Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आयोजन

मीडिया ने तर्क करने की क्षमता को भोथरा कर दिया है

: ‘‘समय की सच्‍चाइयां और मीडिया’’ विषय पर परिचर्चा : ‘विकल्प’ जन सांस्कृतिक मंच द्वारा प्रेस-क्लब, कोटा के सभागार में ‘‘समय की सच्‍चाइयां और मीडिया’’ विषय पर आयोजित सेमीनार में दिल्ली से पधारे सुप्रसिद्ध लेखक-पत्रकार अनिल चमड़िया, अरूण कुमार उरॉव, विजय प्रताप व वरूण शैलेष सहित स्थानीय पत्रकारों, बुद्धिजीवियों व साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किये। पूर्णिया (बिहार) से पधारे कवि-सम्पादक अशेक कुमार ‘आलोक’ ने सेमीनार में काव्य-पाठ किया।

: ‘‘समय की सच्‍चाइयां और मीडिया’’ विषय पर परिचर्चा : ‘विकल्प’ जन सांस्कृतिक मंच द्वारा प्रेस-क्लब, कोटा के सभागार में ‘‘समय की सच्‍चाइयां और मीडिया’’ विषय पर आयोजित सेमीनार में दिल्ली से पधारे सुप्रसिद्ध लेखक-पत्रकार अनिल चमड़िया, अरूण कुमार उरॉव, विजय प्रताप व वरूण शैलेष सहित स्थानीय पत्रकारों, बुद्धिजीवियों व साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किये। पूर्णिया (बिहार) से पधारे कवि-सम्पादक अशेक कुमार ‘आलोक’ ने सेमीनार में काव्य-पाठ किया।

राज्य सभा की मीडिया सलाहकार समिति के सदस्य पत्रकार अनिल चमड़िया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सच्‍चाई कि उसी हिस्से को देख पाते हैं, जिसे मीडिया हमें दिखाना चाहता है। मीडिया ने हमारे सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता को भोथरा कर दिया है। उन्होंने अमरीका का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने ईराक व अफगानिस्तान के विरूद्ध हमलों से पूर्व मीडिया के जरिये युद्ध चलाया और अततः आसानी से जंग जीत ली। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से देशी-विदेशी कंपनियों ने कोलम्बस के बाद जमीन और खनिजों की सबसे बड़ी लूट की है और लाखों आदिवासियों को विस्थापित कर दिया है, लेकिन मीडिया द्वारा माओवाद के बारे में अतिरंजनापूर्ण खबरें प्रसारित करके इस बड़ी हकीकत को छुपा दिया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनीटर पत्रकार अरूण कुमार उरॉव ने कहा कि अम्बिका सोनी द्वारा यह कहना कि मीडिया स्वयं ही अपने को नियंत्रित करता है, सही नहीं है। मनोरंजन के नाम पर ‘‘राखी का इंसाफ’’, ‘‘बिग-बॉस’’ जैसे सीरियल समाज में विकृति फैला रहे हैं। उन्होंने प्रश्‍न किया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आदिवासियों व दलितों पर सीरियल क्यों नहीं बनते? दिल्ली से आये पत्रकार विजय प्रताप ने कहा कि मीडिया में एक ओर सत्ता संचालित सोच की धारा है, जिसे मुख्य-धारा कहा जाता है। पत्रकारिता की दूसरी धारा प्रतिरोध की धारा है, जिन्हें सच्‍चाई सामने लाने पर प्रताड़ित किया जाता है। इस संदर्भी में उन्होंने सीमा आजाद, हेमचंद्र पाण्डे, प्रशांत राही आदि कई पत्रकारों का उल्लेख किया।

इण्‍डो एशियन न्यूज सर्विस से जुड़े पत्रकार वरूण शैलेष ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली के भिखारियों व फुटपाथ के दुकानदारों को भारत की गरीबी को छुपाने के लिए निर्दयतापूर्वक खदेड़ दिया गया, लेकिन मीडिया ने इसे प्रसारित नहीं किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की खबरें सत्ता और व्यापारिक घरानों की आपसी प्रतिस्पर्द्धा के कारण सामने आ रही हैं।

बहस में भाग लेते हुए पत्रकार दुर्गाशंकर गहलोत ने कहा कि हमें समाचार कम सूचनाएं अधिक मिलती हैं। भारत जैसी सबसे पवित्र भूमि आज सबसे भ्रष्ट दिखाई जा रही है। पत्रकार हलीम रेहान ने कहा कि मीडिया की भूमिका के लिए पत्रकारों को दोषी नही ठहराया जा सकता। हितेश व्यास ने प्रश्‍न किया कि क्या मीडिया का सकारात्मक रूप नहीं हैं? आरपी तिवारी ने कहा कि मीडिया ने आज सच्चाई को धूमिल कर दिया है। शायर शकूर अनवर ने कहा कि मीडिया द्वारा प्रसारित असत्य और फूहड़ता को देखने के लिए हम मजबूर हो रहे हैं। समाज का नजरिया बदलना चाहिए। साहित्यकार अरूण सैदवाल ने मीडिया को ‘‘अपनी ढपली-अपना राग’’ की संज्ञा देते हुए कहा कि मिशनरी और प्रतिबद्ध पत्रकारिता माहौल को बदल सकती है।

सेमीनार का संचालन करते हुए महेन्द्र नेह ने एक शेर के माध्यम से कहा – ‘‘आसान नहीं है सुलझाना इस गुत्थी का/ अहले दानिश ने बहुत सोच के उलझाया है।’’    उन्होंने कहा कि यदि मीडियाकर्मी जमीनी वास्तविकताओं को समझें तो मीडिया की प्रतिरोधी और सकारात्मक भूमिका को ताकतवर बनाया जा सकता है।

पूर्णिया (बिहार) से पधारे कवि अशोक कुमार ‘आलोक’ ने अपनी कविताओं ‘‘अंधेरे के खिलाफ’’ व ‘‘एक दिया जला भी लो’’ के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों और अंधेरे के बरक्स पूरी हिम्मत के साथ उजाले और नव-जागरण के दिये जलाने का संदेश दिया।

सेमीनार में अतुल चतुर्वेदी, अंजुम शैफी, ओम नागर, संजय चावला, अतुल चतुर्वेदी, चांद शेरी, अखिलेश अंजुम, पुरूषोत्तम ‘यकीन’, दिनेश राय द्विवेदी, राम नारायण हलधर, गोपी लाल मेहरा, सुरेश्‍ा बहादुर, महेन्द्र पाण्डेय, परमानन्द कौशिक, विजय जोशी, अब्दुल गफूर, तारकेश्‍वर तिवारी, त्रिलोक सिंह आदि नगर के बुद्धिजीवी, साहित्यकार एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...