इंडिया न्यूज से सूचना है कि सभी स्ट्रिंगरों को अक्टूबर 2009 से अभी तक कोई पेमेंट नहीं दिया गया है. इंडिया न्यूज के एक स्ट्रिंगर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वह इंडिया न्यूज में दो वर्षों से काम कर रहा है. जब भी पैसे की बात की जाती है तो वरिष्ठ लोग ‘मिल जाएगा’ की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं. कहा जाता रहा कि दीपावली को पैसा मिलेगा लेकिन नहीं दिया. इस स्ट्रिंगर का कहना है कि उसने तीन हजार रुपये कर्ज लेकर दीपावली पर बच्चों को कपड़े व पटाखे दिलवाए. ये लोग एक के बाद एक चैनल खोले जा रहे हैं लेकिन स्ट्रिंगरों का पैसा नहीं दे रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.












vikram
November 7, 2010 at 11:49 am
हालाँकि में इंडिया न्यूज का मोउथ पीस नहीं फिर भी जनाब क्यों जूठ बोल रहे हों यानि इतनी मिलावट अछी नहीं होती ? अभी दिवाली से एक हफ्ता पहले इंडिया न्यूज ने चार माह का मेहनताना यानि मार्च /अप्रैल /मई /जून के पैसे भेजे हैं ताकि स्ट्रिंगरोंकी दिवाली काली न हो
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November 7, 2010 at 2:57 pm
vikram ji tum to chamachey ho,paisa kis ko bhaja hai mujheya to nahi mila
bharat sagar
November 7, 2010 at 8:14 pm
‘Patrakaar ‘ log 4 maheena par khaten hain kya ?
manoj
November 8, 2010 at 11:43 am
इन्हें बिहार का चुनाव और चैनल की टी.आर.पि. बढ़ाने के लिए चार महीने की तनख्वा क्या मिल गई सच्ची बात कडवी लगने लगी इन्हें तो ये भी पता नहीं है की इंडिया न्यूज़ की कमान अब मध्यप्रदेश में दलालों के हाथ में है और मध्यप्रदेश में पुराने इंडिया न्यूज़ के सारे रिपोर्टरों को न तो पुरे एक साल का मेहताना मिला और तो और सरो को लात मार के बहार का रास्ता दिखा दिया|मेरे मित्र विक्रमजी आपके लिए एक नशिहत है अगर आपको उपन्यास पढ़ने का शौक है तो आखरी पन्ना तक पढ़ना चाहिए फिर मतलब समझ आता है
dinesh
November 8, 2010 at 1:02 pm
ji nahi sarasar jhuth hai…….. rajasthan me koi paisa nahi aaya hai ………….
prkash
November 9, 2010 at 8:15 am
india news waalo key liye yah koi nai baat nahi hai allahabad key bhi ek stringer ko pahley unho ney paisa nahi diya aur jab us ney paisa maanga to us ko hata ker dooserey ko rakh diya is liye ho sakta hai ki aaney waaley dino mey paisa maangney waaley logo ko un ki naukari gawani padey
Abhishek Sharma Mumbai
November 9, 2010 at 9:40 am
Aisa Nahi Hai Mumbai Aur Maharashtra Ke Sabhi Reporter Aur Stringers Oct 2010 Tak ke Paise 4 Nov Ko He Mil Gaye Thay.. Pata Nahi Log Jis Thali Main Khatay Hain Us Mai Hi Surakh Karne Lagtay Hai Aise Kuch Patrkar Bhaiyo ki Wajha Se hi Achay Ch Bhi Badnaam Hotay Hain..
brij
November 10, 2010 at 8:59 am
bhai mere aapas me jhagadne se kya fayada , lekin sachchai kadwi hoti hai , yeh sach hai ki stringeron ko paisa diya gaya hai lekin oont ke mooh me jeera ke saman . stringeron ne kaam kiya 10,000 ka mila matr 500. matlab ye ki uper walon ne unhe bheekh diya hai . uper walo ka to pet bhara rahta hai lekin unke liye jo tan,man aur dhan se kaam karta hai unhe uperwalon ka juthan milta hai . yeh kahan ka inshaf hai…………
KUMAR
November 10, 2010 at 9:00 am
इंडिया न्यूज़ ने आज तक झारखण्ड के किसी भी स्ट्रिंगर को एक भी पैसा नहीं दिया है / यही वजह है की अब इण्डिया न्यूज़ में झरखंड की खबरे काम हो गयी है और जल्द ही झरखंड से खबरे दिखनी भी पूरी तरह से बंद हो जाएँगी / इंडिया न्यूज़ के इसी लक्षण की वजह से राजेश तोमर जी ने इंडिया न्यूज़ छोड़ दिया / फिलहाल इंडिया न्यूज़ टी आर पि से तो बहार है ही अगर यु ही बददुआ मिलती रही तो इंडिया न्यूज़ बंद भी ही सकता है और उस वक्त झारखण्ड के स्ट्रिंगर चैन की साँस ले गे की चलो एक और फर्जी चैनेल बंद हो गया / यसवंत जी मै भी झारखड से स्ट्रिंगर हूँ जब पैसे की लिए डेस्क पर बात की जाती है तो जबाब मिलता है की यार “२४०० करोड का चैनेल है मालिक तो पैसा देने के लिए बैठे है लेकिन कुछ घटिय किस्म के लोग यंह बैठे है जिन्होंने चैनेल के मेल को अपनी मुठी में कर रखा है / जिस वजह से पेमेंट नहीं हो रहा है / आज की तारीख में झरखंड के हर स्ट्रिंगर का चैनेल के पास लाखो रूपये बकाया है // जल्द ही झारखड के सारे लोग चैनेल के मालिक को मेल कर रहे है तब तक जह्र्खंड से खबरे न के बराबर जाती रहेंगी
abhishek
February 8, 2011 at 1:55 pm
sabhi chaneel ke stringron ka yahi haal hai . saale kaam to karaaten hain paise dene me fat jaati hai……