Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

कहिन

ऐ अंधे, तूने इधर से किसी को जाते हुए देखा!

[caption id="attachment_18326" align="alignleft" width="94"]रीता विश्वकर्मारीता विश्वकर्मा[/caption]: justice for मां : एक जंगल में एक एक नेत्र ज्योति हीन महात्मा तप कर रहे थे. उसी जंगल में एक राजा अपने महामंत्री और नौकर के साथ आखेट करने आए थे लेकिन कतिपय कारणों से बिछुड़ गए. फिर नौकर अपने राजा को ढूंढते-ढूंढते उस अंधे महात्मा के पास पहुँचा और बोला- ऐ अंधे, तूने इधर से किसी को जाते हुए देखा? इस पर महात्मा ने बड़े ही सरल अन्दाज में कहा- नहीं वत्स, मैंने तो किसी को नहीं देखा. इसके कुछ देर उपरान्त महामंत्री पहुंचे और महात्मा से विनम्रता से प्रणाम कर पूछा साधु जी, क्या आपने किसी को इधर से जाते हुए देखा? महात्मा ने पुनः उत्तर दिया- नहीं वत्स, मैंने किसी को नहीं देखा। इसके बाद राजा स्वयं महात्मा के पास पहुँचे और आदरभाव के साथ उनसे प्रणाम व चरणस्पर्श कर पूछा- महात्मन्, क्या आपने किसी को यहाँ से जाते हुए देखा? तब उक्त नेत्र ज्योति हीन महात्मा बोले- हाँ, राजन् अभी कुछ क्षण पूर्व आपके महामंत्री व नौकर इधर से गुजरे हैं. यह सुनकर राजा आश्चर्यचकित हो गए. उन्होंने महात्मा से पूछा- महात्मन्, मुझे माफ करें, आप देख नहीं सकते, फिर भी आपने यह कैसे जान लिया कि वे दोनों मेरे महामंत्री और नौकर थे. तब इसका जवाब महात्मा ने बड़ी ही शालीनता के साथ दिया.

रीता विश्वकर्मा

रीता विश्वकर्मा

: justice for मां : एक जंगल में एक एक नेत्र ज्योति हीन महात्मा तप कर रहे थे. उसी जंगल में एक राजा अपने महामंत्री और नौकर के साथ आखेट करने आए थे लेकिन कतिपय कारणों से बिछुड़ गए. फिर नौकर अपने राजा को ढूंढते-ढूंढते उस अंधे महात्मा के पास पहुँचा और बोला- ऐ अंधे, तूने इधर से किसी को जाते हुए देखा? इस पर महात्मा ने बड़े ही सरल अन्दाज में कहा- नहीं वत्स, मैंने तो किसी को नहीं देखा. इसके कुछ देर उपरान्त महामंत्री पहुंचे और महात्मा से विनम्रता से प्रणाम कर पूछा साधु जी, क्या आपने किसी को इधर से जाते हुए देखा? महात्मा ने पुनः उत्तर दिया- नहीं वत्स, मैंने किसी को नहीं देखा। इसके बाद राजा स्वयं महात्मा के पास पहुँचे और आदरभाव के साथ उनसे प्रणाम व चरणस्पर्श कर पूछा- महात्मन्, क्या आपने किसी को यहाँ से जाते हुए देखा? तब उक्त नेत्र ज्योति हीन महात्मा बोले- हाँ, राजन् अभी कुछ क्षण पूर्व आपके महामंत्री व नौकर इधर से गुजरे हैं. यह सुनकर राजा आश्चर्यचकित हो गए. उन्होंने महात्मा से पूछा- महात्मन्, मुझे माफ करें, आप देख नहीं सकते, फिर भी आपने यह कैसे जान लिया कि वे दोनों मेरे महामंत्री और नौकर थे. तब इसका जवाब महात्मा ने बड़ी ही शालीनता के साथ दिया.

नेत्र ज्योति विहीन महात्मा बोले- हे राजन्! आदमी की पहचान उसकी वाणी से होती है. सो मैंने आपके नौकर और महामंत्री की वाणी और शिष्टाचार से उन्हें पहचान लिया. यह तो रही कहानी जो हमें बताती है कि आदमी की पहचान उसकी वाणी से होती है. ठीक इसी तरह पुलिस विभाग के कुछ उच्चाधिकारी भी हैं जो प्रेस वार्ताओं में बड़ी शालीनता का परिचय देते हुए अच्छी पुलिसिंग का दम भरते हैं और यह दावा करते हैं कि पुलिस आम जनता से मित्रवत पेश आती है और यदि कहीं से किसी पुलिस जन द्वारा लापरवाही या किसी का उत्पीड़न किए जाने की कोई सूचना मिलती है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. लेकिन वास्तव में ये सभी उस नेत्र ज्योति हीन महात्मा की तरह नहीं हो पाए जो अपनी वाणी और करने में एक होते हैं. यूपी पुलिस के उच्चाधिकारी न्याय का नाटक करते हैं, मीठे शब्दों और मोहक मुस्कान के साथ. उनकी मृदुल वाणी और मोहक दावों के बावजूद उनकी पुलिस और उनके प्रशासन के लोग जनता खासकर महिलाओं का उत्पीड़न करने में तनिक भी संकोच नहीं करते, जो कि अशोभनीय बात है.

हमारे प्रिय बड़े भाई यशवन्त सिंह की माता श्रीमती जमुना सिंह के साथ ही अन्य तीन माताओं को नन्दगंज थाने की पुलिस द्वारा बंधक बनाकर उनका मानसिक उत्पीड़न करना वाकई महिलाओं के लिए एक शर्मनाक घटना है. चूंकि मैं भी एक महिला हूँ, और पत्रकारिता जैसे मिशन से जुड़कर समाज सेवा कर रही हूं, इस तरह की घटना/घटनाओं का मैं खुले दिल से विरोध करती हूँ और यह कहती हूँ कि यशवन्त भइया, आप किसी तरह से अपने को कमजोर न समझें. आपकी इस लड़ाई में हम सभी आपके साथ हैं. पत्रकारों या उनके परिजनों को इस तरह से प्रताड़ित करने वाले पुलिस जनों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

रीता विश्वकर्मा

अकबरपुर, अम्बेडकरनगर

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. K Arvind

    October 20, 2010 at 5:15 am

    Apne paagalpan ke liye Uttar Pradesh Police KUKHYAT hai aur PAAGALON ke baare men kaha jaata hai ki ….KAA NAHI PAAGAL KAR SAKE.

  2. K Arvind

    October 20, 2010 at 5:22 am

    Apne PAAGALPAN ke liye Uttar Pradesh Pulice KUKHYAAT hai aur PAAGALON ke baare men kahaa Jaata hai ki KAA NAHI PAAGAL KAR SAKE

  3. vikas srivastava

    October 21, 2010 at 11:35 pm

    apke vichar hame prabhavit kar gai, bahut badhiya.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...