: किताब ‘टेलीविजन एंड क्राइम रिपोर्टिंग’ विमोचित : क्राइम की ख़बरों की संतुलित रिपोर्टिंग का हुनर सिखाने के मकसद से वर्तिका नंदा की लिखी किताब टेलीविजन एण्ड क्राइम रिपोर्टिंग का गुरुवार को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में विमोचन हुआ. विमोचन पीपली लाइव फिल्म की लेखक-निर्देशक अनूशा रिजवी व महमूद फारूकी और प्रसिद्ध साहित्यकार अशोक चक्रधर ने किया.
साहित्य अकादमी के अध्यक्ष प्रो. अशोक चक्रधर ने कहा कि वर्तिका नंदा चूंकि खुद टीवी में क्राइम रिपोर्टर रह चुकी हैं और अब अध्यापन के क्षेत्र में हैं इसलिए यह किताब फील्ड और क्लास के सामंजस्य का अनोखा मिलन है. चक्रधर ने कहा कि यह किताब नवांकुरों के साथ ही मीडिया के बरगदों के लिए भी उपयोगी है. उन्होंने कहा कि वर्तिका ने क्राइम की रिपोर्टिंग को सामाजिक सरोकार से जोड़ा है जिससे हर रिपोर्ट जीवंत हो जाती है.
फिल्म निर्देशक अनूषा रिजवी ने वर्तिका के साथ काम के अनुभव साझे किए और कहा कि लेखिका हमेशा से संवेदनशील रही हैं. महमूद फारूकी ने कहा कि सामाजिक सरोकार और विचार को सामने लाने के लिए समाचार मीडिया अकेला माध्यम नहीं है. किताब के प्रकाशक राजकमल प्रकाशन के अशोक माहेश्वरी ने इस किताब को एक अलग तरह की छाप छोड़ने वाली किताब बताया. समारोह का संचालन मीडिया आलोचक विनीत कुमार ने किया. प्रेस विज्ञप्ति












deepak khokhar, rohtak, 9991680040
October 3, 2010 at 8:16 pm
congratulations vartika
mayank
October 4, 2010 at 12:05 am
vartika ji its realy nice too feel that somebody come out for crime reporters its a great begning go ahed ,wishae for u .i m also a crime reporter working with inext ,early i have work as crime reporter in etv at dehradun bureau
Aashish Maheshwari
October 4, 2010 at 3:53 am
वर्तिका नंदा जी की किताब के विमोचन पर उनको मेरी ओर से ढे़र सारी बधाईयां। वर्तिका नंदा एक सुलझी हुई और एक गंभीर पत्रकार होने के साथ ही एक बहुत अच्छी शिक्षक भी है। उनके अच्छे व्यवहार की वजह से ही हम जैसे युवा पत्रकार उन जैसी महिला पत्रकार से सलाह मांगने की हिम्मत जुटा लेते हैं….
Harendra Narayan
October 4, 2010 at 4:37 am
Vartika g ko hamari shuvkamna ,badhai.! pustak wo bhi,crime pe likhna aasan nahi hai.ummid hai naye generation ise hatho hath legi…,HARENDRA NARAYAN,PATNA
Vartika The Joke
October 12, 2010 at 3:12 pm
Vartika aur samajik sarokar….. bat kuch samajh nahi aayi… Kitab to acchi hogi hi nahi yahi ummeed hai…
raghwendr
October 25, 2010 at 5:16 pm
kitaab jaahir taur per yuwao ka marg darshan karegi