: बड़े पैमाने पर भर्तियां शुरू : हिस्सा बनने के लिए आवेदन करें : लखनऊ से बहुत जल्द प्रकाशित होने वाला है एक नया हिंदी दैनिक समाचारपत्र. नाम है ‘जनसंदेश टाइम्स’. इस अखबार को लांच करने की तैयारियां गुपचुप तरीके से शुरू हो गई हैं. भर्तियों का दौर शुरू होने वाला है. इस नए अखबार को प्रत्येक सेक्शन के लिए सीनियर, जूनियर सब तरह के लोग चाहिए. भड़ास4मीडिया के पास ‘जनसंदेश टाइम्स’ प्रबंधन ने पत्रकारों व गैर-पत्रकारों की जरूरत संबंधी एक सूचना प्रकाशन हेतु भेजा है, जिसे नीचे दिया जा रहा है. प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोग व हर तरह की योग्यता के लोग इसमें आवेदन कर सकते हैं. प्रबंधन का कहना है कि सभी आवेदकों के बायोडाटा गोपनीय रखे जाएंगे. ‘जनसंदेश टाइम्स’ में भर्ती हेतु भड़ास4मीडिया के पास आई खबर इस प्रकार है-
”क्या आप जानते हैं कि वक्त आप का इंतजार कर रहा है. अगर आपके पास समाचारपत्रों की दुनिया में काम करने का अनुभव है, आप इस इंडस्ट्री की बारीकियों से गहराई से परिचित हैं, आप को खबर, प्रसार, प्रोडक्शन, विज्ञापन, आईटी (कम्प्यूटर्स), अकाउंटेंसी, डीटीपी, इनमें से किसी भी क्षेत्र में कुशल कार्य सम्पादन या प्रबंधन का ज्ञान है और आप एक नये परिवार में शामिल होकर उसकी प्रगति, समृद्धि एवं बेहतरी के लिये अपना समय, श्रम और समर्पण देने को तैयार हैं, तो बेशक हमें आप की जरूरत है. लखनऊ से बहुत जल्द प्रकाशित होने वाले हिंदी दैनिक समाचारपत्र ‘जनसंदेश टाइम्स’ को आवश्यकता है. समाचार सम्पादक, उपसमाचार सम्पादक, मुख्य उप-सम्पादकों, उप-सम्पादकों, रिपोर्टरों, फोटोग्राफरों और प्रशिक्षु पत्रकारों की. प्रसार, विज्ञापन और प्रोडक्शन विभागों के लिये विशेषज्ञ यूनिट प्रमुखों की. साफ्टवेयर और हार्डवेयर इंजीनियर्स की. टाइपिंग, ले-आउट, डिजाइनिंग, पेज-मेकिंग, इंटरनेट संचालन में दक्ष डीटीपी आपरेटर्स की. अकाउंटेंट्स की. सभी वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति में योग्यता के साथ अनुभव को वरीयता दी जायेगी. इसके अलावा कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, बाराबंकी, फैजाबाद, रायबरेली, सुल्तानपुर, बहराइच, बांदा, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, अम्बेडकरनगर और फतेहपुर जिला मुख्यालयों पर ऐसे जिला प्रतिनिधियों की जरूरत है, जिनके पास इस पद पर काम करने का कम से कम पांच साल का अनुभव हो. ऐसे लोगों को वरीयता दी जायेगी, जिनके पास जरूरी आधारभूत संरचना, कम्प्यूटर, मोडेम, इंटरनेट आदि की सुविधा हो. आवेदनपत्र इस ई-पते [email protected] पर भेजें.”












Imran Zaheer, Moradabad
October 8, 2010 at 6:40 pm
बहुत बहुत शुभकामनाएं|
rajneesh kumar tripathi
October 8, 2010 at 8:19 pm
bahut accha print media ka daur aa gaya hai
FahimAkhtar
October 8, 2010 at 9:20 pm
जन सन्देश टाइम शुरू करने के लिय आप सब को बहुत बहुत बधाई हो
Dhanish srivastava
October 8, 2010 at 9:25 pm
Shubhaarambh ke liye haardik Shubhkamnaye..
Umeed hai ye naya SANDESH naye aur nishpakha vichaaro ka Pravah karega.
Dhanish Srivastava , Lucknow.
SHALABH JAISWAL
October 9, 2010 at 12:56 am
जन सन्देश टाइम शुरू करने के लिय आप सब को बहुत बहुत शुभकामनाएं|
RAJESH VAJPAYEE JANSANDESH UNNAO
October 9, 2010 at 2:30 am
CONGRATS ALL THE FAMILY MEMBERS .
Regards
Rajesh Vajpayee District Head Jansandesh News Channel
Unnao
sanjay
October 9, 2010 at 2:47 am
भैया ये बसपा का अखबार है क्या ? जनसंदेश चैनल तो बसपा का है। चैनल नहीं चला तो अखबार में हाथ आजमाया जा रहा है क्या? किसी के पास इसका जवाब हो दीजिए गा प्लीज।
pradeep
October 9, 2010 at 7:01 am
lucknow se ek aour daenik jansandes taimes ke prakasan ki khabar sun kar achcha laga.
asa hae patrkarita ke map dandon par khara utarega.
dheron subh kamnayen.
0 9848997327
ram balak
October 9, 2010 at 1:26 pm
bahut accha print media ka daur aa gaya hai
aasif
October 9, 2010 at 5:05 pm
yashwant ji, plz ye batayen ki kya ye akhbaar jansandesh tv channel walo ka hi hai ya iska prabhandhan alag hai? ye jankar patrakaro ko nirnay lene mai madad milagi.
mazhar husain
October 9, 2010 at 8:23 pm
मुझे भी लग रहा है कि ये अखबार बसपा का ही है खैर अछि शुरुआत है खबर में तो सबकुछ लिख दिया गया कि संवाददाता बनने के लिया क्या क्या खूबिया और अनुभव चाहिए लेकिन यह बात गोल कर दी गयी कि सम्वाददाता से सिर्फ बेगार ही कराया जायेगा कि उन्हें वेतन भी दिया जायेगा l ई मेल और ऑफिस के खर्चे कौन देगा क्या संवाददाता को अपनी जेब से पूरा करना पड़ेगा l इस बात को तो स्पष्ट करें संपादक जी या फिर पत्रकारिता में कुछ और दलाल पैदा करना है
rajkumar jain
October 9, 2010 at 10:04 pm
अखबारों में रिक्ितयां तो जारी कर दी जाती हैं, लेकिन उनके वेतन स्पष्ट नहीं किए जाते। इस वर्ग में बुद्धिजीवी लोग हैं। पत्रकार सबसे सस्ता मजदूर है, जो अल्पवेतन पर काम करने को तैयार हो जाता है। उसकी हालत नरेगा के मजदूर से भी पतली होती है। इस बारे में न तो सरकार ही अखबारों पर लगाम कस रही है और न ही अखबार के मालिक ही सोच रहे हैं। अखबारों के मालिक करोडों और अरबों रुपए मासिक और सालाना कमा रहे हैं, लेकिन इन्हें नींव की ईंट पत्रकार का ख्याल नहीं आता।
यहां नहीं तो क्या भगवान के पास जाकर इन्हें भी हिसाब देना होगा कि कितने लोगों को सताया। स्वयं ने ऐश किए और कर्मचारियों के पसीने की कमाई पर मौज मस्ती की। अरे अखबार के मालिको शर्म करो ************ शर्म करो
सरकार अखबारों के लिए एक्ट बनाती है, लेकिन उसे लागू कराने में ठोस कदम क्यों नहीं उठाती। अखबार बालों की क्या बपौती है। सरकार के कारिंदे भी निकम्मे हो गए हैं, जो शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के विज्ञापन तो प्रसारित करा देते हैं, लेकिन अखबारों में शोषित कर्मचारी का पता होने पर भी कोई कदम उठाने में पीछे हट जाती है। जबकि कारखानों में क्यों लागू किए जाते हैं ऐसी दोगुली नीति क्यों। कामगार कारखानों में काम करने वाले मजदूर हैं ऐसे ही अखबारों में काम करने वाले कर्मचारी। अखबार भी तो उद्योग है फिर सौतेला पन क्यों।
rajkumar gupta
October 9, 2010 at 11:57 pm
सही कहा जैन साहब आपने लेकिन अब पत्रकारों को खुद ही अपनी आवाज़ बुलंद करना पड़ेगा तभी हमें अपना हक मिल सकता है वैसे तो अखबार के मालिकान चाहते ही है कि छोटू ऐसे ही काम करता रहे और वह अपनी जेब भरते रहे वैसे हमसे बेहतर तो मजदूर ही है जो कम से कम रोज़ कुछ घर लेकर चले जाते है लेकिन इन संपादको मालिकानो को शर्म नहीं आ सकती
kishore sharma,reporter Punjab Kesri, Pehowa
October 10, 2010 at 1:30 am
resp. yashwant ji. mein haryana ke ek chhote se kasbe se punjab kesari akhbaar ka patarkar hoon. mein patarkarita mein apna ek alag sathaan banana chhta hu kya aap meri madad kar sakte h.
प्रदीप संगम
October 10, 2010 at 3:52 pm
ये पूछो इतनी टीम रखने पर खर्चा क्या करोगे?
gautam vicky
October 11, 2010 at 2:09 am
bhut bhut bdai ho
raghvendra tripathi
October 12, 2010 at 9:40 pm
badhai ho
parveen kumar
October 13, 2010 at 6:53 pm
Bhaiya Gurgaon me bhi shuru krao Akhbar ko BSP ka hryana me Jnadhar hi Bhadhega aur Hum jaise Dainik jagran de Maro ko kam. meri aur de Badhai