लंबी कवायद के बाद आखिरकार शताब्दी, राजधानी और दुरंतो के यात्रियों के लिए प्रकाशित होने वाली रेल पत्रिका का नाम तय हो गया है। रेल मंत्री ममता बनर्जी की पसंद और सुझाव पर इस पत्रिका का नाम ‘रेल बंधु’ तय किया गया है। पहले इसका नाम ‘रेल दोस्त’ प्रस्तावित किया गया था। यह पत्रिका दो-तीन माह के भीतर रेलयात्रियों के हाथ में होगी।
दरअसल, एयर इंडिया की ‘स्वागत’ पत्रिका की तरह रेलवे ने भी एक खूबसूरत पत्रिका अपने रेलयात्रियों को दिए जाने का मन करीब छह महीने पहले बनाया था। इस पर काफी कुछ काम हो गया है। योजना के मुताबिक यह पत्रिका सौ पेज की होगी और इसमें से 30 पेज विज्ञापन के लिए होंगे। इस पत्रिका को प्रकाशित करने और छापने के लिए पांच कंपनियों ने आवेदन किए हैं। शताब्दी, राजधानी और दुरंतों एक्सप्रेस यात्रियों के लिए नि:शुल्क होगी। योजना के मुताबिक महीने में एक बार प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका की एक लाख प्रतियां छपेंगी। फिलहाल पत्रिका को हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रकाशित किया जाना संभावित है।
इस पत्रिका के नाम को लेकर रेलवे मंत्रालय में कई महीनों तक माथापच्ची होती रही। रेलवे के आला अधिकारियों ने इस पत्रिका का नाम ‘रेल दोस्त’ प्रस्तावित किया था, लेकिन जब इस पर अंतिम निर्णय लेने की बारी आई तो रेल मंत्री ममता बनर्जी से विचारिवमर्श किया गया और उनकी मंशा मांगी गई। इस पर रेल मंत्री ने अपने सुझाव के साथ कहा कि अगर पत्रिका का नाम ‘रेल बंधु’ कर दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। लिहाजा रेल मंत्री की पसंद और सुझाव के बाद पत्रिका का नाम ‘रेल बंधु’ तय कर दिया गया है। अभी तक भारतीय रेल की मासिक पत्रिका ‘भारतीय रेल’ हिन्दी और अंग्रेजी में प्रकाशित होती है, लेकिन यह केवल रेलकर्मियों के लिए है। लेकिन ‘रेल बंधु’ पत्रिका यात्रियों के लिए होगी, इसमें रेलवे के उपयोगी समाचारों के अलावा रोचक जानकारियां भी होंगी। साभार : राष्ट्रीय सहारा












SHASHISHEKHAR DUBEY
January 21, 2011 at 8:23 am
best regards to this maggine ‘”RAILBANDHU'” heartly by Shashishekhar dubey EDITOR -(RAILWARTA) ALLAHABAD.