दैनिक जागरण, लुधियाना में एक खबर प्रकाशित हुई है. यह खबर जागरण की वेबसाइट पर भी है. इसे पढ़ने के बाद लग रहा है जैसे टाटा वालों ने अपनी नैनो के प्रमोशन के लिए जागरण को पैसा दिया है और पैसे के बल जागरण में विज्ञापन की बजाय खबरें प्रकाशित हो रही हैं. खबर इस तरह है…
नैनो ने किया कार का सपना पूरा
लुधियाना, 15 जनवरी (जागरण संवाददाता) : ताजपुर निवासी सुखदेव सिंह व रायकोट के संता सिंह का कार लेने का सपना नैनो ने पूरा किया। इस से पहले कार खरीदने के बारे में सोचते तो थे, लेकिन उनके बजट लायक कोई कार थी ही नहीं। दोनों ने करीब साल भर पहले यह लखटकिया कार खरीदी थी। सुखदेव के अनुसार नैनो की लांचिंग से पहले ही परिवार में सभी ने तय कर लिया था कि यही कार लेनी है। उनका 65 गज काघर है। नैनो को वह घर के आंगन में पार्क कर लेते हैं, अन्य कार के साथ शायद ऐसा मुमकिन नहीं होता। उनका कहना है कि ज्यादातर तो शहर में ही इसमें घूमते हैं। हां, पिछली गर्मियों में पूरा परिवार इसमें घूमने हिमाचल गया था। परिवार में पांच सदस्य हैं। थोड़ा तंग तो जरूर हुए, लेकिन नई कार व घूमने के क्रेज में यह दिक्कत कुछ खास नहीं लगी।
करीब पांच सौ किलोमीटर का सफर पूरा किया। सौ तक की स्पीड का पता ही नहीं चलता। कुछ दूसरी छोटी गाडि़यां अस्सी से ऊपर सेफ नहीं लगतीं, लेकिन इसमें ऐसी असुरक्षा महसूस नहीं होती। शहर के भीतर तो 50-60 की स्पीड भी काफी होती है। आवाज भी कम है, शायद इंजन पीछे होने के कारण ऐसा है। मध्यवर्गीय परिवार के संता सिंह का कहना है कि उन्होंने कम दाम व इसकी अच्छी लुक के कारण इसे खरीदा। छोटी कारों में यही सबसे बढि़या विकल्प लगा। लुधियाना में भारी ट्रैफिक वाले रास्तों के लिए यह माफिक थी ही, वह तो इसमें बठिंडा, गिदड़बाहा सहित करीब सात सौ किलोमीटर का सफर भी एक बार कर आए हैं। कुछ रिश्तेदारों के घर छोटी-छोटी गलियों में पड़ते थे, लेकिन सबके घर तक यह कार आसानी से जा पहुंची। संता के मुताबिक नई कार थी तो तेज चलाने का आनंद भी ले ही लिया। सौ की स्पीड तक हाइवे पर चलाई।
इस खबर को इस लिंक पर क्लिक करके भी पढ़ सकते हैं..
http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=37&edition=2011-01-16&pageno=२१
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर आप पत्रकार द्वारा लिखित मंतव्य से सहमत न हों तो अपनी अलग राय नीचे कमेंट बाक्स के जरिए सबको बता सकते हैं.












Abhishek sharma
January 20, 2011 at 6:33 am
100 feesdee jagran ka ye paid news hai koi bhi media wala ise asani se pakad sakta hai.
jabalpur
January 19, 2011 at 5:57 pm
jabalpur bhaskar bhi pichle kai week se bilkul asisi hi kahabar print kar raha hi isme or db ki khabar me koi antar nahi hi .saboot ke liye 15 din ke paper mangakar dekh lijiye ya epaper me city bhaskr jabalpur ka dekh lijiye
rakesh verma
January 19, 2011 at 5:28 pm
महाशय,
यह पेड न्यूज ही है, जो देश भर के प्रमुख समाचार पत्रों की शोभा बनी हुई है। एक ओर झाबरमल्ल स्मृति व्याख्यान एवं पत्रकारिता पुरस्कार समारोह में आए ठकुरता साहब राजस्थान पत्रिका को पेड न्यूज से दूर रहने वाले अखबारों की सूची में सबसे पहले स्थान पर रखते हैं, उसी अखबार के लाइफस्टाइल सप्लीमेंट जस्ट जयपुर में यह खबर लीड के रूप में लगी है। उल्लेखनीय बात यह है कि जिन स्थानीय लोगों का हवाला देकर नैनो को आमजन के उपयोग के लिए बेहतर बताया गया है, उसके तीन दिन बाद उन्हीं लोगों के नाम-पते का हवाला देकर दैनिक भास्कर में भी यह खबर छपी है। अब नीरा राडिया की सेवाएं लेने के बाद रतन टाटा भली प्रकार जान गए होंगे, कि आम पाठक अखबार में छपे समाचार पर ही ज्यादा भरोसा करते हैं, न कि विज्ञापन में दी गई सामग्री पर। अब जब टाटा साहब विज्ञापन को खबर के रूप में छपवा रहे है, तो भला पत्रकारों का जमकर खून चूसने वाले अखबार नैनो के मालिक का मक्खन खाने में पीछे क्यों रहेंगे।
राकेश वर्मा, स्वतंत्र पत्रकार
rakesh sharma
January 19, 2011 at 1:25 pm
YEH PAID OR PERMOTIONAL NEWS HAI. HINDI KE ADHIKANSH AKHBAAR ISE DAILY CHHAP RAHEN HAIK.
RAKESH SHARMA
rakesh sharma
February 19, 2011 at 7:10 pm
vermaG you are write that it may be pay news!