प्रिय यशवंत जी, संपादक, भड़ास4मीडिया, यह जानकर खुशी होती है कि बेहद कम समय में भड़ास4मीडिया ने भारतीय मीडिया में व्याप्त भ्रष्टाचार, लालफीताशाही, न्यजू मैनेज, पेड न्यूज जैसी बुराइयों के खिलाफ एक व्यापक मुहिम छेड़ी और आज यह मीडिया के लिए वैकल्पिक माध्यम बन गया है. सीमित संसाधनों के बाद भी भड़ास4मीडिया को जो पहचान आपने दिलाई हम उसके कायल हैं और साथ ही घाघ मीडिया संस्थानों से लोहा लेने की आपके साहस की प्रशंसा भी करते हैं.
यशवंत जी हम आपका ध्यान भड़ास के कॉन्सेप्ट से ही प्रेरित भड़ास4पुलिस की तरफ आकृष्ट करना चाहते हैं. हमें बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि बेहद ही कम समय में भड़ास4पुलिस भी पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार, दबंगई और पुलिस के जुल्मों से त्रस्त आम आदमी की आवाज बन गया है. लगभग दो महीने के अपने अल्प आयु में भड़ास4पुलिस ने पुलिस क्राइम और भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों को उजागर किया है.
अभी हाल ही में मायावती के औरैया दौरे के दौरान सरेआम चापलूसी की हद करने वाले पुलिस अधिकारी का वीडियो भी सबसे पहले (Monday) भड़ास4पुलिस के पास आया. हमने सबसे पहले इस खबर को मैसेज अलर्ट के जरिए ब्रेक किया. आप यूट्यूब पर वीडियो के अपलोडिंग टाइम से इसका अंदाजा लगा सकते हैं. इसके कई घंटे बाद अन्य मीडिया संस्थानों ने इसे मुद्दा बनाया. उम्मीद करते हैं कि जैसे भड़ास4मीडिया तरक्की कर रहा है, उसी तरह एनएनआई समूह का पुलिस केंद्रित न्यूज पोर्टल भड़ास4पुलिस भी तरक्की करेगा.
भवदीय
प्रवीण साहनी
संपादक
भड़ास4पुलिस












shashank
February 11, 2011 at 7:16 am
ek taraf jahan IAS officer mayawati raajya mein trahimaam karte nazar aate hain wahin is tarah se pulis waalon ki chplusi ujagar karke aapne ek behtreen kaam kiya hai. yah dikhata hai aapki nispaksta ko aur mayawati ki taanasahi ko. umeed hai ki aapki nispaksh aur nirvik ptrakaarita aage bhi dekhne ko mile.
shekhar
February 11, 2011 at 7:20 am
धन्यवाद प्रवीण जी आपने भारतीय राजनीति और लोकतान्त्रिक व्यवस्था की सच्चाई उजागर की है . आशा है परिणाम सामने आयेगा और जनता भी देख सकेगी किनके हाथों में उत्तर प्रदेश की सत्ता है .
Rohit
February 11, 2011 at 10:40 am
भड़ास4पुलिस एक बेहतरीन प्रयास है… इस वेबसाइट के ज़रिए हमें पुलिसकर्मियों की कई ऐसी करतूतें देखने को मिली हैं… जिसके बारे में सिर्फ अब तक सुना था… आप अपने इस प्रयास को जारी रखें, हम आपके साथ हैं।
rahul
February 11, 2011 at 2:33 pm
praveen ji aapka idea baut acha hai,policewalo ko ab ghabarat hoti hai ki kal bhadas kis par nikalegi
sharvansaini
February 14, 2011 at 10:22 am
m so happy that ki kise ne to esa kuch kiya ki chaplusi karne wale or ek parti leader ke kheelaf dikya ummend hai ki aage bhi bhads ese hi kamm karega