भ्रष्ट तंत्र और तेल माफियाओं की मिलीभगत का शिकार हुए महाराष्ट्र के नासिक जिले के एडीएम यशवंत सोनावने की शहादत पर उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में पत्रकारों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया तथा हत्यारों को फांसी देने की मांग की। पत्रकारों ने एडीएम सोनावने के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की और कैंडिल मार्च निकाला।
राजधानी के महाराजा अग्रसेन चौक(प्रिंस चौक) पर समाजसेवी संस्था लोक मोर्चा उत्तराखण्ड के बैनर तले हुए कार्यक्रम में देहरादून के जागरूक नागरिकों और पत्रकारों ने कैन्डिल मार्च निकाला। कैन्डिल मार्च के दौरान एक ईमानदार अधिकारी को दिनदहाड़े जिन्दा जला देने की घोर निन्दा करते हुए पत्रकारों ने घटना के दोषी तेल माफियाओं पर कठोरतम कार्यवाही करते हुए फांसी देने की मांग की।
कैन्डिल मार्च की समाप्ति पर लोगों ने चौक स्थित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष स्वर्गीय सोनावने का चित्र रखकर कैन्डिल एवं पुष्पों से शोक श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रख कर मृत आत्मा की शान्ति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। पत्रकारों ने इस घटना पर राजधानी के राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के मौन पर गहरी चिंता जताई और कहा कि इतनी बड़ी घटना हो जाने पर भी किसी सामाजिक और राजनीतिक संगठन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आना ये बात साबित करती है कहीं न कहीं कुछ सड़ जरूर रहा है। सभी पत्रकारों ने एकमत से समाज में हावी हो रही असंवेदनशीलता की कड़ी भर्त्सना की और चिंता जताई।
कैंडिल मार्च में प्रमुख रूप से मोर्चा के अध्यक्ष आरटीआई एक्टिविस्ट व पत्रकार सुरेन्द्र अग्रवाल, कपिल गर्ग, रोहित गोयल, मुकेश रावत, रचना गर्ग, उर्मिला शर्मा, मोहिनी चौधरी, योगेश खण्डूजा, सावित्री शर्मा, पुष्पांजलि, पूर्व सैन्य अधिकारी कमांडर केएस चौहान, कपिल बोहरा, एमएस चौहान, विजय मिश्रा, सोहनवीर सिंह, सुक्खन सिंह, नागेन्द्र त्रिपाठी, संजीव शर्मा, पीएस रांगड़, बिजेन्द्र यादव, एमआर कौशल, नितेश कुमार, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, आशुतोष चतुर्वेदी, जय प्रकाश शर्मा, संजय गर्ग, नरेन्द्र शर्मा, मनीष गुप्ता, नवीन गुप्ता, अरूण शर्मा, सुमित गुप्ता सहित करीब दर्जन भर पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
देहरादून से धीरेन्द्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट.











