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दुख-दर्द

छत्तीसगढ़ के मंत्री ने किया पत्रकारों से दुर्व्यवहार !

छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मन्त्री राम विचार नेताम पर आरोप है कि उन्होंने 27 दिसंबर को बिलासपुर के स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारों से बुरा बर्ताव किया। जानकारी के मुताबिक वे छह माह पुरानी एक घटना से पत्रकार उमेश सोनी से नाराज थे। छह माह पहले एक पत्रकार वार्ता मे उनसे सवाल पूछा गया था कि “आप पर नक्सलियो को चन्दा देने का आरोप है, ऐसे में आप उन पर कड़ाई कैसे कर पाएंगे?” इस सवाल से खफा मंत्री ने इस बार पत्रकारों से हिसाब बराबर कर लिया। नेताम राज्य के गृह मन्त्री रह चुके हैं। डा. रमन सिंह मंत्रिमंडल में इस बार पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ-साथ विधि मन्त्री भी बनाय गए हैं। मंत्री बनने के बाद 27 दिसंबर को वे रायपुर से सरगुजा जा रहे थे। इसी क्रम में उनका बिलासपुर विश्राम गृह में आने का कार्यक्रम भी था।

छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मन्त्री राम विचार नेताम पर आरोप है कि उन्होंने 27 दिसंबर को बिलासपुर के स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारों से बुरा बर्ताव किया। जानकारी के मुताबिक वे छह माह पुरानी एक घटना से पत्रकार उमेश सोनी से नाराज थे। छह माह पहले एक पत्रकार वार्ता मे उनसे सवाल पूछा गया था कि “आप पर नक्सलियो को चन्दा देने का आरोप है, ऐसे में आप उन पर कड़ाई कैसे कर पाएंगे?” इस सवाल से खफा मंत्री ने इस बार पत्रकारों से हिसाब बराबर कर लिया। नेताम राज्य के गृह मन्त्री रह चुके हैं। डा. रमन सिंह मंत्रिमंडल में इस बार पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ-साथ विधि मन्त्री भी बनाय गए हैं। मंत्री बनने के बाद 27 दिसंबर को वे रायपुर से सरगुजा जा रहे थे। इसी क्रम में उनका बिलासपुर विश्राम गृह में आने का कार्यक्रम भी था।

बिलासपुर के पत्रकार छत्तीसगढ़ भवन में उनका इन्तजार कर रहे थे। बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ भवन पहुंचने पर वहां कार्यकर्ताओं-अधिकारियों की भीड़ न देखकर नेताम बौखला गए। उन्होंने पत्रकार उमेश सोनी को सामने देखा तो प्रोटोकाल अधिकारी एमएल गुप्ता  को बुलाया और उनसे नाराज होते हुए पूछा कि किसके बुलावे पर ये लोग यहां आए हैं? बताया जाता है कि राम विचार नेताम ने अपने कार्यकर्ताओं एवं सुरक्षा दस्ते को पत्रकारों से दुर्व्यवहार करने के लिए उकसाया। राम विचार नेताम के इस कृत्य की छत्तीसगढ पत्रकार संघ ने निन्दा की है। संघ के महासचिव राज गोस्वामी ने इस बारे में मुख्यमन्त्री रमन सिंह को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि मन्त्री राम विचार की हरकत से राज्य का माहौल खराब हो रहा है।

सूत्रों का कहना है कि पत्रकारों को अपमानित करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं वरिष्ट पत्रकार श्यामलाल चतुर्वेदी, ईटीवी के मनोज सिंह और पत्रकार अनूप पाठक भी अतीत में अपमानित किए जा चुके हैं। प्रदेश के वरिष्ट पत्रकार श्याम लाल चतुर्वेदी को तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मन्त्री राजेश मूणत ने कमरे से बाहर जाने का फरमान सुनाया था। बाद मे राजेश मूणत ने माफी मांगकर मामले का पटाक्षेप किया था। ईटीवी के सम्भागीय प्रमुख मनोज सिंह को पी.डब्ल्यू.डी के चीफ इन्जीनियर अर्जुन तिवारी ने समाचार संकलन के दौरान अपने कार्यालय से निकाल दिया था। उसके बाद मचे बवाल के कारण माफी मांगकर मामला टाला था। इसी तरह वन विकास निगम के अधिकारी ने पत्रकार अनूप पाठक के साथ अभद्रता की थी।

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