: कश्मीर में ईरानी टीवी चैनल पर रोक : जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्थानीय केबल संचालकों द्वारा प्रसारित किए जा रहे ईरानी टेलीविजन चैनल ‘प्रेस टीवी’ पर उस समय रोक लगा दी, जब घाटी में प्रदर्शनकारी इस अफवाह पर कर्फ्यू का उल्लंघन कर गलियों में निकल आए कि अमेरिका में कुरान को अपवित्र कर दिया गया है. राज्य के मुख्य सचिव एस.एस. कपूर ने कहा, हमने लोगों से अपील की है कि वे सच्चाई जाने बगर किसी खबर पर यकीन न करें.
मुख्य सचिव के मुताबिक सिर्फ ‘प्रेस टीवी’ पर कथित रूप से पवित्र कुरान को अपवित्र किए जाने की खबर प्रसारित की गई है, दुनिया के किसी और समाचार चैनल पर नहीं. हमने स्थानीय केबल संचालकों द्वारा प्रसारित किए जा रहे प्रेस टीवी पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह चैनल केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पंजीकृत भी नहीं है, जो देश के कानून के हिसाब से जरूरी है. कपूर ने कहा कि जो चैनल सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पास पंजीकृत नहीं है, उसे कोई भी केबल नेटवर्क नहीं दिखा सकता. प्रेस टीवी हमारे देश में पंजीकृत नहीं है.’
मुख्य सचिव ने ईरानी समाचार चैनल पर खबर आने के बाद उत्तरी कश्मीर के तमांग कस्बे में उग्र भीड़ द्वारा ईसाई मिशनरी स्कूल पर हमला करने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, ‘यह अफवाह धर्म विरोधी कारिस्तानी का रूप देते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई गई है. लोगों को इन सब पर ध्यान नहीं देना चाहिए.’
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल ने कथित तौर पर कुरान को अपवित्र करने की खबर प्रसारित नहीं की है, क्योंकि यह खबर अपुष्ट है. घटना के बाद सचिवालय में फौरन बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में प्रधान सचिव (गृह) बी.आर. शर्मा एवं पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोड़ा भी मौजूद थे. गौरतलब है कि प्रेस टीवी की खबर में अमेरिका के कुछ स्थानों पर कुरान की प्रतियां जलाए जाने का दावा किए जाने पर घाटी में कई स्थानों पर हिंसा भड़क उठी.
जम्मू-कश्मीर में लगातार जारी हिंसा के बीच केन्द्र सरकार राज्य में अवैध रूप से चल रहे सभी केबल टीवी चैनलों को बंद करेगी. सरकारी सूत्रों ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में गैर-कानूनी ढंग से चल रहे सभी समाचार एवं केबल चैनलों को बंद किया जाएगा.’ उन्होंने कहा कि अवैध रूप से दिखाए जा रहे विदेशी चैनलों को बंद करने की कड़ी में पांच चैनलों को बंद करने का आदेश दिया गया है. इनमें ईरान प्रेस टीवी भी शामिल है.
सूत्रों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के केबल टीवी प्रसारणकर्ताओं को निर्देश दिया गया था कि वे बिना अनुमति के किसी भी चैनल का प्रसारण न करें लेकिन इसके बावजूद कई विदेशी टीवी चैनल धड़ल्ले से दिखाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक केबल टीवी नियमों के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में पंजीकृत चैनलों को ही केबल टीवी के जरिए दिखाया जा सकता है. प्रेस टीवी चूंकि अनधिकृत टीवी चैनल था, इसलिए उसे बंद कर दिया गया.
इससे पहले, सूत्रों ने गृह मंत्रालय की ओर से केबल टीवी प्रसारणकर्ताओं को भेजे गए नोटिस के हवाले से बताया कि उनसे साफ तौर पर कहा गया था कि यदि वे अवैध टीवी चैनलों के प्रसारण पर रोक नहीं लगाते तो उनके और उनके प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.












sanjay
September 15, 2010 at 12:55 pm
punjab me FASTWAY naam se news channel dhdale sey chal raha hai , akali sarkar ki sarparasti hasil hai ko usy band nahi karwa sakta , kis me dum hai to band karwa ke dikhay , ambika soni aap apna pad chod do yahi acha hai ,
B.B.
September 16, 2010 at 12:33 pm
punjab mein do darzan se jyada news channel illegally chal rahe hai.Yeh baat punjab sarkar ko bhi pata hai aur kendar ki sarkar ke paas bhi complaints ki ja chuki hai par sirf statements ki threats hi aati hai aur thandi ho jaati hai.
amrish sharma
September 19, 2010 at 3:38 pm
Rajasthan ke naye chenal reportero se pesa mang rahe hain or avedh kamai kar rahe en par kab lagam kasi jayegi.kya sarkar ko nahi malum ki yahan reportero ka shoshan ho raha hai karrvahi kare to jane bharat sarkar ko,tab or maja aayega.