Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

ओमकार का नाम, विनीता की माफी, मीडिया नारद

”…अमर उजाला ने एडिट पेज पर हाल ही में ब्लॉग कोना नाम से नया कालम शुरू किया है. इसमें ब्लागर ताज़ा मसलों पर क्या लिख रहे हैं, उसे लिया जाता है. 26 सितम्बर के संस्करण में शबाना आज़मी पर लिखे गए मेरे लेख को इसमे लिया गया है शबाना आज़मी की पीड़ा को समझिये शीर्षक से. एडिट पेज देख रही डेस्क ने ब्लॉग के साथ मेरा नाम भी नीचे दिया, जैसा कि व्यवस्था है. लेकिन जिसने पेज चेक किया, उसने ओमकार चौधरी नाम को खुरचकर हटा दिया और बेशर्मी के साथ ब्लॉग का नाम आजकल जाने दिया. मै इस हरकत को उजागर करने के लिए यहाँ अख़बार में छपे अंश को स्केन करके एज इट इज डाल रहा हूँ…” 

”…अमर उजाला ने एडिट पेज पर हाल ही में ब्लॉग कोना नाम से नया कालम शुरू किया है. इसमें ब्लागर ताज़ा मसलों पर क्या लिख रहे हैं, उसे लिया जाता है. 26 सितम्बर के संस्करण में शबाना आज़मी पर लिखे गए मेरे लेख को इसमे लिया गया है शबाना आज़मी की पीड़ा को समझिये शीर्षक से. एडिट पेज देख रही डेस्क ने ब्लॉग के साथ मेरा नाम भी नीचे दिया, जैसा कि व्यवस्था है. लेकिन जिसने पेज चेक किया, उसने ओमकार चौधरी नाम को खुरचकर हटा दिया और बेशर्मी के साथ ब्लॉग का नाम आजकल जाने दिया. मै इस हरकत को उजागर करने के लिए यहाँ अख़बार में छपे अंश को स्केन करके एज इट इज डाल रहा हूँ…” 

उपरोक्त पीड़ा वरिष्ठ पत्रकार ओमकार चौधरी ने अपने ब्लाग आजकल पर व्यक्त की है। वे बेहद दुखी हैं। डीएलए, मेरठ में रेजीडेंट एडीटर पद से इस्तीफा देने के बाद एक अक्टूबर से हरिभूमि में ज्वाइन करने जा रहे ओमकार चौधरी कई वर्षों तक अमर उजाला में सीनियर पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने खुद के साथ हुए इस पत्रकारीय दुर्व्यवहार की पीड़ा अपने ब्लाग पर उजागर की है। उन्होंने इस मामले में अमर उजाला के निदेशक अतुल माहेश्वरी और समूह संपादक शशिशेखर का भी जिक्र अपने ब्लाग पर कुछ इस तरह से किया है-

…अमर उजाला में मैंने साढे सात साल से अधिक समय बिताया है. उसी अख़बार के किसी अधिकारी ने 26 सितम्बर को ऐसी हरकत की है जिसे चुप रहकर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मुझे पता नहीं कि ये बात अमर उजाला के निदेशक अतुल महेश्वरी और ग्रुप एडिटर शशि शेखर की जानकारी में है कि नहीं. मुझे व्यक्तिगत रूप से इस अवांछित हरकत ने भीतर तक पीड़ा पहुंचाई है. आम तौर पर मै शांत रहता हूँ. छोटी-मोटी बातों को वैसे भी पेशागत मजबूरियों के चलते हम लोग पीते ही रहते हैं. जो हुआ, उसे पीना और हज़म करना मुश्किल नहीं, असंभव है…

उधर, अमर उजाला में कार्यरत पत्रकार विनीता वशिष्ठ ने अपने ब्लाग मेरा आंगन में अमर उजाला की तरफ से ओमकार चौधरी से माफी मांगते हुए उनका नाम हटाने वाले सज्ज्न को खरी खोटी सुनाई है-

….छब्बीस सितम्बर को अमर उजाला के ब्लॉग कोना में माननीय ओमकार चौधरी जी के ब्लॉग के साथ जो हरकत हुई उसके लिए भले ही मैं जिम्मेदार नही, लेकिन फ़िर भी मैं माफ़ी मांगती हूँ. मैं भी इसी अखबार का हिस्सा हूँ और अपने संस्थान के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की गलती (जानबूझकर की गयी गलती) के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ. पत्रकारिता में इस तरह की हरकतों के लिए कोई स्थान नही है. क्या केवल नाम हटा देने से किसी का सम्मान कम किया जा सकता है. नही, यह बिल्कुल ग़लत बात है और जिस किसी ने भी किया है, बहुत ही ओछी प्रवर्ति के महानुभाव रहे होंगे. वे अपने विचारों से कतई सराहे नही जायेंगे. यहाँ वैचारिक असहमति तो हो सकती है लेकिन वैचारिक शत्रुता के लिए कोई स्थान नही है. उन्होंने अपने पेशे और दायित्व के साथ जो खिलवाड़ किया है इसके लिए उन्हें दण्डित किया जायेगा. इसका मुझे पूरा यकीन है…

उधर, इस विवाद में कुछ लोग नए मसाले को लेकर भी कूद पड़े हैं। मीडिया नारद नामक ब्लाग पर किसी ने भैया इलाहाबादी नाम से ओमकार चौधरी को ही खरी-खोटी सुना दी है। उन्होंने ओमकार चौधरी के हरिभूमि ज्वाइन करने से हरिभूमि के रोहतक इंचार्ज डा. रवींद्र अग्रवाल की नौकरी जाने को मुद्दा बनाते हुए डा. रवींद्र अग्रवाल की पीड़ा को समझने का उपदेश ओमकार को कुछ इस तरह से दिया है-

”…जो कुछ भी हरिभूमि में रोहतक में हुआ। उसके नायक आप ही बताये जाते हैं। वह भी सिर्फ़ इसलिए कि आप उसी बिरादरी के हो जिसके अख़बार के मालिक हैं। नहीं तो उस वरिष्ठ पत्रकार डा रविन्द्र अग्रवाल का क्या दोष था कि उनको नौकरी छोड़ने को कह दिया गया। क्योंकि वहां आपकी स्थापना की जानी थी। जब नाम कटने में इतनी तकलीफ होती है तो जिनका पेट कट रहा होगा उन पर क्या बीत रही होगी, यह आप जैसा संवेदनशील प्राणी बेहतर समझ सकता है…”


उपरोक्त सभी ब्लाग अंशों को पूरा पढ़ने के लिए आप क्लिक कर सकते हैं-

पत्रकारिता के ये कौन से मापदंड हैं?

उनकी तरफ से मैं माफी मांगती हूं

तकलीफ तो दूसरों को भी होती है ओमकार जी

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...