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खबर प्लांट करने में अमर उजाला का रिपोर्टर फंसा

: रिपोर्ट दर्ज कराने को सीएमएस ने दी तहरीर : मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद महानगर से निकलने वाले दैनिक अखबार अमर उजाला के एक रिपोर्टर उमेश शर्मा को केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय के पुराने पोस्टमार्टम हाउस के ताले तोड़कर मानव कंकाल के फोटो खींचकर सनसनीखेज खबर प्लांट करना महंगा पड़ गया। उसके खिलाफ केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसके वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।

: रिपोर्ट दर्ज कराने को सीएमएस ने दी तहरीर : मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद महानगर से निकलने वाले दैनिक अखबार अमर उजाला के एक रिपोर्टर उमेश शर्मा को केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय के पुराने पोस्टमार्टम हाउस के ताले तोड़कर मानव कंकाल के फोटो खींचकर सनसनीखेज खबर प्लांट करना महंगा पड़ गया। उसके खिलाफ केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसके वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।

अमर उजाला में दो दिन पहले पिछले दिनों पोस्टमार्टम हाउस पर बिना चीरा लगाए दो लाशों की पीएम रिपोर्ट तैयार करने और लाशों को बेचे जाने के काले कारोबार से जोड़ कर खबर छापी थी कि केंद्रीय पुलिस चिकित्सालय (सीपीएच) के पुराने पोस्टमार्टम हाउस में मानव कंकाल की बरामदगी। इस तरह की खबर छाप कर अखबार ने सनसनी फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन खबर लिखने वाले रिपोर्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सिविल लाइंस पुलिस को तहरीर दे दी गई है।

इस संबंध में सीपीएच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसके वर्मा ने तहरीर में लिखा है कि अमर उजाला संपादक की शह पर पत्रकार उमेश शर्मा व साथी कैमरा मैन ने सीपीएच परिसर में बने पोस्टमार्टम हाउस के ताले तोड़कर फोटो ग्राफरी की और तथ्यों को जाने बिना राजकीय रिकार्ड को बिना अनुमति के सनसनीखेज खबर बनाकर छापने के दो अपराधी हैं। इसस स्वास्थ्य विभाग की छवि भी खराब हुई है। उनका कहना है कि पुलिस को तहरीर रिसीव करा दी है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी। साथ ही कहा कि इस मामले पर उन्होंने विभागीय जांच कराने के लिए दो डाक्टरों की टीम का गठन भी कर दिया है।

उनका कहना है कि 1988 तक सीपीएच परिसर में बने पीएम हाउस में ही पोस्टमार्टम किए जाते थे। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस जेल के पीछे स्थानांतरित कर दिया गया था। यहां जो कंकाल रखे हैं वह 1988 तक पुलिस को मिले थे जो पोस्टमार्टम के लिए लाए गए थे। उनका कहना है कि कंकाल फीमेल का है या मेल का? उसकी उम्र क्या रही होगी ? इसकी जांच पीएम के दौरान की जाती है। यहां चिकित्सक यह जांच नहीं कर पाते हैं, तब इन्हें फोरेंसिक लैब भेजा जाता है। इन कंकालों का निस्तारण पुलिस या चिकित्सा विभाग तभी कर सकता है जब कोर्ट का आदेश होता है। कोर्ट का आदेश नहीं होने के कारण इन्हें अभी तक रखा गया है। उनका कहना है कि यह न तो कोई लापरवाही है और न ही इनके रखे होने से किसी तरह के कानून या नियम का उल्लंघन हो रहा है। यह कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निस्तारित किए जा सकते हैं।

लेखक केके चौहान मुरादाबाद में डीएलए और पीटीआई से जुड़े हैं.

((इस प्रकरण पर अमर उजाला, मुरादाबाद से जुड़े लोगों का कहना है कि खुद को फंसते देख सीएमएस पलटवार कर रहे हैं. जब सारे कंकाल एक में मिला दिए गए हैं तो कैसे मालूम चलेगा कि किस केस से संबंधित कौन सा कंकाल है. ढेर सारी खोपड़ियां एक ही बोरी है. बोरे में हड्डियां कैद हैं. यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि मानवीय गरिमा का अपमान भी है. फिलहाल अमर उजाला की इस खबर से पूरे मुरादाबाद में तहलका मचा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू करा दी है. एसीएमओ डा. सुखवीर जांच कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों हरि सिंह नामक व्यक्ति गिरफ्तार कर जेल भेजा गया क्योंकि वह लाशों की चीरफाड़ किए बिना ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट बना दिया करता था. फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्टों की पोल खुलने पर उसे गिरफ्तार किया गया. ऐसे में कहा जा सकता है कि अमर उजाला की खोजी पत्रकारिता से भयाक्रांत सीएमएस अब कानून के डंडे के सहारे पत्रकारों का मुंह बंद करने की कोशिश कर रहे हैं.))

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0 Comments

  1. rajiv sharma

    December 14, 2010 at 12:53 pm

    wah………..amar ujala budaun me bahubali d.p.yadav k bhatije jitendra yadav k kahne par chunav me farji news chhapin, sab jagah ek sa hi hal hai

  2. raghav sharma austraila

    December 15, 2010 at 8:45 am

    shabash amar ujala !! tehrir aur mukadmo sey mat darna jab log fastey hai to aisey hi hat per martey hai

  3. hariom dwivedi

    December 16, 2010 at 1:05 pm

    mere hisab se satyata janne ka koi aur tarika apnana chahiye tha atla todkar jana galat hai, vaise aksar PM report me aisa hi hota hai

  4. AMRESH SRIVASTAVA

    December 16, 2010 at 5:11 pm

    Good News Dear Reporter Friend,

    par khabaro ke liye kuch alag tarike bhi hote h jo niyamo ke saath kiye ja sakte h.

    Amresh
    9235143418

  5. aman sharma

    December 17, 2010 at 9:20 am

    mukadma kalam ka muh band krne ki kosis h> lagta h pehle lawaris lasso ka bina cheerfad unki farji pm report bna chuke cph k doctor amar ujala k ek or khulase se dar gye h. wese pehla moka nahi jab sach ka khulasa krne pe utpedan ki karwai hui h

  6. Aman sharma

    December 17, 2010 at 9:28 am

    lagta h report amar ujala me lagatar ho rhe sansnikhej khulaso se dar k likhwai gyi h< isme police or swasthya vibhag dono mile ho sakte h.

  7. deepak

    December 17, 2010 at 9:38 am

    koon jane cph k cms k dawe me kitni sachayi h ############# tala todne ki bat jhoot b to ho sakti h…………pehle cms ye batayeen bina cheerfad lawaris lasse kha bheji jati thi############

  8. Rajkumar Chandra - HAMARA MAHANAGAR

    December 21, 2010 at 1:47 pm

    police aur bharast adhikari aaz se nahi ek lambe samay se media karmi aur visheshkar print media karmiyon ki aawaz ko dabane ka karya karte rahe hain. jab inke favour mai likha jata hai to bahut khush hote hain aur yadi inki pol khol di jati hai to baukhla jate hain. economic careption ko ujagar karte hi reporter target per le liya jata hai aur is karya main police bhi mahatvpurn bhoomika nibhati hai.

  9. shishu sharma

    December 27, 2010 at 10:20 am

    sach kahnae mien kya darna.vastav mein health dept doshi hae.FIR FARJI LIKHAI GAYI HAE AWAJ DABANAE KO.

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