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सबसे कम ग्रोथ के बावजूद जागरण नंबर वन

: हिन्‍दुस्‍तान ने सबसे ज्‍यादा पाठकों को जोड़ा : प्रभात खबर एक पायदान ऊपर चढ़ा : हरिभूमि टॉप टेन में वापस : पंजाब केशरी ने गंवाई अपनी रीडरशिप : आईआरएस 2010 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. हिन्‍दी अखबारों में दैनिक जागरण पहले की तरह नम्‍बर एक के पायदान पर काबिज है. अन्‍य अखबारों के मुकाबले जागरण की साख गिरी है. इस तिमाही में जागरण की रीडरशिप में सबसे कम बढ़ोत्‍तरी हुई है. वहीं पंजाब केशरी की री‍डरशिप गिर गई है, लेकिन वह अपना पुराना स्‍थान बचाने में कामयाब रहा है.  हिन्‍दी अखबारों में हिन्‍दुस्‍तान की रीडरशिप में सबसे ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी हुई है.

: हिन्‍दुस्‍तान ने सबसे ज्‍यादा पाठकों को जोड़ा : प्रभात खबर एक पायदान ऊपर चढ़ा : हरिभूमि टॉप टेन में वापस : पंजाब केशरी ने गंवाई अपनी रीडरशिप : आईआरएस 2010 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. हिन्‍दी अखबारों में दैनिक जागरण पहले की तरह नम्‍बर एक के पायदान पर काबिज है. अन्‍य अखबारों के मुकाबले जागरण की साख गिरी है. इस तिमाही में जागरण की रीडरशिप में सबसे कम बढ़ोत्‍तरी हुई है. वहीं पंजाब केशरी की री‍डरशिप गिर गई है, लेकिन वह अपना पुराना स्‍थान बचाने में कामयाब रहा है.  हिन्‍दी अखबारों में हिन्‍दुस्‍तान की रीडरशिप में सबसे ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी हुई है.

इस बार के सर्वे में कई दिलचस्‍प आंकड़ों के दर्शन हो रहे हैं. एआईआर (एवरेज इश्यू रीडरशिप) के मुताबिक हिंदी के टॉप टेन अखबारों में ‘दैनिक जागरण’, ‘दैनिक भास्कर’ और ‘हिन्दुस्तान’ पहले तीन पायदानों पर बने हुए है. सर्वे के मुताबिक, टॉप टेन अखबारों में आठवें नंबर तक रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन उसके बाद उथल-पुथल हुई है. इस बार ‘प्रभात खबर’ दसवें नंबर से उछल कर नौवें नंबर पर पहुंचने में सफल रहा है. पिछली बार टॉप टेन कटेगरी से बाहर रहे ‘हरिभूमि’ ने टॉप टेन में वापसी की है.

‘दैनिक जागरण’ 1 करोड़ 59 लाख 50 हजार की रीडरशिप के साथ इस बार भी पहले नंबर पर कब्‍जा जमाए हुए है. इस तिमाही में उसके रीडरशिप में मात्र 25 हजार का इजाफा हुआ है. दूसरी तिमाही के दौरान जागरण की रीडरशिप 1 करोड़ 59 लाख 25 हजार थी. इस दौरान रीडरशिप बढ़ाने वाले टाप टेन के अखबारों में दैनिक जागरण की बढ़ोत्‍तरी सबसे कम रही है.

‘दैनिक भास्कर’ ने 1 करोड़ 34 लाख 88 हजार की रीडरशिप के साथ दूसरे नंबर पर अपना कब्जा बरकरार रखा है. भास्‍कर तेजी के साथ जागरण के नजदीक पहुंच रहा है. इस दौरान इसकी रीडरशिप में 1 लाख 85 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है. दूसरी तिमाही में उसकी रीडरशिप 1 करोड़ 33 लाख 3 हजार थी.

‘दैनिक हिन्दुस्तान’ पिछली बार की तरह इस बार भी सबसे अधिक बढ़ोत्तरी दर्ज की है. पिछली बार भी तीसरे पायदान पर रहे हिन्‍दुस्‍तान ने नंबर तीन की कुर्सी पर अपनी पकड़ और मजबूत की है. तीसरी तिमाही में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ की रीडरशिप 1 करोड़ 8 लाख 39 हजार पहुंच गई है. इस दौरान इसकी रीडरशिप में 6 लाख 96 हजार का इजाफा हुआ है. जो सभी अखबारों में सबसे ज्‍यादा है. दूसरी तिमाही के दौरान हिन्‍दुस्‍तान की रीडरशिप 1करोड़ 1लाख 43 हजार थी.

‘अमर उजाला’ इस बार भी चौथे नंबर पर अपना कब्‍जा बरकरार रखा है. तीसरी तिमाही के नतीजों के मुताबिक उसकी रीडरशिप 85 लाख 83 हजार पहुंच गई है. इस दौरान उजाला की रीडरशिप में 64 हजार की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है. दूसरी तिमाही के दौरान इसकी रीडरशिप 84 लाख 17 हजार रही थी.

‘राजस्थान पत्रिका’ 72 लाख 17हजार की रीडरशिप के साथ पांचवें नंबर पर बना हुआ है. तीसरी तिमाही में उसकी रीडरशिप में 3 लाख 17हजार की बढ़ोत्तरी हुई है. जो हिन्‍दुस्‍तान के बाद सबसे ज्‍यादा है. दूसरी तिमाही के दौरान पत्रिका की रीडरशिप 69 लाख रही थी.

‘पंजाब केसरी’ पिछली बार की तरह अपनी छठे नंबर की कुर्सी बचा लिया है, लेकिन टॉप टेन अखबारों में रीडरशिप गंवाने वाला इकलौता अख़बार बनने से खुद को नहीं रोक पाया है. तीसरी तिमाही में हिन्‍दुस्‍तान की रीडरशिप 34 लाख 99 हजार रही है. इस दौरान उसकी रीडरशिप में 62 हजार की कमी आई है. दूसरी तिमाही के दौरान ‘पंजाब केसरी’ की रीडरशिप 35 लाख 61 हजार रही थी.

‘नवभारत टाइम्स’ भी सातवें नंबर पर अपना कब्‍जा बरकरार रखा है। तीसरी तिमाही में उसकी रीडरशिप 25 लाख 32 हजार पहुंच गई है. इस दौरान उसकी रीडरशिप में 57 हजार की बढ़ोत्‍तरी हुई है. दूसरी तिमाही के दौरान उसकी रीडरशिप 24 लाख 75 हजार रही थी.

‘नई दुनिया’ 15 लाख 54 हजार की रीडरशिप के साथ पहले की तरह नंबर आठ पर कब्‍जा जमाए हुए है. तीसरी तिमाही के दौरान नई दुनिया की रीडरशिप में 1 लाख 46 हजार का इजाफा हुआ है. दूसरी तिमाही में उसकी रीडरशिप 14 लाख 4 हजार थी.

‘प्रभात ख़बर’ एक पायदान उपर चढ़कर नौवें नंबर पर पहुंच गया है. तीसरी तिमाही में ‘प्रभात ख़बर’ की रीडरशिप 14 लाख 65 हजार हो गई है. इस दौरान प्रभात खबर की  रीडरशिप में 1 लाख 19 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है. दूसरी तिमाही के दौरान उसकी रीडरशिप 13 लाख 46 हजार रही थी.

‘हरिभूमि’ टॉप टेन में फिर से जगह बनाने में कामयाब रहा है. दूसरी तिमाही में हरिभूमि को टॉप टेन से बाहर होना पड़ गया था. तीसरी तिमाही में उसकी रीडरशिप 14 लाख 48 हजार है. इस दौरान उसकी रीडरशिप में 1 लाख 44 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है. दूसरी तिमाही के दौरान उसकी रीडरशिप 13 लाख 14 हजार थी. स्रोत : आईआरएस क्‍यू 1- 2010

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0 Comments

  1. avinash aacharya

    December 3, 2010 at 6:38 am

    हिन्दुस्तान की ६ लाख ९६ हजार की बढ़त के मुकाबले में जागरण २५ हजार, भास्कर १ लाख ८५ हजार और अमर उजाला ६४ हजार पाठक संख्या तक बढ़े हैं। शशि शेखर जी की टीम को बधाई। हिन्दुस्तान को लेकर एक खास किस्म का नकरात्मक अभियान चलाने वालों को कुछ जवाब मिला होगा।

  2. mahesh bihari sharma lalsot

    December 3, 2010 at 7:09 am

    sir
    y to bato ki mp mi bhaskar ko patrika n kitna picha kr diya hi

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