मध्य प्रदेश के अखबार राज एक्सप्रेस के ग्रुप यूनिट हेड सतीश पिंपले के बारे में सूचना आ रही है कि उन्हें टर्मिनेट कर दिया गया है. प्रबंधन ने यह फैसला कुछ शिकायतों की जांच के बाद लिया है. भड़ास4मीडिया को राज एक्सप्रेस के अति उच्च पदस्थों सूत्रों ने बताया कि सतीश पिंपले को टर्मिनेट किए जाने की सूचना बिलकुल सही है. उधर, सतीश पिंपले ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अवकाश पर चल रहे हैं और टर्मिनेशन जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सतीश को राज ग्रुप के अखबार राज एक्सप्रेस के कामकाज से हटाकर हाउसिंग प्रोजेक्ट में भेजने की चर्चा उड़ी थी. इस बारे में भड़ास4मीडिया पर खबर प्रकाशित हुई. तब सतीश पिंपले खबर के प्रकाशन पर काफी भड़के थे. भड़ास4मीडिया को देख लेने की चेतावनी देते हुए खबर हटाने के लिए कहा था. उन्हें जब बताया गया कि उनका मोबाइल नंबर या कोई अन्य संपर्क नंबर भड़ास4मीडिया के पास नहीं था और वे अब जो कुछ अधिकृत रूप से कहेंगे, उसे सादर प्रकाशित करा दिया जाएगा, तो सतीश पिंपले ने अपना बयान विस्तार से नोट कराया.
सतीश के दिए गए बयान के आधार पर भड़ास4मीडिया पर उनके तबादले से संबंधित प्रकाशित खबर को अपडेट किया गया. अपने बयान में पिंपले ने कहा था कि उनका तबादला नहीं हुआ है और वे अखबार के काम को अब भी ग्रुप यूनिट हेड के बतौर देख रहे हैं. यह सब हुए हफ्ते भर भी नहीं बीते थे कि सतीश पिंपले को हटाए जाने की सूचना आज मिली है. हालांकि सतीश पिंपले के अधिकार छीन लिए जाने की सूचनाएं कुछ दिन पहले से ही मिल रही थी लेकिन सतीश के इनकार करने से इन खबरों-सूचनाओं-चर्चाओं का प्रकाशन नहीं किया गया.
राज प्रबंधन द्वारा बर्खास्त किए गए सतीश पिंपले पर कई तरह के आरोप लगे हैं. इसमें आर्थिक गड़बड़ियां के आरोप भी शामिल हैं. उन पर पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं. नवभारत, नागपुर के कार्यकाल में सतीश पिंपले पर कई लाख रुपये गबन करने का आरोप लगा. गबन की जानकारी आडिट के बाद नवभारत प्रबंधन को हुई. नवभारत प्रबंधन ने तब सतीश को बर्खास्त कर दिया था.
नवभारत से हटाए जाने के बाद वे देशोन्नति, नागपुर के हिस्से बने. देशोन्नति में उन्होंने 20 हजार रुपये महीने की सेलरी पर ज्वाइन किया. उन्हें सरकुलेशन विभाग में सिटी सरकुलेशन का काम देखने की जिम्मेदारी मिली. लेकिन साल भर बाद उन्हें देशोन्नति से भी हटा दिया गया. देशोन्नति के मालिक प्रकाश पोहरे ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका सतीश पिंपले के साथ काम का अनुभव ठीक नहीं रहा. पिंपले का व्यवहार ठीक नहीं रहा. आर्थिक व्यवहार भी खराब था. प्रकाश पोहरे के मुताबिक उन्होंने सतीश पिंपले को नौकरी इसलिए दी क्योंकि वह अपने उपर लगे गबन के आरोपों को झूठा बता रहा था. खुद के साथ साजिश किए जाने की बात कह रहा था. साथ ही, भविष्य में अच्छा काम करने का वादा कर रहा था. पर उसके साथ एक साल तक काम करने का अनुभव बेहद दुखद व विश्वासघाती रहा.
उधर, भड़ास4मीडिया द्वारा मोबाइल पर भेजे गए संदेश के जवाब में राज एक्सप्रेस के मालिक अरुण शहलोत ने सतीश पिंपले को टर्मिनेट किए जाने की पुष्टि की. सूत्रों का कहना है कि सतीश पिंपले पिछले दिनों दिल्ली में नागपुर के अखबार लोकशाही वार्ता के मालिक के साथ देखे गए. संभव है कि वे आने वाले दिनों में लोकशाही वार्ता ज्वाइन कर लें.












hahaha
September 7, 2010 at 12:00 pm
ye to hona hi tha…..
कुमार सौवीर
September 7, 2010 at 1:10 pm
लेकिन पिंपले जी ! आप तो बहुत गरज रहे थे जब यह खबर शाया हुई कि पिंपले के दिन भी लदे। आपने तो फोन करके बात की थी। आप समझ रहे थे कि मैं यशवंत सिंह हूं। शायद इसीलिए आपने अपशब्दों का जमकर प्रयोग किया और कहा कि मैं तुम्हें बरबाद और तबाह कर दूंगा। दरअसल मैं जानना चाहता हूं कि आखिर उस गरज-बरस का आधार क्या था ? या फिर महज गीदड-भभकी दे रहे थे आप।
देखिये, पिंपले जी ! अखबार की दुनिया में किसी संस्थान में रहना, उसे छोडना, छोडने पर मजबूर कर दिया जाना अथवा निकाल बाहर किया जाना, मतलब बर्खास्त किया जाना एक सामान्य प्रक्रिया है। समाचार उद्योग में यह सारा कुछ अब सामान्य हो चला है। हैरत है कि आप घोटाला भी करेंगे और धमकाएंगे भी। चलिए आपके इस हश्र के लिए मैं क्या कह सकता हूं।
hahaha
September 7, 2010 at 1:24 pm
ye to hona hi thaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
sachin goshwami
September 7, 2010 at 1:25 pm
ye bahut pahle ho jana chahiye tha par late hi sahi. jo hua so bahut hi achha hua hai.
adesh kharya
September 7, 2010 at 3:32 pm
thats shocking news….but….
vinay, katni
September 7, 2010 at 3:52 pm
chalo ab kuch sudhar hoga.
vinod
September 7, 2010 at 10:25 pm
;);););););) bakre ki maa kab tak khair manayegi
gud luk pimple g
suresh singh
September 8, 2010 at 7:43 am
abhi to iss aadmi ke sekado ghotale logo ko malum nahi hai ,nahi to iski chamdi bhi nikal li jati ,dekho der saber sabko pata chalega hi….
rakesh pathak gwl
September 8, 2010 at 8:01 am
pap ka ghada to bharna he tha par samay thoda jayada lag gaya.
RAJIV KORDE
September 8, 2010 at 8:12 am
satishji , kaya ho raha hai
khabar ke piche kon hai
Deen Bandhu Malik
September 8, 2010 at 9:32 am
Sir ji bahut kale kaam karwaye hain aap ne mujh se bhi but main kya karta aap ka nokar jo tha majboor tha……… chi…… sharam aati hai mujhe aap ko apna sahab kehte huwe surat ki tarah tera dil bhi kaala ho gaya hai paap ki kamai khate khate. phir bhi shubh kamnayen
aap ka deenu ;D
mohit shrivastawa
September 8, 2010 at 10:59 am
comment deleted
dinu
September 8, 2010 at 11:08 am
god bye pimple ji
tarun sharma
September 8, 2010 at 3:02 pm
धन्यवाद् यशवंत भाई आपके खबर एकदम सो टंच थी कि सतीश पिम्पले के छुट्टी हो गयी है, पर तब शायद आपने पिम्पले कि बात पर भरोसा
कर लिया था, अब सब साफ़ हो गया कि पिम्पले का दावा कितना पिलपिला था. पिम्पले तो पक्का बत्तीबाज़ निकला. भड़ास से कम से कम अखबार के प्रबंधको को इस बात का पता तो चलने लगा कि कोंन सही है कोंन गलत. चलो ‘राज’ को एक नकली से मुक्ती मिली पर अभी कुछ और डटे है जिन्हें पहचानना बाकी है .
sachin
September 8, 2010 at 3:09 pm
pipley ji namaskar aj aap soch rahe hain hoge ki mistake kaha ho gyai aapse se mistake yah hui ki aapne sahi report arun ji chhupai aur gadho par bharosa kiya aj unhi gadho ne aapko marwa diya aap sahi kam walo ki pehchan kabhi thi hi hain jo kam ka tha jiska apko sath dena chahiye uska aapne diya nahi apna kam to ap nikal wa lete the lekin jab sath dene ki baari hote thi to ap apna daman bacha lete the,chahe wo sahi kyu na ho,agar aapne sahi ka sath de diya hota ho aisa nahi hota
chandresh garg gwalior
September 8, 2010 at 3:49 pm
joo huaa bhuut buraa huaa .. bad maa tarha tarha ki rumer to udati hai
ssureshkumar
September 8, 2010 at 9:07 pm
;D mr. pmple y r the realy pilpile.
tumne hamesh chhote karmchari per rob jhada hai .
kabhi unka bhala hone nahi deya .
hamesha battameji se baat ki.
iska sila aapko mil gaya .
kale karnamo ke leye avm kali baato ke liye aap hamesha yaad aate rahoge.
kale ko kala salam ..
Nitin gupta
September 9, 2010 at 8:19 am
Jo Huwa Achha Huwa
Nitin gupta
September 9, 2010 at 8:34 am
Papiyo Ka Ant Hona Chahia
MOHIT SHRIVASTAVA
September 9, 2010 at 9:34 am
Mere naam se jis kisi ne bhi ye comment likha hai vo bahut choti soch ka udaharan diya hai par,mein ye sab soch bhi nahi sakata hoon kisi ke bhi baarein mein,mein site ke sampadak se kahana chauhunga ki aapki site ka sadupyog hone ki bajay durupyog ho raha hai jisake jimmedaar vo hi hai – MOHIT SHRIVASTAVA