
: भिलाई-दुर्ग में भी पत्रिका लांच : रायपुर में लांचिंग के बाद पत्रिका ने इस्पात नगरी भिलाई और दुर्ग में भी शानदार आगाज किया है. खबर है कि भास्कर के लोग पत्रिका की प्रतियों को डंप करते हुए पाए गए.
पत्रिका वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. भास्कर के कुछ इंप्लाई को पत्रिका के बंडल के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने से पत्रिका कैंप के लोग आक्रोशित हो उठे. पत्रिका के बंडल भास्कर आफिस के बाहर, अंदर दोनों जगह मिले. भिलाई की इस घटना के बारे में बताया जा रहा है कि पत्रिका से हाल में ही टूटकर भास्कर के खेमे में पहुंचे एक शख्स ने यह पत्रिका अखबार को डंप कराने की रणनीति बनाई. अखबार डंप किए जाने की घटना व पुलिस में शिकायत की खबर पत्रिका ने प्रकाशित भी की है. पत्रिका में प्रसार के मोर्चे पर कार्यरत कुलदीप व राजेंद्र को अखबार के बंडल डंप किए जाने की सूचना मिली थी. ये लोग खुद मौके पर गए और पत्रिका अखबार को भास्कर आफिस में ले जाते कुछ लोगों को पकड़ा. ऐसी ही घटना रायपुर में भी हो चुकी है. रायपुर व भिलाई में अखबार के बंडल डंप किए जाने के घटनाक्रम के बारे में पत्रिका अखबार में दो खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो इस प्रकार हैं-

भिलाई की खबर
भास्कर के दफ्तर में पत्रिका के बंडल
भिलाई। पत्रिका से मिल रही कड़ी टक्कर से खौफजदा दैनिक भास्कर प्रबंधन ने घिनौना खेल शुरू कर दिया है। यह बात उस वक्त सामने आई जब शनिवार की शाम दैनिक भास्कर दफ्तर के सामने लाल रंग की मारूति वैन (सीजी -04 एचए 6362) आकर खड़ी हुई और उससे पत्रिका के बंडल उतारकर दैनिक भास्कर दफ्तर के अंदर ले जाए गए। इसकी सूचना मिलने पर पत्रिका का स्थानीय प्रबंधन घटनास्थल पहुंचा और इसकी सूचना सुपेला थाने में दी।
सुपेला थाने से पुलिस पहुंचती इसके पूर्व ही वहां भास्कर और पत्रिका के स्थानीय प्रबंधन के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग जमा हो गए। वाद-विवाद के चलते वहां का माहौल गर्म हो गया। थोड़ी देर बाद सुपेला पुलिस भी वहां पहुंच गई। फिरोज न्यूज एजेंसी सुपेला के फिरोज खान ने बताया कि पाठकों तक पत्रिका अखबार न पहुंचे इसके लिए दैनिक भास्कर प्रबंधन पत्रिका अखबार की चोरी करवा रहा है। खान ने इस आशय की शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई है। उसका कहना है कि सुबह 4.45 बजे पत्रिका की लगभग 1000 प्रति उसके यहां से चोरी हो गई।
रायपुर की खबर
भास्कर के दफ्तर में फिर मिले पत्रिका के बंडल
रायपुर। पत्रिका की बढ़ती लोकप्रियता से दैनिक भास्कर प्रबंधन बौखला गया है। पत्रिका से मिल रही कड़ी टक्कर से डरा भास्कर प्रबंधन अब पत्रिका के बंडल गायब करने के साथ एजेंटों व हॉकरों को धमकाने जैसी घिनौनी हरकत पर उतर आया है। मामले का खुलासा करते हुए रविवार की दोपहर सरस्वतीनगर पुलिस ने भास्कर कार्यालय परिसर से बड़ी संख्या में पत्रिका की प्रतियां बरामद कीं।
पत्रिका की यह प्रतियां हॉकरों और एजेंटों से छीनकर वहां छुपा रखी थीं। इस मामले में भास्कर के रेहान कुरैशी, मनोज शुक्ला, नवीन गौतम, अमित मिश्रा व प्रवीण अवस्थी के साथ प्रकाशक व अन्य लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की गई है। उनके खिलाफ हॉकर व एजेंटों को उठवाने और हाथ- पैर तोड़ने की धमकी देने की भी शिकायत की गई है। इसी तरह पत्रिका के एजेंट मोहित कुमार पाटिल ने अमित मिश्रा के खिलाफ डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस को सौंपे शिकायत पत्र में मोहित ने बताया है कि वह रोज सुबह पेपर बांटने निकलता है। इस दौरान डीडीनगर निवासी अमित उसे रोककर पत्रिका की पूरी कॉपी देने की मांग करता है। नहीं देने पर हाथ- पैर तोड़ देने और उठवा लेने की धमकी देकर पत्रिका का पूरा बंडल छीनकर ले जाता है।
रायपुर से पहले शनिवार को भिलाई में भी भास्कर ने इसी तरह से पत्रिका की प्रतियां हाकरों से छीनकर अपने दफ्तर में रखवा लिया था, जिसे देर रात पुलिस ने अपने कब्जे मे ले लिया।












Bhilai-Durg
September 27, 2010 at 11:43 am
Ye to hona hi tha ….Aage bhi hota hi rahega ……
एक पत्रिका कर्मी
September 27, 2010 at 11:43 am
रायपुर में पत्रिका लांचिंग में प्रतिद्वन्द्वी हिंसा पर उतरे
रायपुर में पत्रिका को जबर्दस्त समर्थन मिलते देख भास्कर एवं अन्य प्रतिद्वंदियों ने एक होकर मोर्चा खोल दिया है। अब यहां कोई और दाव न चलता देख भास्कर ने प्रतिस्पर्धा को हिंसा का रूप दे दिया है। किसी भी प्रकार से वितरकों को खरीदने, बरगलाने की कोशिश कामयाब न होते देख अब उनसे प्रतियां छीनने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ स्थानीय गुण्डों की दम पर अखबार को बांटने से रोका जा रहा है, भिलाई में भी दो दिन पूर्व आमने-सामने के विवाद में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। यही कारण है कि अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति में पत्रिका के संकचमोचक माने जाने वाले भोपाल एजीएम वीपीएस भदौरिया को टीम के साथ तुरंत-फुरंत रायपुर बुला लिया गया है।
रायपुर में पत्रिका को पाठकों का जबर्दस्त रिस्पांस मिल रहा है और जैसे-जैसे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ में पत्रिका नए-नए संस्करण खोलते जा रहा है, यहॉ के मार्केट की समझ का अनुभव लगातार बढता जा रहा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ लांचिंग में शुरू दिन से ही पत्रिका पाठकों की नब्ज जानने में कामयाब रही और पाठक इसकी भाषा-शैली तथा स्पष्टवादिता, निष्पक्षता से प्रभावित होकर इसे हाथो-हाथ ले रहे है। भास्कर के लिए सबसे बडी मुसीबत यह है कि चाहे मध्यप्रदेश हो या छत्तीसगढ ट्रेड का समर्थन उसको कहीं नहीं मिला, जिसका सबसे मुख्य कारण ट्रेड के लोगों का इस समूह से असंतुष्ट और त्रस्त होना है। क्योंकि जब तक भास्कर की यहॉ मोनोपॉली रही, उसने हमेषा ट्रेड के लोगों पर डण्डा चलाया, इसी शोषण से तंग आगर ट्रेड अब कांपीटिटर को मजबूत करना चाहता है ताकि भविष्य में ट्रेड को इस प्रतिस्पर्धा का फायदा मिल सकें।
एक पत्रिका कर्मी
रायपुर
Ex.Patrika Emplyee,
September 27, 2010 at 11:58 am
Sri VPS Bhadoria G ka aagman sukhad hai . Bhaskar wale shayad ab khurapaat (Raddi Batorne) karne se ghabrayenge …. Kher Dalal Sir , Kuldeep Sir apne kaam me mahir hai sath hi Raju sir bhi waha aa gaye hai to ab Patrika is morche par bhi Raipur-Bhilai-Durg me safal hoga warna in khurapatiyo ko rokna waha baithi team k logo k liye aasan nahi hota……… 😉
narendra teniwal
September 27, 2010 at 2:48 pm
MAT karo re MAT karo BHASKAR WALO tumhari MATI ko kya ho gaya hai ab to man jao HAR SUBAH KA ANT HOTA HAI ye man gaye naaaaaaaa ki 1 na 1 din to ser ko sawa ser mita hai aur mil bhi gaya dekh liyaaaaaaaaaaaa JAI PATRIKA PATRIKA no 1 banega
l kumar
September 27, 2010 at 7:12 pm
db ki aadat hi aise hi no 1 bane hi aaj pata chal gaya
thoooooooooooooooooooo:o
jabalpur
September 27, 2010 at 7:14 pm
db ke no 1 banne ki haqikat yahi hi aaj sabit ho gaya
patrika good luck
Harendra narayan
September 28, 2010 at 6:29 am
Bhaskar akhbar nahi Pamphlet hai.
Priti lata
September 28, 2010 at 8:09 am
Don’t warry Patrika walo , Bhaskar ka to yehi fitrat hai Akbar maie daum nahi Hum Kis se kam nahi – Ranchi maie bhi Bhaskhar apne launching ke din Desh ke sare gundo ko Ranchi ke ek Mahtawapurna chowk maie bula rakha tha Par Prabhat Khabar aur Hindustan ke logo ke karan kuch kar nahi paya – Aur aaj bhi kuch kar nahi pa raha hai. Day 1 No 1 ka dum bharne wale aaj do mahine ho gaye No. 4 maie hi bane huye hai.
MUKESH AGRAWAL
September 28, 2010 at 11:22 am
Bhaskar apni Harkato se Baaj Nahi aayega. Usse Pata Hay ki ab Band Bajane Bala Public Ka Krishna Kanhaiya Chhatisgarh me Pahuch gaya Hei Isliye Bhaskar Bale Bhokla Rahe hein. Yeh Unki Bahut Purani Aadat Hey.
Manju Gupta
September 28, 2010 at 11:38 am
Pemplate Bechne Bale Full News Paper Dekhkar aur Kya Kar Sakte Hein.
Unke Liye Patrika Maleriya, Chikangunia, Dengu Bukhar ki Tarah hi Hey.
raju
September 28, 2010 at 12:23 pm
Bhaskar to Bhopal,Indore,Jabalpur or Gwalior main to muh ki kahi ha To ab yaha bi muh ki kha kar chup ho jainge.
rakesh pandey
September 28, 2010 at 2:21 pm
छत्तीसगढ़ में दैनिक भास्कर प्रबन्धकों द्वारा की जा रही ओछी हरकतों से सभी अखबारों का सर्कुलेषन विभाग कलंकित हो रहा है। गरीब, असंगठित और निर्बल अखबार वितरकों को डरा-धमकाकर पत्रिका छीन कर जबरदस्ती भास्कर की प्रतियॉ देना सरासर गुण्डागर्दी है। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे षहरों मे भी भास्कर प्रबन्धकों ने ऐसी ही नाकामयाब कोषिषें की थीं, लेकिन वितरकों की एकजुटता के कारण मुखर विरोध हो जाने के कारण भास्कर प्रबन्धकों को मुंह की खानी पड़ी है। गा्रुप ए.जी.एम. वी0पी0एस0 भदौरिया की लीडरषिप में पत्रिका की जुझारू सर्कुलेषन टीम के रहते भास्कर प्रबन्धकों के मन्सूबे कभी कामयाब नहीं होंगे, यह सर्वविदित है कि नए अखबारों की उन्नति में 70 प्रतिषत योगदान अखबार पाठकों का होता है जो अखबार में छपी विष्वसनीय खबरों के आधार पर वितरक से अपनी पसंद के अखबार की मॉग करते हैं, साथ ही 30 प्रतिषत भूमिका वितरकों की भी होती है जो अपने पाठकों को दूसरे अखबार की जगह नया अखबार पहुॅचाते है। यह तभी सम्भव है जब अखबार की सर्कुलेषन टीम वितरक समाज को आर्थिक लाभ व सम्मान के साथ उनका उत्साह वर्धन करे। छत्तीसगढ़ के वितरक संगठनों को एकजुट होकर भास्कर की इस गुण्डागर्दी का जवाब देना होगा। छात्तीसगढ़ के भास्कर प्रबन्धकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि रॉची में उनके अखबार की बढोत्तरी मे वहां के वितरकजनों का चहत्वपूर्ण योगदान रहा है।
dilip
September 28, 2010 at 3:41 pm
sajish ki yesi duniya ko samjho yaron.
mohd sultan
September 28, 2010 at 5:29 pm
bhaskar ne kabadi ka buisness shuru kiya hai….desh ka sabse tez badta raddiwala
Raipur
September 30, 2010 at 6:50 pm
patrika ke repoter phale likhna to sikhe phir comment kare, repoter ka shoshan karne wale patrika ke prabhandhan ne apne repoter ko lalipop pakda kar kalam veero se mukabla karne maidaan me utara hai. unhone rejected or kamjor repoter ko apne yahaan rakhkar jung jitne ki koshish kar raha hai, isliye use muh ki khani pad rahi hai
Raipur
September 30, 2010 at 6:53 pm
patrika ke repoter phale likhna to sikhe phir comment kare, repoter ka shoshan karne wale patrika ke prabhandhan ne apne repoter ko lalipop pakda kar kalam veero se mukabla karne maidaan me utara hai. unhone rejected or kamjor repoter ko apne yahaan rakhkar jung jitne ki koshish kar raha hai, isliye use muh ki khani pad rahi hai
Naina
October 3, 2010 at 8:43 pm
Bhaskar wale samachar to chhapte nahi.subah se vigyapan sajate hai,jo jagah bachta hai.,wo soft information dete hai.agency ka news badal ke tor maror karte hai,bhir likhte hai,Bhaskar News.sharm karo baap beto.patrakaro ko ijjat do.2000 rupe mai kabtak Gadaha banaoge.tumne naye logo se 12 ghante tak kam liye hai.Bloging se tum baimano ki pol khul gai hai.phir kabhi aur…,NAINA RANJAN
nagendra singh
October 4, 2010 at 4:49 pm
yeh bahut hi hasypad ghatana hai ,mujhe to yehi lagta hai ki ganda hai per danda hai8)