सीनियर सब एडिटर कंचन वर्मा अब अमर उजाला, बरेली के हिस्सा नहीं रहे. उन्होंने संस्थान को अलविदा कह दिया है. सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों उनकी अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद प्रबंधन ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कह दिया था. वो अपनी नई पारी कहां से शुरू करने वाले हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.
मूल रूप से बरेली के रहने वाले कंचन वर्मा का तबादला पिछले दिनों अमर उजाला, हलद्वानी से बरेली किया गया था. हलद्वानी में सिटी डेस्क के इंचार्ज के रूप में काम कर रहे थे. गौरतलब है कि कंचन की पत्नी ने पिछले दिनों उनके खिलाफ थाने में जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी.












madan kumar tiwary
January 2, 2011 at 7:57 am
मेरे अनाम दोस्त आपने स्वंय दरयाफ़्त किया है उधम सिंह के मामले की , या पुलिस में हुये एफ़ आई आर को हीं आधार मानकर इस्तीफ़ा मांग रहे है। मुकदमा की तो बात हीं छोड दे सजा हो जाने का मतलब भी अपराधी होना नही होता । जैसी व्यवस्था है, वहां निर्दोष को फ़ांसी भी हो तो आश्चर्य नही है। खुद मामले की तह तक जायें फ़िर आलोचना करें । वैसे मैं उधम सिंह को जानता भी नही हूं। इस्लिये कर्प्या मेरे उपर पक्षपात करने या दलाल होने का आरोप न लगाइयेगा .
dost
January 1, 2011 at 10:35 am
एक है अमरउजाला ,जहा के रिपोर्टर कंचन वर्मा को अपनी पत्नी से विवाद के कारण संस्था से इस्तीफा देना पड़ गया, और एक अख़बार है देहरादून से छपने वाला राष्ट्रीय सहारा|इस संस्थान के उधम सिंह नगर में कार्यरत जिला प्रभारी एस पी अरोरा के खिलाफ रुद्रपुर थाने में एक व्यापारी को ठगने और सिडकुल के एक ठेकेदार से रंगदारी वसूलने का मामला चल रहा है ,उसके बाद भी यह पत्रकार बेशर्मी से मुछो पर ताव देकर काम कर रहे है /इनसे बड़ा बेशरम तो सहारा प्रबंधन है ,जो ऐसे अभियुक्त को शरण दे रहा है /उपेन्द्र राय जी अमर उजाला के प्रबंधन से कुछ नेतिकता का पाठ ही सिख लो और राष्ट्रीय सहारा को बेशरम सहारा बनने से रोक लिजीये