गुजरात के स्वतंत्र पत्रकार उमेश सोलंकी ने जहरीली शराब के शिकार व्यकितयों और उनकी विधवाओं की वेदना पर गुजराती में हृदय को छू लेने वाली 30 मिनट की ‘सॉरी मि.महात्मा’ के नाम पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है. इस फिल्म में दिखाया गया है कि 2009 में 150 व्यक्तियों के मारे जाने के बाद भी गान्धी के गुजरात में आज भी जहरीली शराब किस कदर बिक रही है और जहरीली शराब पीकर जो व्यक्ति इस दुनिया से कूच कर गए हैं उनके परिवार किस तरह से तिल-तिल कर अपना जीवन व्यतीत कर रहे.
जहरीली शराब के मामले गुजरात में किस किस साल में कितने हुए, उसके आंकड़े स्क्रीन पर उभारते हुए यह फिल्म शुरू होती है और बैकग्राउंड मे ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ गाने की धुन के साथ-साथ दृश्य में शौचालयों मे शराब के पाउच पड़े हुए दिखते हैं. इस डाक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि किस तरह पति लोग जहरीली शराब के शिकार हुए और घरवालों ने उनकी पत्नियों का साथ छोड़ दिया और किस तरह से वे अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं. इस डाक्यूमेंट्री में वासुदेव सकारे का बयान भी है जिसकी पत्नी जहरीली शराब से मौत का शिकार हुई थी. इस डाक्यूमेंट्री मे वह अपना दर्द बयान करता हुआ कहता है कि अच्छा हुआ, वह मर गई. कम से कम आज उसके बच्चे ढंग से शिक्षा तो ग्रहण कर रहे है. ढंग से दो जून का खाना तो खा रहे हैं.

इस डाक्यूमेंट्री का अंत बेहद मार्मिक है जहां जहरीली शराब से प्रभावित एक व्यक्ति बताता है कि किस तरह से उसकी आंखों की नसें खिंच गई हैं और उसे ढंग से दिखाई नहीं देता. पहले वह 9000 रुपये कमाता था और अब 5000 रुपये ही कमा पाता है, इसी में पूरे घर का भरण-पोषण भी उसे करना है. 14 साल की बेटी एक फैक्ट्री में काम पर जाती है. अंत में वह अपना परिचय देता हुआ कहता है कि जहरीली शराब से एक भरा-पूरा परिवार किस तरह बरबाद होता है, अगर कोई यह जानना चाहता हो तो वह इस जनतानगर के हर्षदभाई चूडावाला से मिले और पूछे. डाक्यूमेंट्री फिल्म के डेढ़ मिनट के प्रोमो को नीचे दिए गए वीडियो प्लेयर पर क्लिक करके देख सकते हैं.
अहमदाबाद से उषा चान्दना की रिपोर्ट












gulshan saifi
January 30, 2011 at 4:28 am
sharab bik rahi h or log kharid rahe h…kasoor war kon h ye samajh nhi aata
imran zaheer, moradabad
January 30, 2011 at 4:58 am
zimmedaar sarkaar hai, jaan bujh kar maut bechne ka kaam kar rahi hai.. aur dikhawe ke liye vigyapan kara rahi ki iska prayog aapki jaan le sakta hai.. samajh me nahi aata ki agar iske sevan se maut ho rahi hai,to is par pratibandh kyu nahi laga diya jata..
anil mittal
January 30, 2011 at 6:33 am
शराब चाहे जिसे भी हो उसे पीने वाला तो मरेगा ही ज़हरीली है तो कुछ घंटो में अगर नहीं है तो कुछ सालो में ,,पर वो तो मरेगा ही जब तक सरकारे राजस्व का लालच नहीं छोड़ेंगी तब तक हर परदेश हर जिले हर गाव में ऐसे डोकुमेंत्री बनाने के लिए किरदार मिलते रहेंगे
danish
January 30, 2011 at 10:20 am
great job….aapne aisa kar sach main gandhi ji ko sachhi shaddhanjali di….thanks again…
madan kumar tiwary
January 30, 2011 at 1:18 pm
शराब की बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाये , तभी जहरीली शराब की बिक्री बंद होगी ।
Ravi Shankar Maurya
February 4, 2011 at 8:00 pm
ham sabhi ko pata hai…marne wale cahe bahut bade sarabi hi kyoun na ho lekin ..unki maut ke karan wo khud hi nahi balki hamara system bhi hai ..jo khule aam aase kacchi sarab bikti hai…aur sarab ke pratibandh hatane se log kya kacchi sarab bikna band ho jayegi …up me to tamam shro me kule aam kacchi sarab banti bikti hai…..yada kada uske pakdi jane ki khabar aati hai………hame kewal awerness ka sahara bacha sakta hai………natikta wa aadarsho ki bhasha desh ko sekhani padegi…ye na sirf ise hi dur karegi desh ki aur gandgi dur ho jayegi………………sandar documentry…promo dekha …puri documentry dekhne ka man ho gaya…………..