भोपाल। रायपुर के कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का चयन ‘द्वितीय स्पंदन कथा शिखर सम्मान’ के लिए किया गया है. श्री शुक्ल को यह पुरस्कार दिसम्बर को भोपाल में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जायेगा. यह पुरस्कार ललित कलाओं के समर्पित संस्था ‘स्पंदन’ द्वारा प्रदान किया जाता है.
विनोद कुमार शुक्ल का चयन विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, गोविन्द मिश्र, डॉ. प्रभाकर श्रोतिय, श्रीमती चित्रा मुदग्ल तथा प्रो. कमला प्रसाद की पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल ने सर्वसम्मति से किया. पुरस्कार समिति की संयोजक उर्मिला शिरीष ने बताया कि इस पुरस्कार के तहत श्री शुक्ल को इकतीस हजार रुपये की राशि, शॉल, श्रीफल तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किया जायेगा.
विनोद कुमार शुक्ल के छह कविता संग्रह, तीन उपन्यास (नौकर की कमीज, खिलेगा तो देखेंगे, दीवार में एक खिड़की रहती थी) तथा एक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी रचनाओं का कई भारतीय भाषाओं सहित अनेक विदेशी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है. श्री शुक्ल को साहित्य अकादमी, राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान मिल चुके हैं.
उनके उपन्यास ‘नौकर की कमीज’ तथा कहानी ‘बोझ’ पर मणिकौल द्वारा फिल्म बनाई जा चुकी है. उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ पर मणिकौल द्वारा फिल्म बनाने की तैयारी है. वर्तमान में विनोद कुमार शुक्ल रायपुर में रहते हुए सृजनकर्म में रत हैं.












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September 30, 2010 at 9:41 am
बधाई विनोद जी…वास्तव में वे ओरदेश के गौरव हैं..और प्रदेश ही क्यू देश को उनपर गर्व करना चाहिए. आनंद आया था पिछले दिनों देख कर की एक राष्ट्रीय पत्रिका द्वारा कराये गए अध्ययन में शुक्ल जी की पुस्तक ‘नौकर की कमीज़’ को दस श्रेष्ठ कालजयी रचनाओं में से एक माना गया है….पुनः बधाई.