हरियाणा के सिरसा में पत्रकारिता की एक छात्रा ने अपने दो गुरुओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा दिया है. यह मामला चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग का है.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया लेकिन छात्रा का कहना है कि उसे जांच कमेटी पर यकीन नहीं है. उधर, छात्रा को आरोपी शिक्षक फोन कर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव दे रहे हैं. छात्रा का कहना है कि दो सदस्यीय समिति पर उसे कोई यकीन नहीं क्योंकि इतने दिन बीतने के बाद भी कमेटी ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है. समय बिताकर आरोपी शिक्षकों को बचाया जा रहा है. इसी कारण अब उसके पास शिकायत वापस लेने के फोन आने लगे हैं मगर वह अपने कदम वापस नहीं खींचेगी. इंसाफ नहीं मिला तो राज्यपाल, सीएम और महिला आयोग को भी लिखेगी. छात्रा के अनुसार वह जिस मानसिक संताप से गुजर रही है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती है.
दो शिक्षकों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की पत्रकारिता की छात्रा को फोन पर शिकायत वापस लेने या फिर भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं. छात्रा ने इस आशय की एक और शिकायत अपने विभागाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान से की है. विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायत मिलने के 12 दिन बाद भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है.
एमए फाइनल की इस छात्रा ने मंगलवार को एचओडी को सौंपी दूसरी शिकायत में फोन आने और शिकायत वापस लेने का दबाव पड़ने की बातें कही हैं. वीरेंद्र चौहान ने कहा कि यह पत्र भी दो सदस्यीय समिति को सौंप दिया गया है, जो यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए गठित की गई है.
हास्टल में रहने वाली हिमाचल प्रदेश की इस छात्रा स्वीकार किया कि दो दिन पहले मीडिया में उसकी पीड़ा सामने आने के बाद से उसके पास लगातार फोन आ रहे हैं. इनमें कुछ फोन तो यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के ही हैं, जो कभी पत्रकारिता विभाग तो कभी विश्वविद्यालय की बदनामी की दुहाई देकर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. वे कह रहे हैं कि इस शिकायत से कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है. इस बारे में उसके पास कुछ गुमनाम फोन भी आ रहे हैं. इसमें कभी समझाने तो कभी धमकाने के अंदाज में बातें की जा रही है. ऐसे में छात्रा ने अब अनजान फोन कॉल को रिसीव करना भी बंद कर दिया है. खास बात यह है छात्रा को इंसाफ दिलाने में विश्वविद्यालय प्रशासन भी हीलाहवाली कर रहा है. छात्रा के अनुसार उसके साथ पत्रकारिता विभाग में 9 अप्रैल को दो शिक्षकों ने अशोभनीय बातें कीं.
उसी दिन एचओडी से उसने लिखित शिकायत भी कर दी थी. फिर भी एचओडी ने जांच कमेटी बनाने में ही एक हफ्ता गुजार दिया. जांच कमेटी 16 अप्रैल को गठित करने की बात की गई है. इस पर एचओडी वीरेंद्र चौहान की दलील है—मैंने शिकायत मिलते ही आरोपी शिक्षकों से स्पष्टीकरण ले लिया था. मगर कार्रवाई क्या हुई? क्या कुलसचिव और कुलपति को भी इस बारे में बताया गया? अगर हां तो कब? फिर जांच कमेटी बनाने में देर किन कारणों से की गई? इस बारे में कुछ भी कहने के बजाय एचओडी ने सिर्फ इतना कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षकों डॉ. ब्रम्हलता और रवींद्र की दो सदस्यीय जांच कमेटी को 21 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपने का वक्त दिया गया है. रिपोर्ट मिलते ही कुलसचिव आरके सहगल को सौंप दी जाएगी. उन्हीं के स्तर पर कार्रवाई होगी.
मंगलवार को छात्र संगठन भी खुलकर पीड़ित छात्रा के समर्थन में कूद गए. इनेलो से जुड़े संगठन ‘इनसो’ के सदस्यों ने पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष से छात्रा को इंसाफ दिलाने की मांग की. एचओडी ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलते ही कुलसचिव को सौंप दी जाएगी. इनसो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य महेश सौरोत ने चेतावनी दी कि अगर 22 अप्रैल तक शिक्षकों अमित सांगवान और सेवा सिंह बासवा के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो उसी दिन यूनिवर्सिटी को बंद करवा देंगे.












sushil Gangwar
April 22, 2010 at 2:50 pm
न्यूज24 के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम ने Facebook पर दरबार लगा रखा है। आजकल Facebook पर बड़े से बड़े लोग अपना मेसेज लिख रहे है। Bhadas4media.com पर छपा लेख दिल्ली में वो चार ‘लड़कीबाज पत्रकार’ कौन है – काफी अच्छा है । आप अपने लेवल से लोगो की मदद कर रहे । अजीत जी मै आपको बताना चाहता हू कि मीडिया में केवल लडकियों के शोषण के साथ लडको का भी खुले आम शोषण हो रहा है। मै उन बड़े पत्रकारों के नाम नहीं लेना चाहता हू। जो आज भी सीसे के पीछे बैठ कर वह सब कर रहे है जो उन्हें सही मायने में नहीं करना चाहिए । अदनी सी नौकरी के लिए सब कुछ ललेने वाले बह बड़े लोग साफ़ सुथरे कपडे जरुर पहनते है लेकिन मन हमेशा मचलता रहता है। जिस्म के नाम पर नौकरी देने वाले दलाल मीडिया से लेकर फिल्म – मोदेलिंग और बड़े बड़े कॉरपोरेट वर्ल्ड में कुंडली मारे बैठे हुये है । हम जानते है मीडिया में आने से लाभ है वरन जलील होने से अच्छा है कि कुछ और करे और ऐसे विषेले सापो से बचकर ही रहे ।
sushil Gangwar
http://www.sakshatkar.com
BIJAY SINGH
April 22, 2010 at 2:57 pm
jadatar jagaho me yahi stithi hai. female studets innn mahan ooloowon se sawdhan rahe.ye shikshak nahi jokar hain samaj ke.jarurat ho to jooton ki mala pahna ke sahar ghuma de ,dimag thikane aa jayega.,
Nitin Yadav V T W News Bulandshahr Up
April 22, 2010 at 3:20 pm
ye desh k nirmatao k haal, kya hoga god is desh ka,devi smaan aurat ko hum aakhir samajh kya bathe hai kya humare maa or bahan nahi rahi.Nitin Yadav VTW News Network Bulandshahr UP
अमित गर्ग. राजस्थान पत्रिका. बेंगलूरू.
April 22, 2010 at 3:55 pm
सबसे पहले इस छात्रा को बधाई. जिसने अपने करियर कि परवाह न करते हुए सच बोलने का माद्दा दिखाया.
रही बात गुरु के भेष में छिपे इन भेड़ियों कि तो या तो कानून इन्हें देख लेगा. नहीं तो युवा छात्र शक्ति ही इनको सबक सिखा देगी.
लेकिन वर्तमान हालातों कि भयाबहता को अब नकारा नहीं जा सकता है. इस तरह कि घटनाएँ समाज के काले सच को तो उजागर कर ही रही हैं साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में समाई गन्दगी को भी जन मानस के सामने ला रही हैं.
Ravi Parkash Sharma
April 24, 2010 at 7:44 pm
Amit sangwan ek aacha insan hai. jarur use kisi sajish ke tahat fasya ja raha hai
ss
May 2, 2010 at 3:27 pm
what for governement and administration is waiting after such serious allegations levelled by girl student on her teachers. such people should be thrown behind bars immidiately. Otherwise, it would become a routine matter in every educational institution.