सब पर इनका चलता है, जिसके साथ चाहे जैसे पेश आएं, इनकी मर्जी। कुछ यही सोचकर उत्तर प्रदेश के उत्तम पुलिस के इस जवान ने दारू तो गटक ली लेकिन दारू कहां इनकी सुनने वाली, सो, इसे ला पटकी जमीन पर और खुल गई वर्दी की कलई। भरी दोपहरी भीड़ भरी सड़कों पर लोगों के बीच अगर यही हरकत किसी और ने की होती तो लठियाए तो जाते ही, साथ में हवालत की सैर भी हो जाती। लेकिन मामला जब खाकी वर्दी का होता है तो सारे नियम-कानून सिर के बल खड़े होकर तमाशा देखते हैं।
शहर इनका, सड़क इनकी, नियम-कानून सब इनके। फिर किसकी मजाल जो इन्हें रोके टोके। गुरुवार को सबको नाच नचाने वाली खाकी वर्दी को दारू बीच सड़क पर नचाती रही और वर्दी भी खूब नाची। नशे में वर्दी धूल-धूसरित होती रही। बनारस शहर के पाण्डेयपुर इलाके में सिपाही गजेन्द्र सिंह ने खाकी वर्दी का खूब तमाशा बनाया। कभी वर्दी जमीन पर औंधे मुंह गिरी तो कभी गुजरने वाले राहगीरों को गालियों से नवाजती रही। चूकि वर्दी खाकी थी सो किसी की क्या बिसात जो सिपाही जी के कारनामों को रोके। सो तमाशा घंटों चलता रहा। बाद में पास ही पिकेट ड्यूटी पर मौजूद दूसरे सिपाहियों को खबर मिली तो साथी सिपाही बड़ी मुश्किल से दारू के नशे में धुत्त सिपाही को किसी तरह रिक्शे पर लादकर उसके घर ले गए।




जानकारी के अनुसार गजेन्द्र सिंह नाम का यह सिपाही इन दिनों कपसेठी में तैनात है। शर्मसार करने वाली बात तो यह है कि शहर में तीन दिन पहले हुए आतंकी बम विस्फोट को लेकर सभी लोग सहमे हैं। कहा भी जा रहा है कि विस्फोट प्रशासनिक चूक का नतीजा है। ऐसे में दारू पीकर सड़क पर हंगामा खड़ा करने वाले वर्दीधारी की ये शर्मनाक हरकत अपने आप में जिम्मेदार पुलिस मकहमे की कलई खोलने के लिए क्या काफी नहीं है।
लेखक भाष्कर गुहा नियोगी वाराणसी में पत्रकार हैं और इन दिनों यूनाइटेड भारत अखबार में कार्यरत हैं.












uday
December 10, 2010 at 9:36 am
… lagbhag har pradesh men iss tarah ki ghatnaayen ghat rahee hain !
shishu sharma
December 10, 2010 at 2:48 pm
bhaiya,jara iski majburi dekho.wine police aur public mein antar nahi karti aur na majburi or tension.sarkar ki SARAB POLICY JINDABAD.kya iskae betae unemployed hein ya iski wife kisi majburi ka shikar hae.BARNA KAUN KAMBHKHAT NASHAE KA LIYAE PITA HAE.
shiv shankar goswami
December 10, 2010 at 3:43 pm
भाई ये यूपी की पुलिस बहुत तंग करती है। कभी सुरक्षा के नाम पर तो कभी सिक्योरिटी के नाम पर आम आदमी को पीटती है तो कभी मदिरा का सेवन करके शरीफ लोगों को गालियां देना इसकी नियति बन चुकी है। पुलिस के आका इस ओर फौरन ध्यान दें। वरना जनता उठ खडी होगी।
kk chauhan
December 11, 2010 at 8:58 am
dir
yah meya ka bhay mukt sashan hai. fir police wala bhay mukt ho kar daru piye
kk chauhan moradabad