: पुलिसवालों ने डंडे के बल पर बाहर का रास्ता दिखाया : मुसलमानों के लिए शराब हराम है – उसी आबकारी विभाग के मंत्री बन मुस्लिम समाज के लिए कलंक बने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पत्रकारों से नफरत हो गयी है। बाराबंकी में आयोजित बसपा कार्यकर्ताओं की बैठक में पत्रकारों को फटकने तक नही दिया गया। किसी पत्रकार को बैठक में न आने दिया जाय, इसका बाकायदा मंच से एनाउंस कराया गया। पुलिसकर्मियों ने मीडिया वालों को डन्डा दिखाकर, पत्रकारों को छांट-छांट कर सभा स्थल से बाहर का रास्ता दिखाया।
कुछ पत्रकार आक्रोशित होकर तो कुछ खींसे निपोरकर वहां से वापस लौटे। आज दोपहर गन्ना संस्थान स्थित मैदान में बसपा कार्यकर्ताओं की बैठक में प्रदेश के आबकारी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे थे। आबकारी मंत्री ने इस बैठक में बसपा सरकार के कराये गये विकास और लागू की गई सरकारी योजनाओं के कसीदे मंच से पढ़े। सबसे मजेदार बात यह रही कि जैसे ही नसीमुद्दीन मंच पर पहुंचे और कुछ छायाकारों ने उनकी फोटो खींचने का प्रयास किया तो वो नाराज हो गये। और उन्होंने यह कहा कि मीडिया वालों का यहां पर कोई काम नहीं है। मीडिया वाले इस बैठक से बाहर निकल जाएं। इतना ही नहीं उन्होंने माइक से इस बात का एलान भी करा दिया। माइक से एलान होने के बाद पुलिस वालों ने मीडिया वालों को बाहर का रास्ता दिखाया।












Kailash Bhati
February 11, 2011 at 7:11 am
BSP to nit-naye karya karti hi rehti hai to bhala mantri ji kaise pichhe rehte..
@[email protected]
faizan musanna
February 11, 2011 at 2:33 pm
Rizwan bhai patrkaro nai apna ye haal khud banaya hai.Jub tak Dugga nizam khatam nahi hoga tab tak patrkar yoonhi joota khata rahege.
Ashwani
February 12, 2011 at 9:22 am
bhai ji Kya nasimuddin na aapko ghar sa bulwaya tha. jo aap kawrage sarna chala aaya
sheen khan
February 12, 2011 at 2:35 pm
bin bulaye mehmano ka yehi hal hota he ,:'(
vijay madhesia
February 12, 2011 at 4:53 pm
Ab jarurat hai patrkaro ko apne vajud ki hanak dikhane ki.
Gazi Saifi
February 16, 2011 at 9:17 am
azm dil ko zuban ko taqat de!!
sach ko sach kah sakoon yeh himmat de!
Gazi Saifi
February 16, 2011 at 9:22 am
hai kaun is jahan main jo badnam nahin hai !!
badnami bhi ek naam hai ilzam nahin hai !
mujh par to mayqade ki hazaron hain bandishe !!
kis hath main batao yahan jaam nahin hai !
sandeep
February 26, 2011 at 5:56 am
ye koi nai baat nahi hai meri un se 2007 chunab main kafi gadp ho chuki hai aur kud kafi nuksaan utha chuka hno