
कुमुद रंजन
फ़िल्म में दशरथ माझी और उनके जानने वालों के माध्यम से उनके जीवन के अनजाने पहलुओं को भी दिखाया गया है। फ़िल्म में उनका आत्मसंकल्प, स्वाभिमान और उनकी निश्छल आध्यात्मिक ऊंचाई को कैमरे में कैद किया गया है। हमेशा समाज की भलाई की बात करने वाले माझी के परिवार वालों की दशा भी दिखाई गई है। फ़िल्म के निर्देशक कुमुद ने हाल ही में स्टार न्यूज़ की अपनी नौकरी छोड़ी है। कुमुद स्टार न्यूज़ के पटना ब्यूरो में पिछले छह सालों से बतौर कैमरामैन कार्यरत थे।
कुमुद पटना थियेटर में भी काफ़ी सक्रिय रंगकर्मी रहे हैं। इस फ़िल्म के अलावा उन्होंने लोक गायन “आल्हा” पर भी एक फ़िल्म बनाई है। इसके अलावा 2010 के बिहार चुनाव पर भी एक डॉक्यू ड्रामा बनाया जो काफ़ी पसंद किया गया। कुमुद ने जापान की नेशनल नेटवर्क “एनएचके” की एक फ़िल्म के लिये कैमरा भी किया है। जन संचार से स्नातक कुमुद नौकरी से मुक्त होकर अपना पूरा समय डॉक्यूमेंटरी को दे रहे हैं और बिहार और बाहर के विषयों पर फ़िल्म बना रहे हैं।












nishant
December 24, 2010 at 9:21 am
निश्चय ही ये प्रयास युवाओं को प्रेरित करने वाला है.बिहार में ना तो मेहनतकशो की कमी है और न ही प्रतिभाओं की.एक ऐसा व्यक्तित्व जो गरीबी व राजनीति का शिकार होकर भीड़ में खो रहा था जिसे कुमुद रंजन ने फिल्म के माध्यम से समाज के सामने रखने का कम किया है वाकई ये काबिल -ए-तारीफ है.आज के सामाजिक परिवेश में अच्छी नौकरी छोड़ कर इस तरह का काम करने की क्षमता रखना जोखिम का काम है.हम कुंदन जी के उज्जवल भविष्य की कमाना करते है.. :-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*:-*
nishant
December 24, 2010 at 9:23 am
निश्चय ही ये प्रयास युवाओं को प्रेरित करने वाला है.बिहार में ना तो मेहनतकशो की कमी है और न ही प्रतिभाओं की.एक ऐसा व्यक्तित्व जो गरीबी व राजनीति का शिकार होकर भीड़ में खो रहा था जिसे कुमुद रंजन ने फिल्म के माध्यम से समाज के सामने रखने का कम किया है वाकई ये काबिल -ए-तारीफ है.आज के सामाजिक परिवेश में अच्छी नौकरी छोड़ कर इस तरह का काम करने की क्षमता रखना जोखिम का काम है.हम कुंदन जी के उज्जवल भविष्य की कमाना करते है..
ravi shankar maurya
December 25, 2010 at 7:04 am
kumud ranjan ji ko badhai …..ravi shankar maurya ., journalist kota
nitu
December 25, 2010 at 9:45 am
दशरथ मांझी जैसे कर्मठ इंसान जो ग्रामिण क्षेत्र के रहने वाले थे।उनके इस लगन के बारे में शायद ही सारे लोग जान पाते और उनसे प्रेरणा ले पाते।लेकिन कुंदन जी आपकी वजह से आज इस दुनिया में नही रहते हुए भी दशरथ मांझी लोगो की प्रेरणा के स्त्रोत बने हुए है। maine खुद इस फिल्म से बहुत कुछ सीखा है।मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं और इस क्षेत्र में आपसे कुछ और बेहतर सीखने की khwaish रखती हूं।
amit kumar singh
December 26, 2010 at 7:20 am
पहले तो कुमुद आपको अपने दोस्त की तरफ़ से इस पहली सफ़लता के लिए मुबारकबाद्…सच में आपने जो इस सफ़लता को हासिल करने के लिए कुरबानियां दीं हैं उसे हम जैसे दोस्त बखूबी जानते हैं शायद इतनी हिम्मत और साहस मुझमें ना था कि इतना बड़ा त्याग कर सकूं लेकिन आपने वो त्याग करके ना मुझे मजबूती दी है बल्कि आपके सभी दोस्त और आज की पीढ्ही इसे एक सबक और आप आदर्श हैं आप यूं हीं आगे भी और बुलंदुयों को छूउते रहें …
saurav kumar
December 26, 2010 at 7:23 am
कुंदन जी इस त्याग के लिए आपको गाली देने का मन करता है—-लेकिन फिर भी हम आपके दोस्त है इसी कारण आपको बहुत बहुत बधाई हो और भगवान करे की आप ऐसे ही सफलता की उंचाई को छुते रहे।
rajeev ranjan
December 26, 2010 at 10:16 am
kumud bhiya sabse pahle aap ko bdhai ho aap ke saath kaam kar bahut kuch sikha hai jiska prayog kar raha hu plz naya mob no dedijiye. aap sada taarkki ke naye aayam likhe yahe meri tammna hai .
anish ankur
December 26, 2010 at 6:11 pm
कुंदन तुमको बहुत बहुत बधाईयां. काफ़ी अच्छा लगा तुमको यहां देख के. गौरव है हमलोगों को तुम पर.फ़िर से बधाईयां
डॉ नूतन ठाकुर
December 27, 2010 at 2:50 am
आपको बहुत बहुत बधाई और ढेर सारी शुभ कामनाएं कि आप वहाँ भी उतना अच्चा काम कर सकें जो यहाँ करते रहे हैं.
डॉ नूतन ठाकुर, लखनऊ
astha
December 27, 2010 at 7:53 am
Congrats:D,,,,,,its really a great achievement 4 u ,,,,,,,
All d best 4 all d steps u r gong to take in ur life,,,,,,,,,,,,
Dasrath majhi ki trah apki mehnat b rang laai,,,n also
U r a great inspiration 4 us,,,,THanks 😀
anirudh kumar
December 29, 2010 at 6:30 am
कुंदन बीच में पता नहीं तुम कहाँ चले गए थे. हाल के दिनों में पता चला था की तुम किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हो, जिसकी ऑफिस फ्रेजर रोड में रखे हो. आज पढ़ कर लगा की तुम वो कम कर दिखाया जो बहुत कम लोग करते है, रिक्स लेना हमलोग कम चाहते है. लेकिन तुम ने जो कर दिखाया उस पर हमें नाज है. मुझे आज भी याद है की आज से ७ साल पहले जब मुझे किसी के सहयोग की जरूरत थी तो तुमने मुझे सबसे पहले और सबसे आगे आकर हाथ थामा था. काफी लम्बे समय तक तुमने मुझे सहयोग किया, जो भुला नहीं जा सकता. एक वह समय था और एक आज समय है, जब अपनों के द्वारा ही पैर खींचा जाता है. सच में कितना बदल गया है, वक्त.
कुंदन मेरी ओर से इस कार्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं. मुझे आशा ही नहीं विश्वास भी है की तुम एक दिन दुनिया में अपना नाम रौशन करोगे. नए साल की शुभकामनाओ के साथ.
अनिरुद्व कुमार
ब्यूरो इनसाईट टी०वी० न्यूज
पटना.
मेल. [email protected]
Ravi Ranjan Thakur
January 24, 2011 at 5:20 am
Hiiiii Dear Bro……….Its a great effort from your side to prove the talent of Thakur family,Motihari,Bihar,India and as well as yurself.I am really very pleased and glad to have a person as brother like you who has indifferent attitude and willingness to do something different from others.
I have a lot of faith and confidence on you and also i knew it that you’ll surely travel a peak of success.So don’t stop and keep it up,keep going ahead and ahead.Success after success is waiting for you.
This is the first ladder you passed through which leads to your dream world.You have to travell a milestone and have to pave a way for yuongsters.
Wish you best of work,best of luck and finally all the best.
Ravi Ranjan Thakur
9325803339
Sr. HR & Prodcn Manager
Futura Doors PVT LTD
Pune