विकीलीक्स ने पत्रकारिता के मानक, तरीके और शैली को बदल डाला है. इसके संपादक जूलियन पाल असांजे को अमेरिका ने अब अराजकतावादी करार दिया है. दुनिया के सामने अमेरिका के दोगलेपन का खुलासा कर डालने वाले विकीलीक्स के संपादक असांज को अमेरिका ने पत्रकार मानने से ही इनकार कर दिया है. जाहिर है, अमेरिका पचा नहीं पा रहा है कि उसकी इतनी फजीहत कोई एक पत्रकार या संपादक या कोई एक वेबसाइट कर सकती है. इसी कारण खिसिया कर उसने असांजे को निशाने पर ले लिया है और अंडबंड आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं.
वाशिंगटन से मिली खबर के मुताबिक विकीलीक्स के संस्थापक और प्रधान संपादक जूलियन पॉल असांजे को ‘अराजकतावादी’ करार देते हुए अमेरिका ने आरोप लगाया है कि असांजे अमेरिका की मदद करने वाले अंतरराष्ट्रीय तंत्र को कमतर करने की कोशिश कर रहा है और उसे पत्रकार नहीं माना जा सकता. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पी जे क्राउले ने संवाददाताओं से कहा, वह कोई पत्रकार नहीं है. वह कोई गोपनीय चीजों का खुलासा करने वाला भी नहीं है. वह एक राजनीतिक खिलाड़ी है, जिसका एक राजनीतिक एजेंडा है.
क्राउले ने एक सवाल के जवाब में कहा, हम जिस राजनीतिक तंत्र के माध्यम से दूसरे देशों और सरकारों के साथ सहयोग करते हैं, वह उस तंत्र और उन मुद्दों को कमतर करने की कोशिश कर रहा है, जिनसे हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे सुलझाते हैं. अमेरिकी अधिकारी ने कहा, वह हमारे और दूसरी सरकारों के प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. वह हमारे और दूसरी सरकारों के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. क्राउले ने तर्क दिया, वह एक शातिर खिलाड़ी है. उसके पास एक एजेंडा है. वह उस एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहता है और हम उसे न तो पत्रकार और न ही गोपनीय चीजों का खुलासा करने वाला मानते हैं. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह एक अराजकतावादी है, पर पत्रकार तो नहीं ही है.
उपरोक्त कथन से जाहिर है कि अमेरिका उन्हीं को पत्रकार मानता है जो अमेरिकी सत्ता के मन-मुताबिक खबरें लिखें, यूरोप की न्यूज एजेंसियों से जारी खबरों को ही प्रकाशित करें. पर नए दौर में, टेक्नालजी व सूचना क्रांति ने पत्रकारिता के मानक बदल डाले हैं. पांच लोगों के दम पर चलने वाली वेबसाइट विकीलीक्स ने जो हंगामा बरपा रखा है, उससे फिर साबित हो गया है कि पत्रकारिता को कभी प्रोफेशन नहीं बनाया जा सकता बल्कि ये हमेशा एक मिशन है. विकीलीक्स व उसके संपादक असांजे को सलाम करिए जिसने नए दौर में परंपरागत पत्रकारिता को आइना दिखाकर नए मानक खड़े कर डाले हैं.












shravan shukla
December 3, 2010 at 10:01 am
bhadas4media ke kaam ko hi aage bade paimaane par sheers star par asanje pahuncha rahe hai..