफलता मे रवीन ठुकराल और अजय शुक्ल की मेहनत और विजन है. मुबारक पूरी टीम को, क्योकि देलही मे तो आज समाज फ्लॉप रहा.
happy singh
March 21, 2010 at 3:27 am
but in circulation pradeep sharma doing well job,this man is overall incharge of survey(PCC) keep it up done brillent job,,,,,,,,,,,
gulshan saifi
March 21, 2010 at 7:15 am
good going
sameer
March 21, 2010 at 7:45 am
in mahodaye ko bataiye jitna aapne prayaas kiya hai usse kahi jyada sales teem ne kiya haga,fark itna hai ki aap parde ke aaga hain sales teem parde ke peeche,agar sales manager aur g.m. Ka bhi naam le lete ko aapki pratishtha kam nahi hoti balki logo ki nazar me aap mahaan hote.parantu sirf apni waah-waah kane se duniya jaan rahi hai aap kitne yogya hain.
@@akela chana bhaad nahi fod sakta@@
पायल
March 21, 2010 at 9:42 am
अब मुझे आज समाज में इन्टरव्यू न देने का खासा अफसोस है। उन
िदनों चंडीगढ के िपकाडली होटल में आज समाज के इंटरव्यू चल रहे थे।
वैसे ये जानकर बेहद खुशी हुई कि आज समाज ने मात्र ढाई महीने के भीतर इतना अच्छा सर्कुलेशन हासिल कर लिया। सर आप बधाई के पात्र हैं। आपको और आपके आज समाज परिवार को मेरी शुभकामनाएं।
Such
March 21, 2010 at 2:30 pm
Jhoothi pith n thap thapao, sabko pata hai aaj samaj or aap dono ki sachayee…to number ki bat or do number ka dhan jyada din nahi chalta. jaldi dharatal par aa jaoge janab….bhaskar ki triciti hai or rahegee…ladoge to bhi maroge…nahi ladoge to band hoge……so jhooth bolte raho…..
ajit
March 22, 2010 at 5:06 pm
wah..ise kehte hain sach ki taakat..aur team work..itihas bna dala…carry on
yogesh
March 22, 2010 at 5:25 pm
आज समाज की कामयाबी से दैनिक भास्कर घबरा गया है. अमर उजाला मैदान मे ही नहीं रह गया है. अब दोनों क पत्रकार मिलकर आज समाज से लड़ना चाहते है. झूठी और डरपोक पत्रकारिता करने वालो का यही हल होता है.
salariya panchkula
March 22, 2010 at 5:36 pm
आज समाज की कामयाबी से दैनिक भास्कर ही नहीं इंग्लिश अख़बार भी सकते में हैं की इस अख़बार को केसे टकर दें हालत ये है की हिंदुस्तान टाईम्स जैसे अखबार भी आज समाज की ख़बरों की नक़ल करने लगे हैं इस से पता चलता है की आज समाज की पैठ कितनी गहरी होने लगी है. इस के लिए आज समाज की पूरी टीम को शुभकामनाएं
Ishwar Dhamu
March 23, 2010 at 10:18 am
Aaj Samaj ke bare mai kiye sabbhi 9 comments kahin-na-kahin ek hi tarah ke lagate hain. Kisi bhi Akhabar ki prarambhik circulation koi mayane nahi rakhati, kyoki iske pichhe kai karan hote hain. Darasal ye ciculation hoti nahi ki jati hain. Circulation badhanai ke liye pathhak ko prolobhan diye jate hai. Akhabar ke jimmedar log ek soa rupay mai teen mahinain akhabar dene ko Circulation bata kar khud ki pithh thapthapa rahe hain. Jabaki vastavikata ka inko bhi pata hain. Sara mamala apani Kursi bachane ka jo thahara !!!!
JP Gupta
March 23, 2010 at 1:23 pm
congrats to Raveen and his team
somveer sharma
March 24, 2010 at 6:00 am
aaj samaj ki team ko badhai
kuch log jalte hai to rish karte hai
aaj samaj ne jalne ki bajay rish ki hai jisme unhe kamyabhi mili hai
kuch chale huy kartush hai jo apne jivan me kich nahi kar paye lakin sapna badha dekhte hai
amit, Chandigarh
March 24, 2010 at 8:42 am
Raveen sir ki soch aur Mr Ajay shukla k kam ne nischit roop se aaj samaj ko logo ko padne k liye majbur kar diya hai. ab to rajbhawan mai bhi sabse pahle aaj samaj magaya jata hai. mubarak ho raveenji ajay ji aur unki puri team ko, badte raho esi tarah, ciculation k fande to sab apnate hai, bhaskar aur amar ujala ko hi dekho. hindustan ne to free copy bati di 70 din fir bhi numbar 1 nahi ho paye. aaj samaj ki logo k dard aur sakhat khabro ne usko aage badhaya hi.
pawan singh
March 24, 2010 at 11:10 am
Aaj samaj ko bahut bahut badhai
rahul, Ranchi
March 26, 2010 at 9:59 am
badhi ho Raveen ji aur ajay ji ki team ko, aage badhte raho.
Rahul Raj
March 29, 2010 at 7:10 pm
epaper.ajsamaj.com par aaj samaj padha. yakinan bahut achchha akhbar hai. city pulse aur city edit achchha aur rochak war karte hai. khabre bhi dhardar hai. admin k khilaf etna likhne ki himmat honi chahiye. yahi karan hai numbar 1 ka. mubarak ho vinod ji aur kartik ji ko. aaj samaj ki puri team hakdar hai salam ki.
JAGDEEP SHARMA
April 12, 2010 at 4:41 am
WISH U ALL THE BEST AAJ SAMAJ EDITOR MR RAVEEN THUKRAAL,AND MR AJAY PARKASH SHUKLA.MY HEARTIEST WISH TOO ALL AAJ SAMAJ TEAM.MR ROHIT ROHILA AND JAGDEEP SHARMA [REPORTER] DOING WELL FROM PANCHKULA REGION.
JAGDEEP SHARMA
April 12, 2010 at 4:45 am
BEST WISHES TOO AAJ SAMAJ RAVEEN THUKRAAL,AJAY PARKASH SHUKLA,OHIT ROHILA,JAGDEEP SHARMA.
Dipti Divya Goyal
May 6, 2010 at 5:48 am
Distt. Sirsa Main Aaj Samaj ka intjar hai.
JAGDEEP SHARMA
June 27, 2010 at 3:35 pm
AAJ SAMAJ KO 6 MONTH POOREY KAMYABI KE SAATH HONE PER MERI TARAF SE RAVEEN THUKRAL JI,AJAY PARKASH SHUKLA JI KO BAHUT BAHUT CONGRATS.RAVEEN SIR AUR AJAY SHUKLA SIR AAP DONO KI MEHNAT RANG LAI.CONGRATS.
JAGDEEP SHARMA
December 24, 2010 at 1:24 pm
AAJ SAMAJ AAJ BHI NUMBER ONE,RAVEEN THUKRAL SIR AUR AJAY SHUKLA SIR KI MEHNAT RANG LAI….