वायस आफ इंडिया पर छाये संकट के बादल कम होते नहीं दिख रहे हैं। चैनल प्रबंधन ने अब हैदराबाद आफिस से भी हाथ खींच लिया है। यह सब बेहद गुपचुप तरीके से किया गया क्योंकि चैनल को अपने स्ट्रिंगरों को भारी भरकम राशि का पेमेंट करना था। स्ट्रिंगर जुलाई और उसके बाद के पेमेंट के लिए अब भी इंतजार कर रहे हैं। वीओआई प्रबंधन की माली हालत या गैर-पेशेवर रवैया, जो भी कहिए, का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इन लोगों ने हैदराबाद में किराये पर ली गई टैक्सियों और आफिस के दो महीने के किराए का भी भुगतान नहीं किया है। पिछले दिनों बेंगलोर में एक बिजनेस एसोसिएट की नियुक्ति की गई जिसे दो महीने से सेलरी नहीं दी गई है। दिल्ली स्थित चैनल मुख्यालय में भी सेलरी की दिक्कत बनी हुई है।
भड़ास4मीडिया को ये सब जानकारियां त्रिवेणी ग्रुप से जुड़े बेहद उच्च पदस्थ सूत्रों ने दी। सूत्रों का कहना है कि त्रिवेणी ग्रुप के चैनल वीओआई का प्रबंधन किस तरह अपने कारोबार को समेट रहा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वीओआई के दिल्ली के मैनेजरों ने हैदराबाद के स्टाफ को वहां के आफिस के उपकरणों को चुपचाप दिल्ली भेजने के लिए कह दिया। लेकिन इसकी भनक जब हैदराबाद में किराए पर लिए गए आफिस के मालिक और आफिस में साजो-सामान की सप्लाई करने वाले को लगी तो इन लोगों ने आकर आफिस पर संयुक्त रूप से ताला जड़ दिया। इन लोगों ने कहा कि वीओआई प्रबंधन उनके बकाये का तुरंत भुगतान करे अन्यथा वो कोर्ट में जाने से नहीं हिचकेंगे। इस घटना के बाद वीओआई के दिल्ली स्थित जो मैनेजर हैदराबाद आने वाले थे, उन्होंने वहां का दौरा रद कर दिया। सूत्रों का कहना है कि वीओआई के मैनेजर भी अब दबी जुबान से कहने लगे हैं कि चैनल आर्थिक संकट में है। इसके पीछे वजह वे अमेरिकी आर्थिक मंदी और रीयल स्टेट के बिजनेस में आई गिरावट को बता रहे हैं। इस कारण तनख्वाह देने और अन्य बकायों का भुगतान करने की स्थिति में भविष्य में भी कोई बदलाव आने की संभावना नहीं दिख रही है।
सूत्रों का कहना है कि चैनल प्रबंधन अब सिर्फ मुनाफे की तरफ नजर गड़ाए है ताकि किसी तरह बिजनेस बढ़ाया जा सके। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ चुनाव वाले राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इन राज्यों में बिजनेस के लिए संपादकीय से लेकर बिजनेस की टीम तक में एक से बढ़कर एक उम्दा ‘खिलाड़ियों’ को रखा गया है। ये सभी लोग बिजनेस लाने के एक सूत्रीय फार्मूले पर काम कर रहे हैं। इसी के वास्ते दिल्ली से चैनल के शीर्षस्थ न्यूज मैनेजर भी चुनाव वाले राज्यों के लगातार दौरे कर रहे हैं। अब देखना है कि यह चैनल क्या वाकई लांचिंग के पहले के दावे के अनुरूप अपने को उम्दा श्रेणी के चैनलों में शुमार करा पाता है या फिर अपने वर्तमान रवैये के हिसाब से चलते हुए निम्न कोटि के चैनलों में खुद को ले जाकर खड़ा कर लेता है।
उल्लेखनीय है कि हैदराबाद से पहले वीओआई कोलकाता और अहमदाबाद में अपने आफिसों को समेट चुका है और वहां की टीम को कई बहानों से रुखसत कर चुका है।











