
के. नरेंद्र
आजादी के आंदोलन में भी उन्होंने हिस्सा लिया. दैनिक प्रताप उर्दू, वीर अर्जुन और सांध्य वीर अर्जुन में के. नरेंद्र का दृष्टिकोण नामक कॉलम काफी मशहूर था. के. नरेंद्र के पुत्र अनिल नरेंद्र वीर अर्जुन के संपादक हैं. आज 11 बजे सुबह उनका अंतिम सस्कार निगम बोध घाट पर किया जाएगा. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने के. नरेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है. चौहान ने एक बयान में कहा कि नरेंद्र राष्ट्रवादी विचारों के साथ जीते रहे और तेवरदार पत्रकारिता करते रहे. उन्होंने के. नरेंद्र के परिजनों को यह दुख सहन करने की क्षमता देने की प्रार्थना ईश्वर से की.
के. नरेंद्र से जुड़ा कोई संस्मरण आपके पास हो तो हम तक [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं.












Madhukar sharma Vidisha M.P.
October 28, 2010 at 8:00 pm
देश के कद्दावर पत्रकार के.नरेन्द्र के निधन की खबर से समूची पत्रकारिता विरादरी की गहन छती हुई है पत्रकारिता के शाश्वत मूल्यों का समूची दुनियां में परचम फहराया श्री नरेन्द्र ने आज पत्रकारिता जगत से श्री नरेन्द्र के चले जाने से पत्रकारिता जगत को गहरी छती हुई जिसकी भरपाई लम्बेसमय तक हो पाये यह कहना मुश्किल होगा। में सौभाग्यशाली हूं कि मैने श्री नरेन्द्र को आगरा के एक सेमीनार में न केवल सुना था बल्कि करीब से जानने का मुझे अवसर मिला वे छण मुझे यादगार रहेंगे।
……..मधुकर शर्मा विदिशा
Narendra Vishwa Karma
October 28, 2010 at 8:02 pm
देश के कद्दावर पत्रकार के.नरेन्द्र के निधन की खबर से समूची पत्रकारिता विरादरी की गहन छती हुई है पत्रकारिता के शाश्वत मूल्यों का समूची दुनियां में परचम फहराया श्री नरेन्द्र ने आज पत्रकारिता जगत से श्री नरेन्द्र के चले जाने से पत्रकारिता जगत को गहरी छती हुई जिसकी भरपाई लम्बेसमय तक हो पाये यह कहना मुश्किल होगा।
योगराज शर्मा
October 28, 2010 at 9:45 pm
आजादी का वक्त याद करें तो अंदाजा लगेगा कि उस समय पत्रकारिता करना कितना मुश्किल था… वो भी जब हम गुलाम थे.. उर्दू अखबार ही थे जो देश भर में क्रांति की ज्वाला जलाए संदेश पहुंचाते थे… ऐसे वक्त के साहसी पत्रकारों में से एक थे के नरेंद्र… नतमस्तक पत्रकार जगत उन्हें सलाम करता है…
योगराज शर्मा, एडिटर इन चीफ, जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क… 9899705042
योगराज शर्मा
October 28, 2010 at 9:46 pm
http://www.journalisttoday.com/news-room/8340-2010-10-27-13-02-07
mukund
October 28, 2010 at 10:35 pm
patrkarita ke shirsh purush ki aatma ko bhagwan shanti pradan kare. mukund
Abhishek Ranjan Singh
October 28, 2010 at 11:21 pm
Narendra Ji ne patrakarita me kai dask bitaye….unhone aazadi se pahle aur aazadi ke baad ki patrakarita ki desh ke bibhajan ke dard ko dekha….Unke bare me ek baat kahna chahunga ki wo sacche mayno me desh me ganga jamuna tahzeeb ki parampra hi nahi balki patrakarita bhi ki Urdu dainik Pratap Aur Hindi dainik Veer Arjun iski misal hai……
Narendra ji ko sat…sat naman
हरिओम गर्ग
October 30, 2010 at 6:22 am
के .नरेन्द्र का नाम इस देश के राष्ट्रवादी पत्रकारों में सबसे अव्वल लिया जायेगा .
पत्रकारिता में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता .उनके निधन से इस देश ने एक राष्ट्रवादी पत्रकार खो दिया है.
हरिओम गर्ग
बीकानेर.
ravindra singh kushwah
October 30, 2010 at 3:33 pm
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