अमर उजाला में तबादले होना तो रुटीन जैसा होता है लेकिन श्रीश सिन्हा के तबादले को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। श्रीश सिन्हा अमर उजाला, कानपुर में लंबे समय तक रहे जहां उन्होंने विज्ञापन प्रबंधक के रूप में सफल पारी खेली। उनकी योग्यता को देखते हुए अमर उजाला के कई संस्करणों का यूनिट हेड बनाया जाता रहा। उन्होंने बनारस, हल्द्वानी, मुरादाबाद जैसे संस्करणों में यूनिट हेड के रूप में दायित्वों का निर्वाह किया। श्रीश सिन्हा फिलवक्त आगरा और अलीगढ़ यूनिट के हेड के रूप में काम देख रहे थे। उनका तबादला अब नोएडा स्थित अमर उजाला के कारपोरेट आफिस के लिए कर दिया गया है। चर्चा है कि ऐसा अमर उजाला में शीर्ष पर बैठी मैनेजमेंट की एक ताकतवर लाबी के इशारे पर किया गया है।
यह लाबी इस अखबार के पुराने और निष्ठावान लोगों को एक-एक कर निपटाने में लगी है। इसके पहले कमलेश दीक्षित, जो कानपुर में लंबे समय तक महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत रहे, उनका तबादला नोएडा कर दिया गया था। नोएडा स्थित कारपोरेट आफिस में कई महीने बिना काम के दिन काटते रहने के बाद कमलेश ने यहां से निकल लेने में ही भलाई समझी। बाद में उन्होंने अमर उजाला से अलग हुए निदेशक अजय अग्रवाल के अखबार डीएलए में महत्वपूर्ण पोजीशन पर ज्वाइन कर लिया। चर्चा है कि कहीं श्रीश सिन्हा भी कमलेश दीक्षित की तरह खुद संस्थान छोड़ने के लिए मजबूर तो नहीं किए जा रहे!
अमर उजाला प्रबंधन से जुड़ी एक और खबर। भूपेंद्र दुबे जो अमर उजाला, बरेली के यूनिट हेड हैं, का तबादला अमर उजाला, कानपुर में यूनिट हेड के रूप में किया गया है। वे बरेली में नए यूनिट हेड के आने तक यहां का भी काम देखते रहेंगे।











