
बालकोंडा पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी के साथ मां शिवलीला.
यहां एक पति ने अपनी पत्नी व बेटी को एक व्यक्ति के हाथ तीन लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया. निज़ामाबाद मुख्यालय से चालीस किलोमीटर दूर बालकोंडा तहसील है. यह आंध्र प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुरेश रेड्डी का निर्वाचन क्षेत्र है. बालकोंडा के रहने वाले बंडी रमेश ने अपनी पत्नी शिवलीला एवं तीन माह की बेटी नवनीता को आर्मुर के रहने वाले एक व्यक्ति से तीन लाख में बेचने का सौदा किया था. नरेश अपनी पत्नी व बेटी को लेकर बालकोंडा से पंद्रह किलोमीटर दूर अर्मुर शहर पहुंचा. लेकिन ऐन वक्त पर खरीदार व्यक्ति सौदे से पीछे हट गया.
इसी बीच शिवलीला को इस बात का आभास हो गया कि उसका पति उसको व उसकी बेटी को बेचने की फ़िराक में है. बस, वह किसी तरह से नरेश से अपना पिंड छुड़ा कर अपने मायके (बालकोंडा) पहुंची. उसने सारी दास्तान अपने पिता नगय्या को बताई. बेटी की बात सुनकर नगय्या उसे लेकर तुरंत बालकोंडा पुलिस स्टेशन गए और वहां पर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी. नगय्या के मुताबिक लगभग दस साल पहले वह जीविकोपार्जन के लिए अपने परिवार के साथ आन्ध्र से यहां आये थे. बाद में वे बालकोंडा में ही बस गये.
चार साल पहले उसने अपनी बेटी शिवलीला का हाथ वहीँ के रहने वाले नरेश के हाथ में थमा दिया. लेकिन उसे क्या पता था कि बेटी का हाथ थामने वाला ही उसे व उसकी नातिन को कुछ पैसों के लिए किसी दूसरे के हाथ बेचने का प्रयत्न करेगा. नगय्या ने बताया कि शादी के बाद से नरेश उसकी बेटी को प्रताड़ित किया करता था. इसके कारण पुलिस को कई बार बीच बचाव करना पड़ा. खबर लिखे जाने तक शिवलीला व उसकी बेटी बालकोंडा पुलिस थाना तथा पति अर्मुर पुलिस हिरासत में थे.












bijay singh
October 27, 2010 at 4:09 am
MAHA BEHUDA INSAN HAI YE.