प्रयोगधर्मी टाइम्स ग्रुप ने खर्चे घटाने के मामले में भी एक नया प्रयोग किया है जिसका निकट भविष्य में दूसरे मीडिया हाउस भी हमेशा की तरह अनुकरण कर सकते हैं। प्रबंधन ने पहले इकोनामिक्स टाइम्स (हिंदी) के पेज 16 से घटाकर 12 कर दिया। अब ईटी हिंदी के ही स्टाफ को नवभारत टाइम्स के बिजनेस पेजों को बनाने का जिम्मा दे दिया है। पहले नभाटा वाले अपना बिजनेस पेज खुद बनाते थे। नए फंडे से टाइम्स ग्रुप को डबल फायदा है। एक तो नभाटा में स्टाफ कम करने का मौका मिल गया। दूसरे, नभाटा के पाठकों को बिजनेस की खबरें बिजनेस एक्सपर्ट जर्नलिस्टों के हाथों से बनी-सजी मिलेगी। पर कर्मियों की जान सांसत में है। सबको डर है, कब किसकी गर्दन खच्च से उड़ जाए।
भास्कर के कई संस्करणों से 100 से ज्यादा बाहर
खबर मिली है कि दैनिक भास्कर ने अपने अजमेर संस्करण से डेढ़ से लेकर दो दर्जन स्टाफ की छुट्टी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक रिकवरी से विशाल भाटी, डिजाइनर मनीष रावत, दीपेंद्र सिसौदिया, एचआर मैनेजर सिरोज आदि पर मंदी की गाज गिरी है। भास्कर की जयपुर यूनिट के बारे में सूचना है कि यहां से भी बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाल दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि अगर सभी विभागों को मिला लें तो छंटनी की जद में आने वालों की संख्या 100 से उपर जा सकती है। बताया जाता है कि छंटनी की पहली लिस्ट में 60 लोगों का नाम था, जिन पर गाज गिराई जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक 15 जनवरी के आसपास दूसरी लिस्ट जारी होनी है। बताया जा रहा है कि दैनिक भास्कर, भीलवाड़ा से भी आठ लोगों को निकाल दिया गया है। उदयपुर और जोधपुर आफिसों से भी कई लोग बाहर किए गए हैं। कई अन्य संस्करण और शहर भी ”निकालो-भगाओ अभियान” की जद में हैं। भड़ास4मीडिया प्रतिनिधि ने जब दैनिक भास्कर, राजस्थान के एचआर हेड अंजय शर्मा से बात की तो उन्होंने इसे कारपोरेट आफिस का मामला बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।











