
शचींद्र त्रिपाठी
समारोह का आयोजन मुम्बई महानगर की प्रतिष्ठित संस्था तरुण कला संगम की ओर से किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख लेखकों-पत्रकारों की उपस्थिति थी। वरिष्ठ पत्रकार नंदकिशोर नौटियाल,नवनीत के सम्पादक विश्वनाथ सचदेव, मुम्बई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह और संस्थाध्यक्ष चित्रसेन सिंह ने सम्मान स्वरूप उन्हें शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 21 हज़ार की धनराशि भेंट की।
शचींद्र त्रिपाठी का परिचय कराते हुए कवि-गीतकार देवमणि पाण्डेय ने कहा कि श्री त्रिपाठी एक विनम्र, मृदुभाषी और प्यारे आदमी होने के साथ-साथ एक श्रेष्ठ पत्रकार और सुयोग्य सम्पादक हैं। पाण्डेय जी ने बताया कि पत्रकारिता शचींद्र त्रिपाठी को विरासत में मिली है। उनके पिता स्व.योगेंद्रपति त्रिपाठी ने सिर्फ़ 31 साल की उम्र में ‘स्वतंत्र भारत’ लखनऊ के प्रधान सम्पादक की ज़िम्मेदारी सँभाल कर एक रिकार्ड कायम किया था। सन् 1971 में उनके स्वर्गवास के बाद प्रबंधकों के अनुरोध पर ‘स्वतंत्र भारत’ लखनऊ से ही शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता की गौरवशाली शु्रुआत की।
शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता में अपने पिता से प्राप्त संस्कारों की रक्षा की। गोरखपुर में 01 जनवरी 1952 को जन्मे शचींद्र त्रिपाठी आज भी अपनी मिट्टी-पानी-हवा से ऐसे जुड़े हुए हैं कि उन्हें मुम्बई महानगर में अवधी और भोजपुरी बोलने में ज़रा भी संकोच नहीं होता। एक शेर के माध्यम से पाण्डेय जी उनके व्यक्तित्व को रेखांकित किया- जब देखो हँसते रहते हो / इतना ख़ुश कैसे रहते हो।

फोटो-(बाएं से दाएं) धनपत जैन, डॉ.राजेंद्र सिंह, अभय नारायण त्रिपाठी(IFS), वरिष्ठ पत्रकार नंदकिशोर नौटियाल, मुम्बई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह, नवनीत के सम्पादक विश्वनाथ सचदेव, नवभारत टाइम्स के सम्पादक शचींद्र त्रिपाठी, पूर्व निर्वाचन आयुक्त नंदलाल जी, संस्थाध्यक्ष चित्रसेन सिंह, मुम्बई के सूचना आयुक्त रामानंद त्रिपाठी, समारोह संचालक कवि देवमणि पाण्डेय।
समारोह के अध्यक्ष विश्वनाथ सचदेव ने कहा कि पत्रकारिता में ग्लैमर के मोह और उसकी चकाचौंध से उत्पन्न ख़तरों के प्रति हमें सचेत रहना होगा ताकि पत्रकारिता में लोगों का विश्वास और भरोसा बना रहे। प्रमुख अतिथि कृपाशंकर सिंह ने कहा कि शचींद्र त्रिपाठी ने कल्याणकारी मूल्यों को स्थापित करने के चुनौतीपूर्ण दायित्व को बख़ूबी निभाया। म.रा.हिंदी साहित्य अकादमी के कार्याध्यक्ष नंदकिशोर नौटियाल के अनुसार शचींद्र त्रिपाठी ने पत्रकारिता के ज़रिए भारतीय मूल्यों, परम्परा और राष्ट्रीय चेतना को प्रखरता से अभिव्यक्त किया है।
समारोह में डॉ.राजेंद्र सिंह, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सचिव अभय नारायण त्रिपाठी, मुम्बई के सूचना आयुक्त रामानंद त्रिपाठी,पूर्व निर्वाचन आयुक्त नंदलाल जी बतौर अतिथि उपस्थित थे। अनुराग त्रिपाठी (वरिष्ठ पत्रकार नभाटा), राघवेंद्र द्विवेदी (सम्पादक:हमारा महानगर) और बृजमोहन पाण्डेय (सम्पादक: नवभारत) ने पत्रकारिता में शचींद्र त्रिपाठी के योगदान पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार लालजी मिश्र पत्रकार सुमंत मिश्र और कवि हरि मृदल भी मौजूद थे। कवि रासबिहारी पाण्डेय ने काव्यांजलि प्रस्तुत की और पत्रकार रमेश निर्मल ने आभार व्यक्त किया।
तरुण कला संगम, मुम्बई के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह की रिपोर्ट












ratnesh
September 26, 2010 at 4:43 pm
badhai ho bhaiya
satyendra tripathi
dhirendra pratap singh
September 26, 2010 at 5:39 pm
badhai ho tripathi ji
dhirendra pratap singh dehradun