औरैया जिले में काफी दिनों से अखबारों में डग्गेमारी पर बहुत सी खबरें देखने को मिलीं। इसमें पुलिस पर आरोप लगाया गया कि डग्गेमारी के लिए पुलिस पैसे लेती है। लिहाजा आरोपों से घिरे पुलिस अधीक्षक औरैया ने डग्गेमारी पर जोरदार कार्यवाही कर दी। इससे टैम्पो, बस और दूसरे अन्य वाहनों का संचालन ठप्प पड़ गया। पर मामला यहीं नहीं शान्त हुआ। अगले ही दिन अखबारों में खबर छपी ‘‘पुलिसिया उत्पीड़न के विरोध में वाहन चालक संघ करेगा आंदोलन’’। यह भी पुलिस कप्तान को नागवार गुजरा। इसकी शिकायत जिले के सभी प्रेस वालों से पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने की। उनका कहना था कि प्रेस वाले खबर लिखते हैं कि डग्गेमारी चल रही है पुलिस कुछ नहीं करती, अब पुलिस कर रही है तो प्रेस वाले आंदोलन को हवा दे रहे हैं ताकि फिर से डग्गेमारी शुरू हो सके।
इसी बीच कप्तान साहब के सामने इलेक्ट्रानिक मीडिया के बीच से सवाल आया कि प्रेस के वाहन जो कानपुर से आगरा तक प्रतिदिन डग्गेमारी करते हैं, उन वाहनों पर कार्यवाही कब प्रस्तावित है? इस बात से कप्तान साहब असहज हो गए पर इसके लिए उन्होंने प्रेस वालों को अपने विवके का प्रयोग करने की नसीहत दी। इस सवाल जवाब से जिले के प्रिंट मीडिया वाले घबरा गए हैं। लिहाजा अब अंदरूनी खबर यह है कि डग्गेमारी को बढावा दे रहे अखबारों के वाहन चलते रहें, इस खातिर अखबार वाले डग्गेमारी की खबरों से बचेंगे। उम्मीद है अब पुलिस, प्रेस और डग्गेमारी जिले में सलामत रहेगी।
औरैया से अभिषेक शर्मा की रिपोर्ट











