वर्ष 2010 का ‘आनन्द सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान’ वरिष्ठ और चर्चित कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। कथाक्रम समिति के संरक्षक प्रख्यात कथाकार श्रीलाल शुक्ल की अध्यक्षता में समिति ने यह निर्णय लिया। समिति के अन्य सदस्यों में कथाक्रम संयोजक शैलेन्द्र सागर, वरिष्ठ कहानीकार शिवमूर्ति, प्रखर समीक्षक सुशील सिद्धार्थ एवं चर्चित लेखिका रजनी गुप्त हैं।
5 जुलाई 1949 को जनपद इलाहाबाद के बलापुर गांव में जन्मे अब्दुल बिस्मिल्लाह बहुमुखी प्रतिभा के धनी रचनाकार हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एमए व डी फिल, श्री बिस्मिल्लाह पिछले लगभग तीन दशकों से साहित्य में सृजनरत हैं। ग्रामीण जीवन व मुस्लिम समाज के संघर्ष, संवेदनाएं, यातनाएं और अन्तर्द्वंद उनकी रचनाओं के मुख्य केंद्र बिन्दु हैं। ‘झीनी झीनी बीनी चदरिया’ व ‘मुखड़ा क्या देखें’ हिंदी कथा साहित्य के चर्चित उपन्यास हैं। इनके अतिरिक्त ‘समर शेष है’, ‘जहरबाद’, ‘दंतकथा’, ‘अपवित्र आख्यान’ व ‘रावी लिखता है’ उनके अन्य उपन्यास हैं। उनके छह कहानी संग्रहों में ‘अतिथि देवो भव’, ‘रफ रफ मेल’, ‘कितने कितने सवाल’, ‘रैन बसेरा’, ‘टूटा हुआ पंख’ और ‘जीनिया के फूल’ शामिल हैं। उनके चार कविता संग्रह तथा एक नाटक ‘दो पैसे की जन्नत’ भी प्रकाशित हैं। ‘विमर्श के आयाम’, ‘अल्पविराम’ व ‘मध्यकालीन हिंदी काव्य में सांस्कृतिक समन्वय’ उनकी आलोचनात्मक कृतियां हैं।
डा. बिस्मिल्ला को 1987 में सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें मध्य प्रदेश साहित्य परिषद का अखिल भारतीय देव पुरस्कार, उ0प्र0 हिंदी संस्थान व हिंदी अकादमी, दिल्ली के सम्मानों से भी समादृत किया जा चुका है। सम्प्रति वह जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष एक चर्चित व वरिष्ठ कथाकार को प्रतिष्ठित ‘आनन्द सागर कथाक्रम सम्मान’ प्रदान किया जाता है जिसके अन्तर्गत 15000/ की धनराशि तथा सम्मान चिन्ह, सम्मान पत्र भेंट किए जाते हैं। विगत वर्षों में यह सम्मान संजीव, कमलाकांत त्रिपाठी, चंद्र किशोर जायसवाल, मैत्रेयी पुष्पा, दूधनाथ सिंह, ओम प्रकाश बाल्मीकि, शिवमूर्ति, असगर वजाहत, भगवान दास मोरवाल, उदय प्रकाश, प्रियंवद, मधु कांकरिया व महेश कटारे को दिया जा चुका है। यह सम्मान दिनांक 13 नवम्बर को लखनऊ में आयोजित कथाक्रम 2010 के अवसर पर दिया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति












sandeepyash
October 26, 2010 at 12:15 am
good novels ,would like to read
sandeepyash
October 26, 2010 at 12:16 am
good books