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एमएच वन का हाल, रिपोर्टर बना दिए गए स्टिंगर

न्यूज चैनल एमएच वन के बारे में खबर है कि प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में काम कर रहे अपने रिपोर्टरों को डिमोट कर स्टिंगर बना दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बनारस, इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ जैसे शहरों में कार्यरत रिपोर्टर कुछ माह पहले स्टिंगर बना दिए गए और अब इन सभी की सेलरी भी रोक ली गई है। भड़ास4मीडिया को भेज अपने पत्र में इस चैनल के स्टिंगर बन चुके एक रिपोर्टर ने अपना दुख कुछ यूं लिखा है- ”...सर, आपकी वेबसाइट वाकई बहुत अच्छा काम कर रही है। खास तौर पर हम छोटे शहर  के रिपोर्टर्स के लिए जो अपने संस्थान से लड़ तो नही सकते, लेकिन आपसे अपना दर्द ज़रूर बयां कर सकते हैं। सर, मै ….शहर में mh1 न्यूज़ चैनल में बतौर रिपोर्टर काम कर रहा था। मेरी निष्ठा और मेरे काम में हमेशा कोई कमी नहीं रही।

न्यूज चैनल एमएच वन के बारे में खबर है कि प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में काम कर रहे अपने रिपोर्टरों को डिमोट कर स्टिंगर बना दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बनारस, इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ जैसे शहरों में कार्यरत रिपोर्टर कुछ माह पहले स्टिंगर बना दिए गए और अब इन सभी की सेलरी भी रोक ली गई है। भड़ास4मीडिया को भेज अपने पत्र में इस चैनल के स्टिंगर बन चुके एक रिपोर्टर ने अपना दुख कुछ यूं लिखा है- ”...सर, आपकी वेबसाइट वाकई बहुत अच्छा काम कर रही है। खास तौर पर हम छोटे शहर  के रिपोर्टर्स के लिए जो अपने संस्थान से लड़ तो नही सकते, लेकिन आपसे अपना दर्द ज़रूर बयां कर सकते हैं। सर, मै ….शहर में mh1 न्यूज़ चैनल में बतौर रिपोर्टर काम कर रहा था। मेरी निष्ठा और मेरे काम में हमेशा कोई कमी नहीं रही।

पर पिछले महीने मुझे पता चला कि मैं जिस चैनल में बतौर रिपोर्टर काम कर रहा था, उस चैनल ने बिना मुझे बताए, स्ट्रिंगर  बना दिया और मेरी पेमेंट भी रोक ली जो आज तक मुझे नहीं मिली है। मै ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश मे जितने भी रिपोर्टर थे, उन सभी को चैनल ने स्टिंगर  बना दिया है। उन सबकी पेमेंट रोक रखी है। हम सब भुखमरी की कगार पर आ चुके हैं। जब पेमेंट के बारे में ऑफिस से बात करते हैं तो वह हमें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। अब  आप ही हमें बतायें  कि हम क्या करें? कभी कभी मन कहता है कि इस मीडिया में आकर हम लोगों ने अपनी जीवन की सबसे बड़ी गलती की है।…” 

उधर, एमएच वन के बारे में दूसरी खबर राजस्थान से है। पता चला है कि राजस्थान में इस चैनल के साथ काम करने वाले लोगों की तनख्वाह और खबरों को ब्राडबैंड के जरिये फीड करने के पैसों को प्रबन्धन ने रोक लिया है। कई लोगों को फोन करके स्ट्रिंगर बनकर काम करने के लिए कहा गया है। चैनल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एमएच वन राजस्थान से अपना बोरिया बिस्तर समेट चुका है। इसी के चलते रिपोर्टरों को बकाया पैसा नहीं दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस चैनल के राजस्थान के रिपोर्टर कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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