: वितरक अमर उजाला नहीं उठाएंगे : वाराणसी। समाचार पत्र वितरकों ने अपना ढाई लाख रुपया बकाया लेने के लिए कुछेक दिनों तक सुबह-तड़के अमर उजाला नहीं उठाने का फैसला किया है। यह विरोध पांडेयपुर, कचहरी, रेलवे स्टेशन और कैंट पर अधिक होगा। अपना विरोध दर्ज कराते हुए समाचार पत्र वितरकों ने सोमवार को नेशनल हेड (प्रसार) यादवेश कुमार से मिलने से साफ इनकार कर दिया।
यादवेश कुमार दिनभर उनसे मिलने का इंतजार करते रहे। वाराणसी के अस्सी निवासी नेशनल सेल्स हेड यादवेश कुमार की वाराणसी में यह बेहद शर्मनाक स्थिति मानी जा रही है। दरअसल दिनांक 8 जनवरी को अमर उजाला ने फुल पेज विज्ञापन छापकर ग्राहकों को सूचना दी थी कि अब आपको अमर उजाला पूरे माह महज 75 रुपये में ही मिलेगा। विज्ञापन में यह भी बताया गया था कि यह नियम पहली जनवरी से ही लागू होगा। पहले अमर उजाला साढ़े तीन रुपये में बिकता था जिसपर वितरकों को एक रुपया पांच पैसा कमीशन मिलता था। इस तरह उन्हें एक अखबार का मूल्य दो रुपया पैंतालिस पैसा चुकाना पड़ता था। अब जबकि दाम घटाकर दो रुपया पचहत्तर पैसा हो गया है तो वितरक एक अखबार के लिए एक रुपया पैंतालिस पैसा चुका रहा है।
वितरकों का कहना है कि ग्राहक उन्हें 75 पैसे के हिसाब से ही माह के अंत में अखबार का मूल्य चुकाएगा। इस तरह उसे एक जनवरी से आठ जनवरी तक प्रति कापी एक रुपया ग्राहक नहीं चुकाएगा जिसे अमर उजाला उनसे वसूल चुका है। अब वितरकों को प्रति कापी एक रुपया आठ दिन का अमर उजाला प्रबंधन चुकाएगा तभी वे अखबार उठाएंगे, अन्यथा नहीं। वाराणसी में अमर उजाला 32 हजार बिकता है। इस तरह आठ दिन के अमर उजाला के लिए वितरकों को दो लाख छप्पन हजार रुपये चुकाने पड़ेंगे तभी यह अखबार वितरक उठाएंगे। जैसे ही यह खबर अमर उजाला के नोएडा कारपोरेट आफिस पहुंची पूरे प्रसार विभाग के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में नेशनल सेल्स हेड और वाराणसी के अस्सी निवासी यादवेश कुमार बनारस भाग कर आना पड़ा पर अख़बार वितरकों ने उनसे ही मिलने से इनकार कर दिया।











