आध्यात्मिक गुरू संत आसाराम बापू एक बार फिर विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। एक टीवी न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में बापू को आश्रम में एक अभियुक्त को पनाह देने का आश्वासन देते दिखाया गया है। इसमें चैनल का अंडरकवर रिपोर्टर बापू से एक युवती को आश्रम में पनाह देने का आग्रह कर रहा है, जिसके खिलाफ अमरीका में करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
बकौल चैनल, बापू यह बताने के बावजूद युवती को शरण देने को तैयार हो गए कि लड़की को अमरीकी पुलिस और एफबीआई तलाश कर रहे हैं। दावा किया गया है कि उक्त रिपोर्टर एक व्यवसायी के प्रतिनिधि की तरह बापू से 3 जून 2010 को उनके हरिद्वार स्थित आश्रम पर मिला। स्टिंग ऑपरेशन में बापू को कई संगीन अपराधियों को शरण देने की बात कहते हुए भी दिखाया गया है। साभार : पत्रिका












uttank
September 11, 2010 at 12:45 pm
सब टीआरपी का खेल है। चैनलवालों को केवल ऐसी ही तो खबरें चाहिए होती हैं। इंडिया में अपराधियों की जमात को संरक्षण देने वालों में बड़ी संख्या नेताओं और उद्योगपतियों की है। उनका स्टिंग आपरेशन करने में चैनलवालों को क्या संप सूंघ जाता है। अगर चैनल वाले ऐसे लोगों के खिलाफ बोलेंगे तो सभी के धंधे चौपट हो जाएंगे। हमाम में सब नंगे हैं।
arbaaz
September 11, 2010 at 4:39 pm
kya aur kuchh nahin bacha sting karane ke liye..kaun ruchi rakhata hai aise sting mein.neta-adhikari is desh ko deemak kee tarah chat rahe hain..unhe dekho bhaijaan
rambabu gupta
September 12, 2010 at 6:53 pm
कहने को संत काम करते अंट संट या यु कहलो की साधू या सुवाधू संत का मतलव सन्यासी घर ग्रहस्ती से सन्यास लेना जंगल में भगवान की पूजा में लीन रहना न की लाल बत्ती गाड़ी में घूमना और अपराधियों को शरण देना और ऊपर से कहना की यहा पर पुलिस की क्या ताकत जो आश्रम में घुस सके यानी ये साधू नहीं भगवान् हो गए हो |हो भी क्यों नहीं देश के नेता जो अवैध तरीके से कमाई गयी दोलत को इन जेसे साधू के माध्यम से आश्रम के नाम पर नंबर एक में दिखा कर अपने सारे काम सिद्ध करना | ऐसे साधू को तो जेल में डाल कर उसकी सारी वैध – अवैध चल अचल सम्पति को देश की सर्वोच्य न्यालय टेक ओवर कर ले ताकि देश के विकास कार्य में उस का उपयोग हो सके
सही करते है चॅनल वाले स्टिंग आपरेशन करके कम से कम देश की जनता को इनका दुसरा रूप तो दिखा
A Ram
September 14, 2010 at 8:07 am
Asharam Bapu ke karondo bhakt hai, unke bare me negative khabar se trp bahut achchi aati hai, aaj tak wale trp ke liye kuchh bhi karne ko taiyar hai. kuchh bhi matlab, kuchh bhi
Chandrabhan Singh
September 14, 2010 at 11:06 am
संत के बारे में कभी सकारात्मक भी मीडिया को दिखाना चाहिए बापू आशाराम जी, व सुधांशुजी ने लाखों का नकारात्मक जीवन सकारात्मक बना दिया इसे दिखाने से समाज के बीच मीडिया की छवि अच्छी ही बनेगी