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”कुछ ऐसे तथ्य जो आपसे छुपाए गए हैं”

Sting Operation23 दिसम्बर, 08

माननीय यशवन्त जी,

भङास4मीङिया के 21 दिसम्बर 08 के अंक में एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसका शीर्षक था- मंत्री, पार्टी, पत्रकार, शराब, स्टिंग, प्रसारण, जाँच, कारवाई,। मान्यवर, मैं इस सम्बन्ध में कुछ ऐसे तथ्यों पर प्रकाश ङालना चाहता हूँ जो शायद आपको खबर बताने वाले या खबर आप तक पहुँचाने वाले ने किसी कारण वश छुपाये है।

Sting Operation23 दिसम्बर, 08

माननीय यशवन्त जी,

भङास4मीङिया के 21 दिसम्बर 08 के अंक में एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसका शीर्षक था- मंत्री, पार्टी, पत्रकार, शराब, स्टिंग, प्रसारण, जाँच, कारवाई,। मान्यवर, मैं इस सम्बन्ध में कुछ ऐसे तथ्यों पर प्रकाश ङालना चाहता हूँ जो शायद आपको खबर बताने वाले या खबर आप तक पहुँचाने वाले ने किसी कारण वश छुपाये है।

sting operationsting operationइसकी वजह से उक्त खबर एकतरफा और वास्तविकता के विपरीत लग रही है, क्योंकि मैं खुद इस पूरी घटना से जुङा हुआ हूँ और एक जिम्मेदार पत्रकार हूं। इसलिए मेरा फर्ज बनता है कि मैं इस खबर के वास्तविक पहलू को आप तक पहुंचाऊं। सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहता हूं कि खबर के अनुसार वह पार्टी उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री श्री दिवाकर भट्ट जी की पुत्रवधू की थी, जबकि वास्तव में पार्टी मंत्री जी के जन्म दिन की ही थी। उसी दिन उनकी पुत्रवधू का भी जन्मदिन होता है। मगर हमारे पास मंत्री जी को इस मौके पर मिले उपहार साबित करते हैं कि यह उन्हीं के जन्मदिन की पार्टी थी।

इसके अलावा इस कार्यक्रम में देहरादून के मेयर भाजपा नेता श्री विनोद चमोली भी मौजूद थे जिनकी बाइट से भी साफ है कि जन्मदिन मंत्री जी का था। मान्यवर, इस सम्बन्ध sting operationमें एक बात और स्पष्ट करना चाहता हूँ कि जो स्टोरी मैनें sting operationभेजी थी उसका एंगल वास्तव में सिर्फ पार्टी में शराब का इस्तेमाल नहीं था। स्टोरी का मुख्य एंगल मुबंई में हुए हमले के बाद देश में बने गमगीन ओर आक्रोश के माहौल में एक सूबे के कैबिनेट मंत्री का अपने जन्मदिन के मौके पर रंगारंग कार्यक्रम कर जश्न मनाने के औचित्य का था। चूंकि इस पार्टी में शराब का भी बङे पैमाने पर इस्तेमाल हुआ था और जहां यह सब कुछ हुआ, वह जगह नगर पालिका कानून के मुताबिक मांस-मदिरा के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र है। यह खबर का दूसरा एंगल था। आपकी खबर में कहा गया है कि कुछ पत्रकारों ने अपनी स्टोरी बनाने के लिए खुद शराब लाकर पार्टी स्थल से दूर मंदिर की छत पर पी और खुद ही अपने VISULS बनाये ताकि खबर को बनाया जा सके, जबकि यह बात भी तथ्यों से परे है। मेरे पास मौजूद VISUALS से sting operationसाफ जाहिर है कि वहाँ पर स्कूल के कमरे में मंत्री जी के कुछ मेहमान शराब पी रहे हैं। sting operationइसके अलावा छत पर भी शराब पीते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। वहीं पर गिलास भी बङी संख्या में बिखरे पङे है। इसके अलावा इसी कैम्पस के एक दूसरे कमरे में शराब की बोतलों के 15 से 20 खाली ङिब्बे पङे हुए है। मेज लगी हुई है ओर उस पर खाने का सामान भी रखा हुआ है। इस कमरे में मेहमानों के लिए खाने का नहीं, बल्कि खास लोगों के लिए शराब का इंतजाम किया गया था। इतनी बङी संख्या में खाली पङे ङिब्बे साबित करते है कि वहाँ पर मेहमानों ने शराब पी, न कि सिर्फ पत्रकारों नें। sting operationsting operationइस पूरी खबर में यह साबित करने की कोशिश की गई है कि खबर जानबूझकर मंत्री को ब्लैकमेल करने और उनकी छवि खराब करने के लिए पत्रकारों ने प्लांट की, जबकि यह आरोप बेबुनियाद, व आधारहीन है। जिस जगह पर यह सब कुछ हुआ, वह जगह तरूण हिमालय के नाम से है और इस संस्था के अध्यक्ष खुद मंत्री दिवाकर भट्ट हैं। इस भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। यहां पर मंत्री जी का घर भी है। मगर वह वर्तमान में पास में ही एक किराये के मकान में रह रहे हैं। इसी संस्था के मंदिर की छत, स्कूल के कमरे व एक अन्य कमरे में मेहमानों को शराब पिलाई गई। इस खबर में यह भी कहा गया कि खबर बनाकर मंत्री जी को ब्लैकमेल sting operationsting operationकरने की कोशिश भी गई, जो कि सरासर गलत व आधारहीन है। 4 दिसम्बर को जन्मदिन की पार्टी थी और इसी दिन 11 बजे पार्टी खत्म होने के बाद आज तक को रात में ही करीब 12 बजे स्टोरी भेज दी गई थी। इस बात की सत्यता आज तक के आफिस से बात करके जानी जा सकती है। मंत्री जी का भी कहना है कि उन्हें किसी ने भी ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं की। वास्तव में यह सारा मामला न तो एक स्टोरी बनाने का है और न ही मंत्री को बलैकमेल करने व जानबूझकर उनकी छवि खराब करने का है। यह तो विशुद्ध एक खबर का मामला है और पत्रकारिता के सिद्धान्तों के अनुरूप चलने का मामला है। वास्तव में यह सारा मामला स्थानीय पत्रकारों के बीच चल रही आपसी गुटबाजी की है, जिस वजह से स्थानीय पत्रकारों के एक गुट ने दूसरे गुट की छवि खराब करने और उसे नुकसान पहुँचाने की साजिश रची और यह सब उसी का हिस्सा है। sting operationsting operationमाननीय यशवन्त जी, मेरा आशय यह सब बताकर आपके खिलाफ कोई आरोप लगाने का नहीं है, बल्कि मैं तो यह कहना चाहता हूँ कि जिसने भी आप तक यह सारी जानकारी पहुँचाई है, उसने जान-बूझकर कई बातों को निजी स्वार्थों के लिए छुपाया है। इस खबर के बारे में यह ही कहना चाहता हूँ कि इसमें जो कुछ लिखा गया है, वह वास्तविकता से परे, एकपक्षीय और बेबुनियाद व आधारहीन है। कृपया sting operationभङास के नवीनतम अंक में इसे भी प्रकाशित करने की कृपा करे। आपकी अति sting operationकृपा होगी।

सादर,

संजय आर्य

संवाददाता, आज-तक, हरिद्वार

NOTE:= उपरोक्त बातों की पुष्टि के लिए साथ में कुछ फोटो संलग्न कर रहा हूँ।

Thanks & Regards,

Sanjay Arya

Aaj Tak (Tv Today Network)

 

 

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