नई दिल्ली के हरिनगर में 67 वर्षीय पत्रकार जगदीश चंद्रकेश की हत्या में नया मोड़ आ गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि उनकी हत्या बड़ी बेरहमी से की गई है. हत्यारों ने उनकी हत्या करने के बाद उनकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं. पीएम रिपोर्ट में इस तथ्य के खुलासे के बाद पुलिस ने भी अपनी जांच नए सिरे से प्रारम्भ कर दी है. पुलिस मान रही है कि हत्या के पीछे आपसी रंजिश या घरेलू कारण हो सकता है, तभी हत्यारों ने इतनी नृशंशता के साथ चंद्रकेश की हत्या को अंजाम दिया.
पीएम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस लूटपाट के मकसद से की गई हत्या मान रही थी. इसी लाइन पर वो अपनी जांच भी कर रही थी. गौरतलब है कि बीते 27 अगस्त की देर रात वरिष्ठ पत्रकार जगदीश चंद्रकेश की हत्या उनके घर में कर दी गई थी. उनका शव उनके घर के अध्ययन कक्ष में मिला था. चंद्रकेश अपने दो मंजिला फ्लैट में अपनी दूसरी पत्नी नैना के साथ रहते थे. 28 अगस्त को जब नैना पति को आवाज दी तो वो नीचे नहीं आए. काफी देर बाद भी जब वो नीचे नहीं उतरे तो नैना उन्हें देखने ऊपरी मंजिल पर स्थित उनके अध्ययन कक्ष में गईं. वहां की स्थिति देखकर नैना सन्न रह गईं. जगदीश चंद्रकेश खून से लथपथ पड़े हुए थे. नैना ने पुलिस को इसकी सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस को नैना ने अपने पति की अंगूठी और घड़ी गायब होने की बात भी बताई. चंद्रकेश की हत्या उनके चेहरे पर वार करके की गई थी.
नैना ने पुलिस को बताया था कि वह दोनों अपने दो मंजिला मकान में अकेले ही रहते थे. उनके दोनों बेटे शादीशुदा हैं और उनलोगों से अलग रहते हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस हत्या को लूटपाट का कारण मानकर अपनी जांच कर रही थी. लेकिन, पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी है. रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्यारों ने उनके चेहरे पर तकिया रखकर मारने के कोशिश की, इसके बाद भारी हथियार से वारकर उनकी हत्या कर दी गई. जगदीश की मौत हो जाने के बाद चाकू से उनके चेहरे पर ताबड़तोड़ कई वार किए गए. जिसके चलते उनके चेहरे का अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. हत्या के बाद इतनी नफरत और नृशंशता देखकर पुलिस अपनी जांच की दिशा आपसी रंजिश की तरफ कर दी है. पुलिस अब यह मान कर चल रही है कि हत्या का मकसद लूटपाट न होकर आपसी रंजिश है.











