पीपुल्स समाचार, भोपाल से सूचना है कि यहां मार्केटिंग विभाग में हड़ताल हो गई है और कई फेरबदल किए गए हैं. हड़ताल के चलते आज पूरे दिन पीपुल्स समाचार में अफरातफरी रहने की खबर है.
जयपुर से सूचना है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 200 पत्रकारों को भ्रष्ट करने की तैयारी कर ली है और इन पत्रकारों के एकाउंट में पैसे डाल दिए हैं. पैसे पाने वालों में दैनिक भास्कर और पत्रिका के भी पत्रकार हैं.
उपरोक्त दोनों खबरों की विस्तृत जानकारी अगर किसी के पास हो तो उसे नीचे कमेंट बाक्स में डाल दें या फिर [email protected] पर भेज दें.












rakesh
January 13, 2011 at 10:29 am
प्रिय यशवंत जी,
जी हां, ये सच है कि जयपुर विकास प्राधिकरण जेडीए ने राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर के उन पत्रकारों के बैंक अकाउंट में 10,000 रुपए और अधिक डलवाए है, जो नगरीय विकास विभाग और जेडीए की बीट देखते हैं।
असल में पत्रकारों को यह तोहफा नए साल के उपलक्ष्य में दिए जाने की चर्चा बाजार में है। लेकिन असलियत तो यह है कि यह राशि 200 नहीं बल्कि उन 40 पत्रकारों को दी गई है जो विभाग की बीट के साथ ही जयपुर में पत्रकार राजनीति में सक्रिय हैं। यह मामला पत्रकार आवासीय योजना से जुड़ा हुआ है। इस संदर्भ में यह लिखना संबंधित होगा कि जयपुर के मानसरोवर से सटे धौलाई क्षेत्र में करीब 8 वर्ष पूर्व पत्रकारों के लिए आवासीय योजना लाई गई थी। उस समय भी वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे। इसके बाद जब भाजपा की सरकार बनी और वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री बनीं, तो उन्होंने पत्रकारों को आवासीय योजना के नाम पर ठेंगा दिखा दिया। हाल ही में पिंकसिटी प्रेस क्लब के वार्षिकोत्सव में स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकार आवासीय योजना में पत्रकारों को आवास दिए जाने की घोषणा की लेकिन इस योजना से भी पत्रकार स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। कारण कि, यह आवासीय योजना जयपुर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर तथा ग्रामीण अंचल में प्रस्तावित की गई है, जहां से देर रात तक काम खत्म कर न तो कोई पत्रकार आसानी से घर पहुंच सकता है और न ही सांध्यकालीन समाचार पत्र में काम करने वाला पत्रकार अल सुबह अपने ऑफिस पहुंच सकता है। योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 दिसम्बर 2010 रखी गई थी तथा 19 जनवरी 2011 को इस योजना के तहत करीब साढ़े चार सौ आवासों के लिए लॉटरी निकाली जानी है। ऐसे में मुख्यमंत्री से मिलकर आवासीय योजना का स्थान बदलने के लिए पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष बिल्लू बना तथा अन्य पत्रकार नेताओं ने दबाव बनाना शुरू किया था, लेकिन अंत समय तक योजना में बदलाव लाने तथा पत्रकारों को जयपुर या नजदीकी क्षेत्र में भूखण्ड देना जयपुर विकास प्राधिकरण के लिए संभव नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर उन पत्रकार नेताओं की जेबें गरम की जा रही हैं, जो पत्रकारों के हक में मुख्यमंत्री को घेरना चाहते हैं तथा योजना में बदलाव के पक्ष में हैं।
deepak
January 13, 2011 at 3:23 am
Jaipur mein to andar hi andar charcha garam hai.koyee achhi khasi rakam lekar munh chhipa raha hai to koyee is baat se naraj hai ki use kam kyon..ese patrakaron ki snakhya 200 nahee 27 batayee ja rahee hai.
ravendr
January 12, 2011 at 4:32 pm
buri khabar