सुनील तिवारी के बारे में सूचना है कि उन्होंने फिर पत्रिका को झटका दिया है और भास्कर के पाले में खड़े हो गए हैं. सुनील रायपुर में पत्रिका के हिस्से थे. वे सुरेंद्र मिश्रा की टीम के आदमी बनकर पत्रिका में लौटे थे. लेकिन भास्कर के अशोक शर्मा ने सुनील को तोड़कर अपने साथ कर लिया.
सूत्रों का कहना है कि अशोक शर्मा ने गुरु सुरेंद्र मिश्रा के खास आदमी को उडा़कर बड़ी सफलता हासिल की है. भिलाई और दुर्ग में पत्रिका के वितरण के दौरान सुनील तिवारी भास्कर के खेमे में खड़े नजर आए. पत्रिका की ओर से इन शहरों में राजेंद्र दलाल और कुलदीप ने मोर्चा संभाला हुआ है.












arvindo
September 24, 2010 at 4:44 pm
lage raho tiwariji, jai ho
Chankey
September 24, 2010 at 5:02 pm
पत्रिका मे तो बड़ी अफरा तफरी का आलम है .स्टाफ बहुत भयभीत और सहमा हुआ है .किसी भी पीड़ित की कोई सुनवाई नहीं होती .हाँ जिनके godfather है उन्हें कोई नहीं हिला सकता . आजकल काम की नहीं जीहूजोरो की पूछ है . युवा होना चाहिए बस भले ही उसमे योग्यता हो या नहीं . भास्कर के दबाव मे कई उलटे सीधे फैसले लिए जाते है .अपने senior और अनुभवी स्टाफ की अनदेखी कर DB से आए लोगो को बड़ेबड़े package और तवज्जो मिल रही है .cmpt operator हटा कर editorial पर load बढ़ा दिया इस पर out of raj transfer की धमकी भी देते है .बहुत दबाव और तनाव मे है लोग . दिन का चैन और रात की नीद हराम हो गयी . पारिवारिक समस्याओं और निजी problems पर भी ध्यान नहीं देते .
Benam
September 25, 2010 at 5:38 am
Jiyo Tiwari ji,
Ab patrika wale bulayenge TAB ????????;);)
RAMESH KUMAR
September 25, 2010 at 12:29 pm
lage raho m bhai…bajate haho
sandeep shrivastava
October 8, 2010 at 5:36 pm
sunil Tiwari ji – aapne yeh faisla dur drishti kar liya hai tho safalta nischit hai.
patrika walo ko Raipur me chha jana chahiye lekin aisa
karne ke liye giriraj ji ko shatranji chhal chalni padhegi
ye chattishgarh hai sab kaam hote hai lekin………………?
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