: आईआरएस की रिपोर्ट से संबंधित खबरें कई अखबारों में प्रकाशित : आज दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान में आईआरएस से संबंधित खबरें प्रकाशित हुई हैं. इसमें दोनों अखबारों ने अपने-अपने एंगिल से अपनी-अपनी पीठ थपथपाई है. कोई खुद को छत्तीसगढ़ का नंबर वन अखबार बता रहा है तो कोई खुद को सबसे तेजी से बढ़ता हुआ अखबार बताकर प्रसन्न है. आइए पढ़ें, किस अखबार ने अपने बारे में क्या लिखा है. सबसे पहले पढ़ते हैं दैनिक भास्कर की एक खबर. शीर्षक है- ”दैनिक भास्कर’ छत्तीसगढ़ का नंबर वन अखबार”. खबर इस प्रकार है- ”छत्तीसगढ़/मुंबई : इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस) रिपोर्ट के मुताबिक ‘दैनिक भास्कर’ शहरों में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बन गया है। शहरों में इसके पाठक ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से भी ज्यादा हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि दैनिक भास्कर समूह देश का सबसे बड़ा समाचार-पत्र समूह है।
यहां जारी आईआरएस की तीसरी तिमाही रिपोर्ट में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में 9.71 लाख पाठकों के साथ ‘दैनिक भास्कर’ नंबर वन अखबार बना हुआ है। मध्यप्रदेश के बाजार में 33.57 लाख पाठकों के साथ उसका वर्चस्व बना हुआ है। उसने 1.56 लाख नए पाठक जोड़े हैं। भोपाल और इंदौर में भी अखबार आगे बढ़ा है। पंजाब में 37 हजार नए पाठक जोड़कर ‘दैनिक भास्कर’ दूसरे सबसे बड़े अखबार के तौर पर उभरा है। दरअसल, पंजाब में नए पाठक जोड़ने वाला यह एकमात्र अखबार है। यह जालंधर और अमृतसर में अग्रणी स्थिति में है। साथ ही जालंधर, अमृतसर और लुधियाना में सामूहिक रूप से अग्रणी है। हरियाणा में ‘दैनिक भास्कर’ नंबर वन अखबार बना हुआ है। इसके पाठकों की संख्या में 42 हजार की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान में जयपुर और राज्य के शहरी इलाकों में ‘दैनिक भास्कर’ का वर्चस्व बना हुआ है। समूह के गुजराती भाषा के अखबार ‘दिव्य भास्कर’ ने गुजरात में 2.13 लाख नए पाठक जोड़े हैं। इसका अहमदाबाद संस्करण गुजरात का एकमात्र अखबार है, जिसके पाठकों की संख्या 10 लाख से ज्यादा है।”
अपने राजस्थान एडिशन में दैनिक भास्कर ने ये खबर प्रकाशित की है- ”जयपुर सहित राजस्थान के सभी शहरों में भास्कर का वर्चस्व”. आइए पूरी खबर पढ़ते हैं- ”मुंबई/जयपुर : इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस) रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में जयपुर और राज्य के शहरी इलाकों में दैनिक भास्कर का वर्चस्व बना हुआ है। यहां जारी आईआरएस की तीसरी तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक चार मुख्य शहरों जयपुर, जोधपुर, कोटा और बीकानेर में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी की तुलना में दैनिक भास्कर के 2.26 लाख अधिक पाठक हैं। दैनिक भास्कर ने हाल ही बांसवाड़ा, सिरोही, बाड़मेर, नागौर और हनुमानगढ़ से संस्करण शुरू किए हैं और भविष्य में राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अखबार के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मध्यप्रदेश में तीन माह में 1.56 लाख पाठक जोड़कर दैनिक भास्कर ने अखबारों के क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बनाए रखा है। भोपाल और इंदौर में अखबार से 46 हजार पाठक जुड़े हैं और अब इन शहरों में पाठक संख्या क्रमश: 3.16 लाख तथा 4.42 लाख हो गई है।दैनिक भास्कर समूह देश का सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह बना हुआ है। समूह का फ्लैगशिप हिंदी अखबार दैनिक भास्कर शहरों में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार है और शहरों में इसके पाठकों की संख्या टाइम्स ऑफ इंडिया से भी कहीं अधिक है। इसके अलावा दैनिक भास्कर समूह ने अपने क्षेत्र में जबर्दस्त नतीजे दिए हैं। हरियाणा में अखबार 42 हजार नए पाठकों के साथ नंबर एक पर बरकरार है। पंजाब में यह आगे बढ़ने वाला एकमात्र अखबार है। सम्मिलित रूप से यह जालंधर, अमृतसर और लुधियाना में नंबर-1 है जबकि जालंधर व अमृतसर में यह साफतौर पर लीडर है। छत्तीसगढ़ और चंड़ीगढ़ में इसका वर्चस्व है। गुजरात में समूह के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर ने 2.13 लाख पाठक जोड़े हैं और इसका अहमदाबाद संस्करण ऐसा एकमात्र गुजराती संस्करण है जिसके 10 लाख से अधिक पाठक हैं।”
हिंदुस्तान, दिल्ली में फ्रंट पेज पर प्रमुखता से आईआरएस से संबंधित खबर प्रकाशित हुई है. शीर्षक है- ”हिन्दुस्तान बना 1 करोड़ 8 लाख पाठकों की आवाज”. आइए पढ़ते हैं, हिंदुस्तान के लोग आईआरएस के आंकड़ों को किस तरह एनालाइज करते हैं-
”आईआरएस क्यू3 2010 के ताजा नतीजों ने एक बार फिर बता दिया है कि हिन्दुस्तान ही पाठकों की असली आवाज है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछली एक तिमाही में और सात लाख पाठकों ने हिन्दुस्तान को अपनाया है। खास बात यह रही कि इस बार हिन्दुस्तान ने अपने प्रकाशन केंद्र वाले सभी राज्यों में बढ़त हासिल की है। सर्वे के अनुसार, इस तिमाही में हिन्दुस्तान की दैनिक पाठक संख्या (एआईआर) एक करोड़ आठ लाख है जो पिछली तिमाही (क्यू2 2010) की तुलना में 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। इसी तरह कुल पाठक संख्या (टीआर) 3 करोड़ 31 लाख है जो पिछली तिमाही (क्यू2 2010) की तुलना में 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
गौरतलब है कि करोड़ों पाठकों द्वारा पसंद किए जाने वाले हिन्दुस्तान ने सर्वे के पिछले सात चक्र में अपनी विकास दर को बरकरार रखा है। आईआरएस क्यू3 के ताजा आकंड़े यह प्रमाणित करते हैं कि दैनिक हिन्दुस्तान राष्ट्रीय अखबार की कसौटी पर खरा उतरा है। सर्वे के अनुसार इस तिमाही में हिन्दुस्तान ने दिल्ली-एनसीआर में 13.21 लाख दैनिक पाठकों की संख्या में 3 प्रतिशत की दर पर बढ़ोतरी हासिल की। एनसीआर में 28 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ अब हिन्दुस्तान दूसरे स्थान पर है।
बिहार में भी एक बार फिर हिन्दुस्तान का वर्चस्व रहा। राज्य में हमने लगातार नंबर 1 की कुर्सी बरकरार रखते हुए 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। इस राज्य में हिन्दुस्तान का मार्केट शेयर 74 प्रतिशत है एवं राज्य में दूसरे स्थान पर आने वाले अखबार से 20 लाख दैनिक पाठक संख्या ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में अपनी तेजी बरकरार रखते हुए पिछली तिमाही (क्यू2 2010) की औसत दैनिक पाठक संख्या के मुकाबले हिन्दुस्तान ने 9.2 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। इसके साथ ही राज्य में हिन्दुस्तान की दैनिक पाठक संख्या 31.89 लाख हो गई है एवं पूर्ण पाठक संख्या पहली बार एक करोड़ 14 लाख हो गई है।”












shiv prasad narayan singh
December 3, 2010 at 8:38 am
प्रभात खबर इसी एनआरएस के आंकड़े से महान बताना वाजिब है और दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान अपने-अपने आंकड़े प्रकाशित करें तो अपनी पीठ थपथपाई, ये क्या है भाई? खबर देने से पहले ही तय कर लेतें हैं कि किसके लिए किस तरह से क्या लिखना है। अगर ये आंकड़े फरजी हैं तो पूरा बाजार धोखा है, ऐसा कैसे है कि एक के लिए आंकड़ा सही और दूसरे के लिए गलत। हिन्दुस्तान की साख लगातार गिर रही है, अखबार रसातल मे जा रहा है, जैसे वाक्यों को भड़ास पर लगातार लिखने के बाद अब झटका लगा है क्या कि रिपोटॆ को भी पीठ थपथपाई लिखने की मजबूरी आ गई है।