: आरोप लगाने वाला फर्जी पत्रकार : जागरण ने अवैध जुआखाने का पर्दाफाश किया था : बदले की भावना में लगा रहा आरोप : बहादुरगढ़ में जुआखाना चलाने वाले निलंबित पार्षद भगवान सिंह राठी के पुत्र रवीन्द्र राठी ने मेरे उपर ग्रांट हड़पने का झूठा आरोप लगाया है।
उसने ऐसा करके वह लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। यह काम उसने बदले की भावना से किया है। जबसे दैनिक जागरण समाचार पत्र ने इनके अवैध रूप से चलाये जा रहे जुआखाने का पर्दाफाश किया है, तबसे ये लोग बदले की कार्रवाई में अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। रवींद्र राठी खुद फर्जी पत्रकार है। वह बहादुरगढ़ शहर (हरियाणा) में आर.टी.आई. के नाम पर घूस वसूलने के लिए कुख्यात है। इस फर्जी पत्रकार ने मेरे पर सरकारी ग्रांट हड़पने का झूठा व बेबुनियादी आरोप लगाकर बदला लेने की कोशिश की है।
बहादुरगढ़ प्रेस करेस्पोडेंट एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाया गया था परंतु पत्रकारों के बीच आपसी विवाद होने के कारण इस संस्था को रद्द कर दिया गया था। विधानसभा स्पीकर द्वारा दी गई 15000 रुपयों की ग्रांट वापस सरकारी खजाने में चली गई थी। इस ग्रांट का कोई पैसा नहीं लिया गया और न ही रजिस्टर्ड संस्था द्वारा इस पैसे का कोई इस्तेमाल किया गया।
रवीन्द्र सिंह राठी जो खुद को एक पत्रकार बताता है, उसका किसी भी अखबार से कोई लेना देना ही नहीं है। वह बहादुरगढ़ पत्रकार संघ का महासचिव भी गैर कानूनी रूप से बना हुआ है। वह अपने पिता भगवान सिंह राठी के गैर कानूनी धंधों का खुलासा करने वाले हर व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाकर उनसे बदला लेना चाहता है। काबिलेगौर है कि कुछ साल पहले भगवान सिंह राठी का नाम कई गैर कानूनी धंधों में चर्चित हुआ था। 28-10-2007 को दैनिक जागरण अखबार में उनके द्वारा चलाये जा रहे फर्जी कार्यालय (सर्वहित संघर्ष समिति) में जुएखाने की खबर छपी थी। यह खबर तत्कालीन विधायक की पत्नी शबनम की शिकायत पर छपी थी। इस खबर में पूर्व पार्षद व उसके पुत्रों के काले धंधों का खुलासा हुआ था।

एक अन्य अखबार में भी यह खबर छपी थी जिस पर भगवान सिंह के छोटे भाई तकदीर सिंह राठी ने उस पत्रकार को उसके दफ्तर में जाकर जोरदार तमाचा जड़ दिया था। बौखलाए भगवान सिंह राठी ने 13-12-07 को दैनिक जागरण के समाचार पत्र के खिलाफ न्यायालय में केस डाला था। इन सबके बाद भी पार्षद व पार्षद पुत्रों का काला धंधा चलता रहा। बाद में भगवान सिंह मनमानी पर उतर आया और नगर परिषद में सचिव के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। तब भगवान सिंह राठी को पत्र 722-एम.सी.बी. 21-4-08 के माध्यम से निलंबित कर दिया गया।
इससे संबंधित खबर के प्रकाशन पर दैनिक जागरण के सवांददाता इशांत सिंह को भी जान से मारने की धमकी भगवान सिंह राठी व उसके पुत्रों द्वारा दी गई थी। इसकी शिकायत पुलिस में की गई थी। इससे पहले भी नगर परिषद में उनके द्वारा कई बार लोगों से दुर्व्यवहार करने की शिकयत दर्ज हुई है। रवीन्द्र सिंह राठी शहर में आर.टी.आई. के नाम से जाना जाता है जो लोगों को ब्लैकमेल कर रिश्वत लेता है। इसके अलावा रवीन्द्र सिंह का छोटा भाई गुरुदेव राठी भी खुद को पत्रकार बताता है जो गत 27 जून को एक लड़की की अश्लील फिल्म बनाकर बेचने के मामले में संलिप्त बताया गया था।

पुलिस ने आरोपी को पकडऩे के लिए दबिश दी और इस दौरान वह एक महीने तक फरार रहा। उसी मामले में रवीन्द्र राठी ने अपने भाई गुरूदेव को मामले से निकालने के लिए स्थानीय पुलिस पर पत्रकार संघ के सचिव होने के दावे से दबाव बनाया था। यहां तक की मामले को रफादफा करने हेतु एस.पी. पर दबाव बनाने के लिए पत्रकार संघ की मदद ली। इस परिवार के तीन लोग जुआ के धंधे से कमाई करते हैं जिनमें भगवान सिंह राठी, गुरूदेव राठी व तकदीर सिंह राठी हैं। इसके अलावा गुरूदेव किसी दूसरे के नाम पर शहर में दो सरकारी राशन के डिपो भी चलाता है जहां वह गरीबों को राशन न देकर उनको ठगता है। रवीन्द्र ने आर.टी.आई. को अपनी कमाई का माध्यम बना रखा है।
इस खबर के साथ प्रमाण स्वरूप कई तस्वीरें, कटिंग, स्टेटमेंट आदि भेज रहा हूं. जो कुछ भेजा गया है, वो है- फर्जी पत्रकार के कार्यालय का जुआखाना, फर्जी पत्रकार के पिता का निलंबन, फर्जी पत्रकार के पिता द्वारा जागरण पर डाले गए केस की कापी, फर्जी पत्रकार के पिता को कारण बताओ नोटिस, प्रकरण से संबंधित केस की कापी, बैंक स्टेटमेंट जिसमें 15000 और खाता खोलने के 3000 रुपए मौजूद हैं, पत्रकारों द्वारा सोसायटी में विवाद पर सोसायटी रद्द करने हेतु पत्र. मैं उम्मीद करता हूं कि मेरा पूरा पक्ष प्रकाशित किया जाएगा.
ईशांत सिंह राठी
संवाददाता
दैनिक जागरण
बहादुरगढ़
(ईशांत सिंह राठी द्वारा भेजे गए सारे प्रमाण भड़ास4मीडिया के पास मौजूद हैं जिसमें से कुछ को खबर के साथ प्रकाशित किया गया है. -एडिटर, भड़ास4मीडिया)












anurag tomar
August 29, 2010 at 3:53 am
very good ishant…… jhothe logo k saath yehi karna chahiye taki unko kuch to sharm aaaye…..